झारखंड में अब अवैध निर्माणों को भी करवा सकेंगे वैध, राज्य सरकार ने लॉन्च किया पोर्टल; जानिए नियम व शर्तें

पीटीआई, रांची, झारखंड
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इसके साथ ही योजना के बारे में और ज्यादा जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि, नियमितीकरण की यह योजना केवल G+2 (ग्राउंड फ्लोर + दो मंजिल) तक की रिहायशी इमारतों या 300 वर्ग फीट से कम आकार के प्लॉट पर बने घरों पर ही लागू होगी।

Jharkhand launches online portal to regularise unauthorised buildings

झारखंड के नागरिकों को एक बड़ी सौगात देते हुए राज्य सरकार ने बिना शासकीय स्वीकृति के बने आवासीय भवनों को वैध कराने की प्रक्रिया को अब बेहद आसान बना दिया है। राज्य सरकार के शहरी विकास मंत्री सुदिव्य कुमार ने गुरुवार को इसके लिए समर्पित एक ऑनलाइन पोर्टल की शुरुआत की है। इस बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि यह कदम 15 अप्रैल को राज्य कैबिनेट द्वारा 'झारखंड अनधिकृत निर्मित भवन नियमितीकरण नियमावली, 2026' को दी गई मंजूरी के बाद उठाया गया है। इसका मकसद कुछ शर्तों और जुर्माने के ज़रिए कुछ खास तरह के बिना मंजूरी के बने निर्माणों को कानूनी दायरे में लाना है।

कुमार ने बताया कि इस पोर्टल के लॉन्च होने के बाद, अब लोग अपने घरों को नियमित करवाने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट करते हुए बताया कि, 'इस नियम का मकसद बिना मंजूरी के निर्माण कार्यों को बढ़ावा देना बिल्कुल नहीं है, बल्कि इसका मकसद तो उन लोगों को राहत देना है जो पहले ही बिना स्वीकृत बिल्डिंग प्लान के अपने मकान बनवा चुके हैं।'

नियमितीकरण की प्रक्रिया को बना दिया आसान

शहरी विकास मंत्री ने बताया कि सरकार ने नियमितीकरण की प्रक्रिया को आसान बना दिया है और इसके लिए एक ऐसा प्रावधान भी जोड़ा है, जिसके तहत आवेदक अपनी फीस तीन किस्तों में जमा कर सकते हैं, ताकि उन पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ कम हो सके।

दो महीने के अंदर जमा करने होंगे आवेदन

उधर इस बारे में जानकारी देते हुए शहरी विकास विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार ने बताया कि नियमितीकरण के लिए आवेदन पोर्टल लॉन्च होने की तारीख से दो महीने के अंदर जमा करने होंगे। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आवेदनों को मंजूर करने या नहीं करने की जिम्मेदारी अधिकारियों पर होगी, और उनसे यह उम्मीद की जाती है कि वे आवेदनों पर छह महीने के अंदर फैसला ले लेंगे।

हजारों परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद

इसके साथ ही योजना के बारे में और ज्यादा जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि, नियमितीकरण की यह योजना केवल G+2 (ग्राउंड फ्लोर + दो मंजिल) तक की रिहायशी इमारतों या 300 वर्ग फीट से कम आकार के प्लॉट पर बने घरों पर ही लागू होगी। उन्होंने बताया कि सरकार की इस पहल से राज्य के हजारों ऐसे परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जो लंबे समय से अपने आशियाने को कानूनी मान्यता दिलाने का इंतजार कर रहे थे।

किन मकानों को मिलेगा इस योजना का लाभ?

  • अधिकतम G+2 (ग्राउंड फ्लोर + दो मंजिल) तक बने हों।
  • या फिर जो मकान 300 वर्ग फीट से कम के प्लॉट पर बनाए गए हैं।

Sourabh Jain

लेखक के बारे में

Sourabh Jain

सौरभ जैन पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम में कार्यरत हैं। वह दिल्ली-एनसीआर, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और गुजरात से जुड़े घटनाक्रम पर खबरें और विश्लेषण लिखते हैं।


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परिचय और अनुभव: सौरभ जैन भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक हिस्सा हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 16 वर्षों से ज्यादा का अनुभव है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्टेट सेक्शन में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वे पिछले लगभग तीन सालों से यहां कार्यरत हैं। सौरभ का करियर टीवी मीडिया से शुरू होकर डिजिटल मीडिया की गतिशीलता तक फैला हुआ है, जो उन्हें खबरों को गहराई और सटीकता के साथ प्रस्तुत करने में सक्षम बनाता है।


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सौरभ ने बैचलर ऑफ कॉमर्स की डिग्री लेने के बाद पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखा और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पोस्ट ग्रेजुएशन का कोर्स किया। इस क्षेत्र में साल 2009 से सक्रिय होने के बाद सौरभ ने पहले टीवी के क्षेत्र में अलग-अलग डेस्क पर कार्य अनुभव लिया, इस दौरान उन्होंने टिकर डेस्क से शुरुआत करने के बाद न्यूज डेस्क में कॉपी राइटिंग का अनुभव हासिल किया, इस दौरान क्षेत्रीय विषयों से लेकर राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय विषयों पर खबरें लिखीं। इसके बाद उन्हें बॉलीवुड और हेल्प-लाइन डेस्क में भी काम करने का मौका मिला। हेल्प लाइन डेस्क में काम करने के दौरान उन्हें स्वास्थ्य, करियर और आम लोगों से जुड़े कई विषयों को जानने व समझने का मौका मिला।

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