जमीन मामले में हेमंत सोरेन को झटका, कोर्ट ने खारिज की डिस्चार्ज याचिका

हिन्दुस्तान, रांची
Follow us on Google News
share

पीएमएलए की स्पेशल कोर्ट ने जमीन मामले में मुख्यमंत्री की डिस्चार्ज याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा, आरोपों पर विचार करने के लिए पर्याप्त सामग्री नहीं है। मामला 8.86 एकड़ जमीन और मनी लॉड्रिंग से जुड़ा है। 

 cm hemant soren news

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को 8.86 एकड़ जमीन और मनी लॉड्रिंग मामले में बड़ा झटका लगा है। क पीएमएलए की विशेष अदालत ने सोमवार को फैसला सुनाते हुए उन्हें आरोपमुक्त करने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने आदेश सुनाते हुए कहा कि मामले में उपलब्ध सामग्री प्रथम दृष्टया आरोपों पर विचार करने के लिए पर्याप्त है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद तीन जून को आदेश सुरक्षित रख लिया था।

इस मामले में हेमंत की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने अदालत में दलील दी थी कि 8.86 एकड़ भूमि का अनुसूचित अपराध से कोई प्रत्यक्ष संबंध नहीं है। बचाव पक्ष ने कहा कि भूमि उनके नाम पर नहीं है। न ही यह साबित करने वाला कोई प्रत्यक्ष सबूत है कि वह जमीन उनके कब्जे में थी। ईडी द्वारा पेश कई गवाहों के बयान केवल सुनी-सुनाई बातों पर आधारित हैं। उनसे किसी आपराधिक साजिश का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।

वहीं, ईडी ने कहा कि याचिका के माध्यम से आरोपी इस स्तर पर मिनी ट्रायल कराना चाहते हैं, जबकि आरोप गठन के चरण में अदालत को केवल यह देखना होता है कि उपलब्ध सामग्री से अपराध की प्रथम दृष्टया संभावना बनती है या नहीं। ईडी ने दावा किया कि जांच में ऐसे पर्याप्त तथ्य सामने आए हैं, जिनसे आरोपी की भूमिका की जांच और मुकदमे की सुनवाई जरूरी हो जाती है।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने इस मामले के सिलसिले में कई जगहों पर छापेमारी की और कई लोगों को पूछताछ के लिए तलब किया। हेमंत सोरेन को भी कई बार समन किया गया था। ईडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत करीब 18 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। हेमंत सोरेन को ईडी ने 31 जनवरी, 2024 को पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया था। झारखंड हाई कोर्ट ने 28 जून, 2024 को उन्हें जमानत दे दी थी।

सीएम पद से दिया था इस्तीफा

गिरफ्तारी से पहले सोरेन ने 2024 में झारखंड के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद चंपाई सोरेन को मुख्यमंत्री बनाया गया था। वहीं 2024 के विधानसभा चुनावों में झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) और कांग्रेस गठबंधन की शानदार जीत के बाद वे फिर से मुख्यमंत्री पद पर लौट आए।

Aditi Sharma

लेखक के बारे में

Aditi Sharma

अदिति शर्मा

अदिति शर्मा डिजिटल मीडिया की एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें लाइव हिंदुस्तान, TV9 भारतवर्ष और न्यूज नेशन जैसे संस्थानों में 9 वर्षों का अनुभव है। BCA और MMC की शैक्षणिक पृष्ठभूमि के साथ, वे तकनीक और पत्रकारिता के मूल्यों का सटीक संतुलन बनाती हैं। उनकी विशेषज्ञता राजनीति, अपराध और शोध-आधारित लेखन में है, जहां वे सकारात्मक प्रभाव डालने वाली विश्वसनीय पत्रकारिता को प्राथमिकता देती हैं।


विस्तृत बायो

डिजिटल मीडिया के इस दौर में, अदिति शर्मा पिछले 9 सालों से सूचनाओं को खबरों में और खबरों को अटूट विश्वसनीयता में बदलने का काम कर रही हैं। वर्तमान में 'लाइव हिंदुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत रहते हुए, उनकी पत्रकारिता का मुख्य आधार रफ्तार के साथ गहरी सटीकता बनाए रखना रहा है। उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि तकनीकी और मीडिया शिक्षा का एक संतुलित मेल है। उन्होंने वेस्ट बंगाल स्टेट यूनिवर्सिटी से BCA किया है। इसके बाद उन्होंने इंडिया टुडे मीडिया इंस्टीट्यूट (ITMI) से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की, जिसने उनके पत्रकारिता कौशल को निखारा।


अदिति के करियर का एक बड़ा हिस्सा TV9 भारतवर्ष, न्यूज नेशन और इंडिया टुडे जैसे देश के प्रतिष्ठित न्यूज रूम्स के साथ बीता है। इस दौरान उन्होंने न केवल पॉलिटिक्स, क्राइम और स्टेट न्यूज जैसी 'हार्ड-कोर' खबरों को कवर किया, बल्कि फीचर राइटिंग, ओपिनियन आर्टिकल्स और रिसर्च-आधारित गहन लेखन के जरिए खबरों की तह तक जाने का सफल प्रयास किया है।


उनके लिए पत्रकारिता केवल सूचना देना नहीं, बल्कि मल्टीमीडिया का एक संपूर्ण अनुभव है। एंकरिंग से लेकर वीडियो प्रोडक्शन और 'कैलेंडर जर्नलिज्म' से लेकर 'फैक्ट चेक' तक, उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता के हर अनिवार्य पहलू को जिया है। सोशल मीडिया की नब्ज पहचानना और कंटेंट को लाखों लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना उनकी सबसे बड़ी पेशेवर ताकत है।


तथ्यों के प्रति उनकी ईमानदारी और 'मीडिया लॉ एंड एथिक्स' के दायरे में रहकर जनता की आवाज उठाना ही उनकी पत्रकारिता का असली उद्देश्य है। वे नई तकनीक और पत्रकारिता के पुराने मूल्यों के बीच एक ऐसा संतुलन बनाने में विश्वास रखती हैं, जिससे समाज को न केवल सही जानकारी मिले, बल्कि उस पर लोगों का भरोसा भी बना रहे। उनका हमेशा यह प्रयास रहता है कि उनकी खबरों से समाज में एक सकारात्मक बदलाव आए।

और पढ़ें
Hindi Newsझारखंड न्यूज़जमीन मामले में हेमंत सोरेन को झटका, कोर्ट ने खारिज की डिस्चार्ज याचिका