तीन परीक्षाएं रद्द करने को तैयार झारखंड सरकार, नहीं माने छात्र; विधानसभा घेराव का ऐलान

हिन्दुस्तान टीम
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झारखंड की सरकार का दावा है कि छात्रों की 98 फीसदी मांगें मान ली गई हैं। वहीं छात्रों का कहना है कि जेएसएससी सीजीएल की परीक्षा का परिणाम रद्द किया जाए और मामले की जांच सीबीआई से करवाई जाए। सरकार ने तीन परीक्षाएँ रद्द करने पर हामी भरी है।

Jharkhand Protest
छात्रों ने कहा, केवल तीन इस्तीफों से नहीं खत्म होगा आंदोलन

छात्रों के प्रतिनिधिमंडल के साथ करीब 6 घंटे चली वार्ता के बाद झारखंड सरकार तीन परीक्षाएं रद्द करने पर सहमति हो गई है। इसमें जेपीएससी कंबाइंड सिविल सर्विसेज का प्रीलिम्स भी शामिल है। बता दें कि रांची में पिछले 16 दिनों से छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है। झारखंड सरकार जेपीएससी की परीक्षा में कथित वित्तीय गड़बड़ियों की जांच ईडी से करवाने पर हामी भर दी है। बता दें कि एक दिन पहले ही झारखंड पब्लिक सर्विस कमीशन ( JPSC) के तीन सदस्यों ने अपना इस्तीफा दे दिया था। हालांकि छात्र इन इस्तीफों से संतुष्ट नहीं हैं।

ऐसे नहीं खत्म होगा विरोध प्रदर्शन

झारखंड के तकनीकी और उच्च शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार सोनी ने कहा कि सरकार ने छात्रों की 98 फीसदी मांगें मान ली हैं। वहीं आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि जब तक JSSC-CGL का रिजल्ट कैंसल नहीं किया जाता और सीबीआई जांच के आदेश नहीं दिए जाते, तब तक प्रदर्शन खत्म नहीं होगा।

किस मांग पर नहीं बनी सहमति

सरकार ने कई मांगों पर सहमति और जांच के लिए ठोस कदम उठाने का दावा किया, लेकिन जेएसएससी सीजीएल परीक्षा रद्द करने और मामले की सीबीआई जांच पर सहमति नहीं बनी। इसके बाद छात्रों ने आंदोलन जारी रखने और सोमवार को विधानसभा घेराव का ऐलान किया।

रविवार को दिनभर रांची के घटनाक्रम पर पूरे देश की नजर रही। शाम को हाई पावर कमेटी के प्रमुख मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने प्रेस कांफ्रेंस में वार्ता में सहमति और सरकार की कार्रवाई की जानकारी दी। वहीं, छात्रों ने स्पष्ट किया कि सिर्फ आश्वासन से आंदोलन खत्म नहीं होगा।

सुदिव्य कुमार ने कहा कि तीन दिनों की मैराथन बातचीत के दौरान सरकार ने छात्रों की अधिकांश मांगों पर उदार रुख अपनाकर आंदोलन टालने की कोशिश की। मांगों को जांच, संदिग्ध परीक्षाओं को रद्द करने और परीक्षा व्यवस्था में सुधार के तीन हिस्सों में देखा गया। 14वीं जेपीएससी से जुड़े मामले में कार्रवाई पहले ही शुरू हो चुकी है। गिरफ्तारी हुई है और आयोग के सदस्यों के इस्तीफे भी हो गए हैं। वहीं 14वीं जेपीएससी और बैकलॉग परीक्षाओं को रद्द करने पर सरकार सहमत है।

सीआईडी की अबतक की जांच में जेपीएससी के भीतर बड़े पैमाने पर अनियमितता की बात सामने आई है। मामले में परीक्षा उपनियंत्रक श्वेता गुप्ता और कर्मी सोनू कुमार की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच में टीडीपीएल के कर्मी मो. उस्मान के द्वारा ओएमआर शीट में फेरबदल की पुष्टि हुई है। पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांग्ते से भी चार बार पूछताछ हो चुकी है। सीआईडी अब तीनों तत्कालीन सदस्यों से पूछताछ करेगी। सोमवार को डॉ अजिता भट्टाचार्य से पूछताछ होगी।

तीनों से पूछा जाएगा कि उन्हें जेपीएससी के भीतर हो रही अनियमितता की जानकारी थी या नहीं। एल. ख्यांग्ते की भूमिका, 14वीं जेपीएससी पीटी के परिणाम जारी करने को लेकर एल. ख्यांग्ते व अन्य सदस्यों की भूमिका, उनकी आपत्तियों पर भी सीआईडी आधिकारिक बयान दर्ज करेगी। परीक्षा एजेंसी के तौर पर टीडीपीएल के चयन व एंड टू एंड वर्क ऑर्डर आवंटन के पहलुओं पर भी जेपीएससी के तीनों तत्कालीन सदस्यों से पूछताछ होगी।

Ankit Ojha

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Ankit Ojha

विद्यालयी जीवन से ही कलात्मक अभिव्यक्ति, विचारशील स्वभाव और मिलनसार व्यक्तित्व और सामान्य के अंदर डुबकी लगाकर कुछ खास खोज लाने का कौशल पत्रकारिता के लिए अनुकूल साबित हुआ। अंकित ओझा एक दशक से डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी के रहने वाले अंकित ओझा समाचारों की दुनिया में तथ्यों के महत्व के साथ ही संवेदनशीलता के पक्ष को साधने में निपुण हैं। पिछले चार साल से हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप के 'लाइव हिन्दुस्तान' के लिए चीफ कॉन्टेंट प्रड्यूसर पद पर कार्य कर रहे हैं। इससे पहले 'टाइम्स ऑफ इंडिया' और 'इंडियन एक्सप्रेस' ग्रुप के साथ भी कार्य कर चुके हैं।


राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, राज्य और सामाजिक सरोकारों की खबरों के संपादन में लंबा अनुभव होने के साथ ही अपने-आसपास की घटनाओं में समाचार तत्व निकालने की अच्छी समझ है। घटनाओं और समाचारों से संबंधित फैसले लेने और त्वरित समाचार प्रकाशित करने में विशेष योग्यता है। इसके अलावा तकनीक और पाठकों की बदलती आदतों के मुताबिक सामग्री को रूप देने के लिए निरंतर सीखने में विश्वास करते हैं। अंकित ओझा की रुचि राजनीति के साथ ही दर्शन, कविता और संगीत में भी है। लेखन और स्वरों के माध्यम से लंबे समय तक आकाशवाणी से भी जुड़े रहे। इसके अलावा ऑडियन्स से जुड़ने की कला की वजह से मंचीय प्रस्तुतियां भी सराही जाती हैं।


अकादमिक योग्यताः अंकित ओझा ने प्रारंभिक शिक्षा नवोदय विद्यालय से पूरी करने के बाद जामिया मिल्ल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ही ग्रैजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पोस्ट ग्रैजुएट डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है। जामिया में अध्ययन के दौरान ही इटैलियन और उर्दू भाषा में भी कोर्स किए हैं। इसके अलावा पंजाबी भाषा की भी अच्छी समझ रखते हैं। विश्वविद्यालय में NCC का 'C सर्टिफिकेट' भी प्राप्त किया है। IIMC और ऑक्सफर्ड से स्वास्थ्य पत्रकारिता का सर्टिफिकेट भी प्राप्त किया है।

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