झारखंड राज्यसभा चुनाव: नथवानी के पीछे 'NDA' का हाथ, क्यों बढ़ गया क्रॉस वोटिंग का खतरा?
झारखंड राज्यसभा चुनाव में बीजेपी के निर्दलीय परिमल नथवानी को समर्थन देने से मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। इसी के साथ क्रॉस वोटिंग का खतरा भी बढ़ गया है।

झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए नामांकन के अंतिम दिन सोमवार को राज्य की सियासी तस्वीर साफ हो गई। सत्तारूढ़ महागठबंधन के उम्मीदवार झामुमो के बैद्यनाथ राम और कांग्रेस के प्रणव झा ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मौजूदगी में पर्चा दाखिल किया। वहीं एनडीए ने अपना प्रत्याशी उतारने के बजाय दो बार झारखंड से राज्यसभा सांसद रहे निर्दलीय परिमल नथवानी को समर्थन देकर चुनाव को त्रिकोणीय बना दिया। दो सीटों के लिए तीन प्रत्याशी के उतरने के बाद चुनाव का रोमांच बढ़ गया है।
नामांकन के बाद मुकाबला अब सीधे तौर पर विधानसभा के अंकगणित, राजनीतिक प्रबंधन, क्रॉस वोटिंग और रणनीतिक मतदान पर टिक गया है। नामांकन के दौरान दोनों खेमों ने जिस तरह एकजुटता दिखाई, उसका साफ संकेत है कि अगले दस दिनों तक राज्यसभा चुनाव झारखंड की राजनीति का बड़ा केंद्र रहेगा।
नामांकन के दिन शक्ति प्रदर्शन
सोमवार को सुबह से ही महागठबंधन के विधायक विधानसभा पहुंचने लगे थे। सबसे पहले झामुमो विधायक हेमलाल मुर्मू पहुंचे और दोनों सीटों पर जीत का दावा किया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन खुद बैद्यनाथ राम के प्रस्तावक बने। बैद्यनाथ राम और प्रणव झा ने दो-दो सेट में पर्चा भरा। बैद्यनाथ राम के दोनों सेटों में झामुमो के 20 विधायक प्रस्तावक बने, जबकि प्रणव झा के प्रस्तावकों में कांग्रेस व राजद विधायक भी शामिल रहे। नामांकन के बाद सीएम ने गठबंधन नेताओं और विधायकों के साथ बैठक भी की। महागठबंधन ने यह संदेश देने की कोशिश की कि 56 विधायकों का पूरा कुनबा एकजुट है। गठबंधन की ओर से नामांकन के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में माले के अरूप चटर्जी, सुरेश पासवान, भूपेश बघेल, मंत्री सुदिव्य कुमार, दीपिका पांडेय सिंह, शिल्पी नेहा तिर्की, कल्पना सोरेन, संजय यादव आदि मौजूद रहे।
भाजपा ने बदली रणनीति
उधर सुबह भाजपा के मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल के आवास पर एनडीए विधायक दल की बैठक हुई, जहां नथवानी को समर्थन देने पर सहमति बनी। नथवानी भी बैठक में मौजूद रहे। यहीं से एनडीए विधायक विधानसभा के लिए निकले। 11:50 बजे नथवानी पहुंचे और सीपी सिंह, नवीन जयसवाल और एनडीए के अन्य विधायकों के साथ नामांकन दाखिल किया। भाजपा ने स्पष्ट किया कि उसके पास जीत के लिए जरूरी संख्या नहीं है। इसलिए ऐसे प्रत्याशी का समर्थन किया गया जो पहले भी राज्य का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
झारखंड विधानसभा में सोमवार को रिटर्निंग अफसर रंजीत कुमार के समक्ष नामांकन दाखिल करते महागठबंधन के प्रत्याशी बैद्यनाथ राम और प्रणव झा। इस दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, कांग्रेस के भूपेश बघेल, राजद के सुरेश पासवान समेत अन्य प्रस्तावक के रूप में मौजूद रहे। वहीं एनडीए समर्थित परिमल नथवानी ने भी पर्चा दाखिल किया। उनके साथ प्रस्तावक के रूप में भाजपा विधायक सीपी सिंह, नवीन जायसवाल समेत अन्य उपस्थित रहे।
क्रॉस वोटिंग की चर्चा क्यों
सामान्य परिस्थितियों में परिणाम लगभग तय माना जाता है। लेकिन तीसरे उम्मीदवार परिमल नथवानी के मैदान में आने से स्थिति बदल गई है। जानकारों का मानना है कि नथवानी को जीत के लिए अतिरिक्त वोट जुटाने होंगे। यह या तो किसी दल के असंतुष्ट विधायक से आ सकते हैं या फिर क्रॉस वोटिंग की स्थिति में। महागठबंधन लगातार आरोप लगा रहा है कि भाजपा निर्दलीय उम्मीदवार के सहारे हॉर्स ट्रेडिंग का वातावरण बना रही है। वहीं भाजपा का कहना है कि वह किसी प्रकार की खरीद-फरोख्त में विश्वास नहीं करती और केवल एक योग्य उम्मीदवार को समर्थन दे रही है।
नामांकन के बाद तीनों प्रत्याशियों के दावे
झामुमो उम्मीदवार बैद्यनाथ राम ने कहा कि महागठबंधन एकजुट है और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पूरी रणनीति तैयार कर ली है। उनके पास आवश्यक संख्या बल है और उनकी जीत तय है। झारखंड में पहली बार किसी दलित नेता को इस तरह राज्यसभा भेजने का अवसर दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि गुरुजी स्व. शिबू सोरेन की खाली हुई सीट पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एक दलित परिवार के बेटे पर भरोसा जताकर उसे राज्यसभा भेजने का निर्णय लिया है, जो उनके लिए गर्व और भावनाओं से भरा क्षण है।
परिमल नथवानी ने क्या कहा?
वहीं निर्दलीय परिमल नथवानी ने कहा कि झारखंड उनकी कर्मभूमि है और वे दो बार यहां का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। वे अपने किए काम के बल चुनाव लड़ रहे हैं। जीत के लिए जरूरी 28 वोटों के सवाल पर उन्होंने कहा कि राजनीति केवल गणित नहीं है। उन्हें विभिन्न दलों के विधायकों का समर्थन मिलने का विश्वास है।
और अगर तीसरी बार मौका मिला तो पहले से अधिक गति से झारखंड के विकास के लिए काम करेंगे। वह आमतौर पर भी सभी नेताओं से मिलते जुलते रहते हैं। उन्हें समर्थन जरूर मिलेगा।
कांग्रेस उम्मीदवार ने क्या कहा?
कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा ने कहा कि सीएम हेमंत सोरेन के नेतृत्व में महागठबंधन दोनों सीटें जीतेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा उम्मीदवार न उतार धनबल के सहारे राजनीति की कोशिश कर रही है। उन्होंने दावा किया कि गठबंधन के सभी विधायक एकजुट हैं, जनमत की जीत होगी।
और परिणाम महागठबंधन के पक्ष में आएगा। कहा कि झारखंड विरोधी भाजपा और उसके समर्थित प्रत्याशी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें अहमदाबाद भेजेंगे। राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए हर प्रत्याशी को 28 वोट चाहिए।
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Aditi Sharmaअदिति शर्मा
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