झारखंड शराब घोटाले में पटना का कारोबारी भी शामिल, एसीबी ने बनाया आरोपी

Feb 11, 2026 07:05 am ISTAnubhav Shakya हिन्दुस्तान, अखिलेश सिंह। रांची
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झारखंड शराब घोटाले में कारोबारी श्यामजी शरण की कंपनी द्वारा 5.35 करोड़ रुपये की फर्जी बैंक गारंटी जमा करने का खुलासा हुआ है। एसीबी ने बैंक मुहर और हस्ताक्षर को फर्जी पाया है। वहीं, जमीन घोटाले के आरोपी विनय सिंह और उनकी पत्नी को सुप्रीम कोर्ट से जमानत और दंडात्मक कार्रवाई से राहत मिली है।

झारखंड शराब घोटाले में पटना का कारोबारी भी शामिल, एसीबी ने बनाया आरोपी

झारखंड के चर्चित शराब घोटाले में पटना की कंपनी एडीएसईपी मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रबंध निदेशक (कारोबारी) श्यामजी शरण की मुश्किलें बढ़ गई हैं। एसीबी जांच में यह बात सामने आई है कि श्यामजी शरण की कंपनी ने मानव संसाधन प्रदाता कंपनी विजन हॉस्पिटैलिटी के साथ सीक्रेट एमओयू किया था।

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श्यामजी शरण ने पांच करोड़ से अधिक की फर्जी बैंक गारंटी दी थी। 13 अक्तूबर 2023 के बाद जब फर्जी बैंक गारंटी जमा कराई गई, उसके बाद दोनों कंपनियों में कोई संचार तक नहीं हुआ।

श्यामजी शरण ने दी थी फर्जी गारंटी

एसीबी जांच में पाया गया कि विजन हॉस्पिटैलिटी ने पहले बैंक ऑफ बड़ौदा की वैध गारंटी दी थी, बाद में इसे साजिश के तहत नई दिल्ली की पंजाब एंड सिंध बैंक की फर्जी बैंक गारंटी से बदल दिया गया। विजन हॉस्पिटैलिटी के निदेशक ने खुलासा किया कि श्यामजी शरण के कहने पर ही बैंक गारंटी बदली गई थी। जिस पंजाब एंड सिंध बैंक के नाम पर 5,35,35,241 रुपये की गारंटी दी गई, उस बैंक ने लिखित में दिया है कि उसने कभी ऐसी कोई गारंटी जारी ही नहीं की। एसीबी ने स्वयं जाकर बैंक के अधिकारियों का बयान लिया, तब बैंक के लेटरहेड व मुहर तक फर्जी पाए गए। जिस अधिकारी के हस्ताक्षर बैंक गारंटी पर हैं, उस नाम का कोई अधिकारी बैंक में हैं ही नहीं। एसीबी ने शराब घोटाले से जुड़े केस में भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धाराओं के साथ-साथ आईपीसी की कई धाराओं में श्यामजी शरण को भी आरोपी बनाया है।

जमीन घोटाले में विनय सिंह को सुप्रीम कोर्ट से जमानत

नेक्सजेन के मालिक विनय सिंह व उनकी पत्नी स्निग्धा सिंह को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। शीर्ष अदालत ने विनय सिंह को दो मामलों में नियमित जमानत दी है, जबकि उनकी पत्नी स्निग्धा सिंह को तीन मामलों में किसी भी प्रकार की दंडनात्मक कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया है। अदालत ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बावजूद आरोपी के खिलाफ दो नए मामले दर्ज किए गए हैं, जो गंभीर विषय है। बता दें कि हजारीबाग वन भूमि घोटाला मामले में विनय सिंह के खिलाफ हजारीबाग एसीबी में केस दर्ज किया गया है।

Anubhav Shakya

लेखक के बारे में

Anubhav Shakya
भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली से पत्रकारिता की पढ़ाई करने के बाद जी न्यूज से करियर की शुरुआत की। इसके बाद नवभारत टाइम्स में काम किया। फिलहाल लाइव हिंदुस्तान में बतौर सीनियर कंटेंट प्रोड्यूसर काम कर रहे हैं। किताबों की दुनिया में खोए रहने में मजा आता है। जनसरोकार, सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों में गहरी दिलचस्पी है। एनालिसिस और रिसर्च बेस्ड स्टोरी खूबी है। और पढ़ें