फ्री एंट्री, दर्शकों की भारी भीड़; रांची JSCA स्टेडियम में भगदड़ की क्या वजहें?
झारखंड टी-20 प्रीमियर लीग के फाइनल मुकाबले के दौरान रांची के धुर्वा स्थित जेएससीए इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में मंगलवार रात को भगदड़ मच गई। इसमें कई लोग घायल हो गए। इस रिपोर्ट में जानें किन वजहों से हुई ऐसी घटना…

झारखंड टी-20 प्रीमियर लीग के फाइनल मुकाबले के दौरान रांची के जेएससीए स्टेडियम में मंगलवार को भगदड़ मच गई जिसमें 4 से 5 लोग घायल हो गए। भारी भीड़ और एंट्री के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने के कारण यह घटना हुई। कुछ घायलों को गंभीर चोटों के कारण अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। बताया जाता है कि घटना के बाद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर हालात पर काबू पाया। इस रिपोर्ट में हादसे की वजहों पर एक नजर…
1- फ्री एंट्री के कारण जुटी भारी भीड़
कुछ घायलों को राज अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। कुछ को पारस अस्पलात, सदर अस्पताल के अलावा नजदीकी अस्पतालों में भी ले जाया गया। घटना की वजहों के बारे में स्थानीय लोगों ने बताया कि एंट्री फ्री होने के कारण मैच देखने के लिए 30 हजार से अधिक क्रिकेट प्रेमी स्टेडियम पहुंचे थे। इस कदर भारी भीड़ का अंदाजा शायद आयोजकों को नहीं था।
2- एंट्री व्यवस्था कमजोर होने के चलते हादसा
स्थानीय लोगों ने बताया कि एंट्री व्यवस्था बेहद कमजोर थी। दर्शकों को लंबे समय तक गेट के बाहर रोके रखा गया, जिससे भीड़ का दबाव लगातार बढ़ता गया। हालात तब बिगड़ गए जब एंट्री नहीं मिलने से नाराज लोगों ने पश्चिमी गेट (वेस्ट गेट) की बैरिकेडिंग तोड़ दी। इसके बाद अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाकर इधर-उधर भागने लगे।
3- एंट्री की होड़, हंगामा और अफरातफरी
यही नहीं नॉर्थ गेट पर भी भीड़ ने हंगामा किया। एमएस धौनी पवेलियन (साउथ पवेलियन) की ओर भी अफरातरफी रही। स्टेडियम के गेट बाहर हजारों लोग खड़े थे। गेट बंद होने के कारण भीड़ ने गेट तोड़ने की कोशिश की। जैसे ही एकबार गेट खुला तो हजारों की भीड़ एकसाथ दाखिल होने लगी। भारी भीड़ के कारण कई लोग अंदर घुसते ही गिर पड़े और चीखने लगे। इनमें बच्चे और महिलाएं भी शामिल थे। भगदड़ जैसे हालात बने जिसमें कई लोग घायल हुए।
4- एंट्री के लिए नहीं थे पर्याप्त इंतजाम
SSP राकेश रंजन ने बताया कि लोगों की एंट्री के लिए कम गेट खुले थे। अचानक भीड़ बढ़ गई और तलाशी की स्पीड धीमी थी। इससे भीड़ बेकाबू हुई। वहीं स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि आयोजकों की ओर से भीड़ पर काबू पाने के इंतजाम नहीं थे। पर्याप्त संख्या में सुरक्षाकर्मी और बैरिकेडिंग नहीं होने के कारण हालात बेकाबू हुए जिससे भगदड़ हुई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हालात पर काबू पाया।
5- सुरक्षा पर नहीं दिया ध्यान
एक चश्मदीद ने बताया कि इंतजाम बहुत खराब थे। फाइनल मुकाबले में केवल 2 गेट खोलने का क्या मतलब था? सभी गेट खोले जाने चाहिए थे। आम लोगों को बहुत परेशानी हुई। लोग मैच देखने के लिए स्टेडियम के अंदर जाने के लिए दीवारों पर चढ़ने लगे… अफरातफरी मच गई जिससे यह हादसा हुआ। एक अन्य शख्स ने कहा कि इंतजाम बेहद खराब थे। अफरातफरी मची और लोग इधर-उधर भागने लगे। कुछ लोगों के फोन भी चोरी हो गए। आयोजकों ने भारी भीड़ और लोगों की सुरक्षा पर ध्यान नहीं दिया।
लेखक के बारे में
Krishna Bihari Singhकृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )
संक्षिप्त विवरण
कृष्ण बिहारी सिंह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह स्टेट टीम के साथ काम कर रहे हैं। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय मीडिया जगत में केबी उपनाम से चर्चित हैं। यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र और हरियाणा में पत्रकारिता कर चुके हैं। मौजूदा वक्त में वह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हैं।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: कृष्ण बिहारी सिंह लोकमत, आज समाज, राष्ट्रीय सहारा, अमर उजाला और दैनिक जागरण अखबार में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। उन्होंने साल 2019 में जागरण डॉट कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा। कृष्ण बिहारी सिंह मौजूदा वक्त में भारत के प्रसिद्ध समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) की स्टेट टीम में डिप्टी चीफ एडिटर (कंटेंट क्रिएटर) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि: लॉ (एलएलबी) और साइंस (बी.एससी, बायोलॉजी) से ग्रेजुएट कृष्ण बिहारी सिंह ने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए और एमफिल किया है। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय राजनीति और वैश्विक मामलों के साथ विधि विषय की गहरी समझ रखते हैं। अखबार से लेकर टेलीविजन और अब डिजिटल मीडिया के बदलावों के साक्षी रहे कृष्ण बिहारी सिंह पाठकों की पसंद और बदलते ट्रेंड को बारीकी से समझते हैं।
रिपोर्टिंग एवं विशेषज्ञता: कृष्ण बिहारी सिंह राजनीति, जिओ पॉलिटिक्स, जन सरोकार और क्राइम की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। कृष्ण बिहारी सिंह ने अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में नेशनल, इंटरनेशनल, बिजनेस, रिसर्च एवं एक्सप्लेनर और संपादकीय टीमों के साथ लंबे समय तक काम किया है। यही वजह है कि खबर के पीछे छिपे एजेंडे की समझ रखने वाले केबी समसामयिक घटनाक्रमों पर गहरा विश्लेषण करते हैं।
पत्रकारिता का उद्देश्य: कृष्ण बिहारी सिंह 'राष्ट्र प्रथम' की भावना के साथ काम करते हैं। केबी का मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी उसका राष्ट्र और लोक कल्याण है। केबी खबरों को पहले प्रमाणिकता की कसौटी पर कसते हैं, फिर आम जनमानस की भाषा में उसे परोसने का काम करते हैं। केबी का मानना है कि रिपोर्टिंग का उद्देश्य पाठकों को न केवल सूचना देना वरन उन्हें सही और असल जानकारी देना है।


