मंईयां सम्मान योजना बनेगी और प्रभावी, होने जा रहा ये बड़ा बदलाव; जान लें
मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के क्रियान्वयन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए राज्य सरकार ने पोर्टल के नए मॉड्यूल को विकसित करने का निर्णय लिया है। सरकारर की तरफ से यह महिलाओं को हो रही समस्याओं के चलते उठाया गया है।

मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के क्रियान्वयन को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए राज्य सरकार ने पोर्टल के नए मॉड्यूल को विकसित करने का निर्णय लिया है। यह कदम मुख्य रूप से नए आवेदनों के पंजीकरण, पूर्व में हुई त्रुटियों के सुधार और ऑनलाइन प्रोसेसिंग की सुस्त रफ्तार को तेज करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
महिलाओं को हो रही परेशानी
योजना की समीक्षा के दौरान यह बात सामने आई कि बड़ी संख्या में महिलाओं को सम्मान राशि प्राप्त करने में तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसे गंभीरता से लेते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग ने सभी जिलों के सहायक निदेशकों को कड़े निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने आदेश दिया है कि जिन खातों में अब तक सम्मान राशि नहीं पहुंची है, उनका तत्काल सत्यापन सुनिश्चित किया जाए, ताकि पात्र लाभुकों को योजना का लाभ मिल सके। सरकार को उम्मीद है कि पोर्टल के नए मॉड्यूल के आने से डेटा प्रोसेसिंग में पारदर्शिता आएगी और त्रुटि सुधार की प्रक्रिया आसान होगी, जिससे पात्र महिलाओं के खातों में राशि ससमय भेजी जा सकेगी।
7.42 लाख आवेदन लंबित, रांची सबसे आगे
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना पोर्टल में कुल 7,42,446 लाभुकों के आवेदन लंबित होने की बात सामने आई। इसमें सबसे अधिक आवेदन रांची, धनबाद और पलामू जिले में है, जहां क्रमश: 71,734, 68,307 और 67,231 आवेदन लंबित हैं। इसके अलावा हजारीबाग में 53,800, गढ़वा में 48,858, देवघर में 43,692, पूर्वी सिंहभूम में 39,406, बोकारो में 33,009, साहिबगंज में 32,299, रामगढ़ में 29,233, चतरा में 28,193, दुमका में 27,979, गोड्डा में 26,473, सरायकेला-खरसावां में 26,427, पश्चिमी सिंहभूम में 24,772, गुमला में 24,760, पाकुड़ में 21,092, गिरिडीह में 16,586, लातेहार में 18,442, कोडरमा में 10,148, लोहरदगा में 8977, जामताड़ा में 8291, खूंटी में 6633 सहित सिमडेगा में 6104 आवेदन पोर्टल पर लंबित हैं।
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