झारखंड सरकार में मंत्री सुदिव्य कुमार का हार्ट अटैक से निधन
झारखंड सरकार में मंत्री सुदिव्य कुमार का हार्ट अटैक से निधन हो गया है। शनिवार देर रात सीने में दर्द उठने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया था, जहां इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। सुदिव्य कुमार के निधन के बाद अस्पताल में समर्थकों की भीड़ जुट रही है।

झारखंड सरकार में मंत्री सह गिरिडीह विधायक सुदिव्य कुमार का शनिवार देर रात सवा दो बजे के करीब हार्ट अटैक से निधन हो गया है। उन्होंने गिरिडीह के मर्सी अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनकी मौत के बाद उनके अंतिम दर्शन के लिए मर्सी अस्पताल में भारी भीड़ उमड़ रही है। सुबह नौ बजे तक सीएम हेमंत सोरेन के भी आने की संभावना है। फिलहाल यहां कई विधायक, पूर्व विधायक, छोटे बड़े अफसर और सभी दलों के नेता और कार्यकर्ता गमजदा हालत में मौजूद हैं।
देर रात उठा था सीने में दर्द
बताया गया कि शनिवार रात करीब 12 बजे उनके सीने में दर्द होना शुरू हुआ था। पर उसे वह बर्दाश्त करते रहे। करीब रात दो बजे जब दर्द काफी बढ़ गया तो उन्हें आनन फानन में गिरिडीह के मर्सी अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन सवा दो बजे के बाद उन्हें बचाया नहीं जा सका। इसके बाद यह खबर देर रात ही पूरे राज्य में आग की तरह फैल गई और रात में ही अस्पताल में उनके चाहनेवालों की भीड़ जुटने लगी। दिवंगत मंत्री अपने पीछे पत्नी, दो बेटी और एक बेटा को छोड़ गए हैं।
सुदिव्य कुमार की मौत के बाद मर्सी अस्पताल में भारी संख्या में समर्थक पहुंच रहे हैं। इस दौरान समर्थकों की भीड़ के साथ उनके परिजन भी बेसुध हो गए हैं। भारी संख्या में पहुंच रही भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल लगाया गया है। बताया जा रहा है कि कुछ देरी में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी अस्पताल पहुंच सकते हैं।
डॉक्टरों के अनुसार उनकी मौत कार्डियक अरेस्ट से हुई। शनिवार को वह शिक्षक दिवस से जुड़े कार्यक्रमों में भी शामिल हुए थे। इसके बाद देर रात अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें तत्काल निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों के प्रयास के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
झामुमो परिवार स्तब्ध, बताया अपूरणीय क्षति
सुदिव्य कुमार सोनू के निधन की खबर से झारखंड मुक्ति मोर्चा सहित राज्य में शोक की लहर है। झामुमो ने अपने आधिकारिक शोक संदेश में कहा कि कल तक जो साथी साथ थे, आज उनकी स्मृतियां ही साथ हैं। जीवन की अनिश्चितता ने पार्टी को एक बार फिर गहरे दुख और शोक में छोड़ दिया है।
पार्टी ने कहा कि झामुमो के समर्पित साथी और झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार के असामयिक निधन से पूरा झामुमो परिवार स्तब्ध और मर्माहत है। उनका जाना पार्टी, सरकार और झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति है। उनके संघर्ष, सेवा और योगदान को सदैव स्मरण किया जाएगा। झामुमो ने दिवंगत नेता को भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए शोकाकुल परिवार और उनके साथियों के प्रति संवेदना जताई।
राज्य में शोक की लहर
पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने सुदिव्य सोनू के आकस्मिक निधन पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत दुखद समाचार है। उन्होंने बाबा बैद्यनाथ से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने तथा शोकाकुल परिजनों और समर्थकों को इस असीम पीड़ा को सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की।
परिवहन मंत्री दीपक बिरुवा ने कहा कि साथी मंत्री भाई सुदिव्य सोनू के निधन से मन मर्माहत है। उन्होंने कहा कि देर रात अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। सांसद जोबा माझी ने भी उनके निधन पर स्तब्धता जताते हुए कहा कि सुदिव्य सोनू का जाना झामुमो परिवार के लिए बड़ी क्षति है।
1989 में JMM से शुरू किया था राजनीतिक सफर
सुदिव्य कुमार ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत 1989 में की थी। इसके कुछ दिनों के बाद ही वो गिरीडीह जिले के जेएमएम के जिलाध्यक्ष बनाए गए थे। इस दौरान जेएमएम के साथ लगातार सक्रिय रहे सुदिव्य कुमार 2019 में विधानसभा चुनाव लड़े और जीतकर आए। इसके बाद 2024 में हुए विधानसभा चुनावों में जेएमएम ने एक बार फिर से सुदिव्य कुमार पर भरोसा जताया और मैदान में उतारा। इस बार फिर से सुदिव्य कुमार ने जीतकर गिरिडीह की सीट जेएमएम के खाते में डाल दी। दो लगातार बार जीत के बाद जेएमएम ने उन्हें कैबिनेट में जगह दी। फिलहाल उनके पास नगर विकास एवं आवास, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य जैसे विभागों की जिम्मेदारियां थीं।


