झारखंड में ठनका से 12 लोगों की मौत, आज और कल भी बिजली-आंधी का अलर्ट, कब पहुंचेगा मॉनसून?

लाइव हिन्दुस्तान
Follow us on Google News
share

Jharkhand Weather: झारखंड में बिजली कहर बनकर बरस रही है। राज्य के अलग-अलग इलाकों में 12 लोगों के मरने की खबर आ चुकी है। इसमें दो फुटबॉल खिलाड़ी भी शामिल हैं। मौसम विभाग ने आज और कल बिजली-आंधी को लेकर चेतावनी जारी की है। जानिए कब तक मॉनसून राज्य में सक्रिय होगा।

बिजली गिरने पर कौन सी सावधानी रखें

Jharkhand Weather: झारखंड में मानसून की दस्तक से पहले ही वज्रपात जानलेवा साबित हो रहा है। गुरुवार को राज्य के अलग-अलग जिलों में आंधी-बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब डेढ़ दर्जन लोग झुलस गए। मौसम विभाग ने शुक्रवार और शनिवार को भी राज्य के अधिकांश हिस्सों में तेज हवा, गरज-चमक और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। विभाग का अनुमान है कि 28 जून से झारखंड में मानसून सक्रिय हो सकता है, जिससे कई जिलों में अच्छी बारिश होने की संभावना है।

इन इलाकों में अगले दो दिन आंधी-बिजली की चेतावनी

मौसम विभाग के अनुसार, पलामू, चतरा, गढ़वा और लातेहार को छोड़कर राज्य के अन्य जिलों में अगले दो दिनों तक कहीं-कहीं तेज बारिश के साथ वज्रपात की आशंका बनी रहेगी। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

बिजली गिरने से चतरा में 3, पलामू में 2 की मौत

सबसे ज्यादा मौतें चतरा जिले में हुईं, जहां तीन लोगों ने जान गंवाई। इनमें मयूरहंड के महुगाई गांव की सरोज देवी, सेवाल गांव के सहदेव ठाकुर और लावालौंग प्रखंड के रिमी गांव की 15 वर्षीय पूजा कुमारी शामिल हैं। पलामू जिले में दो लोगों की मौत हुई। पांकी थाना क्षेत्र के उसकू गांव निवासी 63 वर्षीय चिंता कुंवर और पीपराटांड़ थाना क्षेत्र के गोंगो गांव निवासी 12 वर्षीय अनेश कुमार राम वज्रपात की चपेट में आ गए।

2 फुटबॉल खिलाड़ियों की भी गई जान

पश्चिम सिंहभूम में भी दर्दनाक हादसा हुआ। टोकलो के तुरामडीह गांव में फुटबॉल खेलने के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से दो खिलाड़ियों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान 32 वर्षीय साहिल राज सामड और 25 वर्षीय पोंडेराम सामड के रूप में हुई है।

कोडरमा, जामताड़ा, देवघर और रांची में भी मौत

इसके अलावा कोडरमा के फुलवरिया गांव में 26 वर्षीय सोनी कुमारी, जामताड़ा के नारायणपुर क्षेत्र में ससुराल आए 26 वर्षीय सनातन हांसदा और देवघर के सारवां प्रखंड में एक व्यक्ति की वज्रपात से मौत हो गई। वहीं रांची के बेड़ो प्रखंड के टिकराटोली गांव में किसान अब्दुल रऊफ की भी ठनका की चपेट में आने से जान चली गई।

वज्रपात की घटनाओं में कई लोग घायल भी हुए हैं। गिरिडीह में सात, देवघर में चार, गढ़वा में दो और रांची में एक व्यक्ति झुलस गया। सभी घायलों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है।

28 जून से मॉनसून के सक्रिय होने के आसार

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से नमी मिलने के कारण झारखंड में मौसम तेजी से बदल रहा है। 28 जून से मानसून के पूरी तरह सक्रिय होने की संभावना है, जिससे राज्यभर में बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। हालांकि इसके साथ ही वज्रपात का खतरा भी बना रहेगा। ऐसे में लोगों से अपील की गई है कि मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर ही रहें।

Ratan Gupta

लेखक के बारे में

Ratan Gupta

रतन गुप्ता एक डिजिटल हिंदी जर्नलिस्ट/ कॉन्टेंट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान की स्टेट न्यूज टीम के साथ काम कर रहे हैं। वह क्राइम, राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर न्यूज आर्टिकल और एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखते हैं।


रतन गुप्ता वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर स्टेट न्यूज टीम में काम करते हैं। इस टीम में हिंदी पट्टी के 8 राज्यों दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गुजरात से जुड़ी खबरों की कवरेज करते हैं। उनका लेखन खास तौर से क्राइम, राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित रहता है।


लाइव हिंदुस्तान में बीते 2 साल से काम करते हुए रतन ने ब्रेकिंग न्यूज, राजनीतिक घटनाक्रम और कानून-व्यवस्था से जुड़ी खबरों पर लगातार लेखन किया है। इसके साथ ही वह एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखने में भी विशेष रुचि रखते हैं, जहां जटिल मुद्दों को सरल और तथ्यपरक भाषा में पाठकों के सामने रखते हैं।


रतन गुप्ता ने बायोलॉजी में ग्रेजुएशन किया है, जिसके बाद उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता की पढ़ाई की है। साइंस बैकग्राउंड होने के कारण उनकी न्यूज और एनालिसिस स्टोरी में साइंटिफिक टेंपरामेंट, लॉजिकल अप्रोच और फैक्ट-बेस्ड सोच साफ दिखाई देती है। वह किसी भी मुद्दे पर रिपोर्टिंग करते समय दोनों पक्षों की बात, मौजूद तथ्यों और आधिकारिक स्रोतों को प्राथमिकता देते हैं, ताकि यूजर तक संतुलित और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे।


इसके साथ ही आईआईएमसी की एकेडमिक पढ़ाई ने उन्हें रिपोर्टिंग, न्यूज प्रोडक्शन, मीडिया एथिक्स और पब्लिक अफेयर्स की गहरी समझ दी है। इसका सीधा असर उनके लेखन की विश्वसनीयता और संतुलन में दिखाई देता है।

और पढ़ें
Hindi Newsझारखंड न्यूज़झारखंड में ठनका से 12लोगों की मौत, आज-कल बिजली-आंधी का अलर्ट, कब पहुंचेगा मॉनसून