
झारखंड में मजदूरों की बढ़ी मजदूरी, अब मिलेंगे हर दिन काम के इतने रुपए
झारखंड के असंगठित क्षेत्रों में काम कर रहे अकुशल, अर्द्धकुशल, कुशल और अति कुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी दरों में बढ़ोतरी की गई है। अब इन्हें काम करने के लिए हर दिन पहले की अपेक्षा ज्यादा पैसे मिलेंगे।
झारखंड के असंगठित क्षेत्रों में काम कर रहे अकुशल, अर्द्धकुशल, कुशल और अति कुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी दरों में बढ़ोतरी की गई है। चारों तरह के श्रमिकों की दैनिक मजदूरी 502, 527, 694 और 800 रुपए निर्धारित की गई है। एक अक्तूबर 2024 में यह मजदूरी दर क्रमश: 487, 511, 674 और 777 रुपए दैनिक थी।

इस हिसाब से इस वर्ष दैनिक मजदूर दर में बढ़ोतरी क्रमश: 15, 16, 20 और 23 रुपए की गई है। न्यूनतम मजदूरी दरों में बदलाव महंगाई भत्ते के अनुसार किया गया है, जो जनवरी से जून 2025 के अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के औसत बिंदु पर आधारित है।
आराम के दिन का श्रमिकों को देय पारिश्रमिक शामिल
मजदूरी दरों में हुए बदलाव का भुगतान 1 अक्तूबर 2025 की तिथि से किया जाएगा। इसे लेकर श्रम, नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है। अधिसूचना में कहा गया है कि न्यूनतम मजदूरी की निर्धारित दरों में सात दिनों की अवधि में विश्राम के दिन के लिए श्रमिकों को देय पारिश्रमिक शामिल है। पुरुष या स्त्री श्रमिक को एक ही काम या इसी प्रकार के काम के लिए समान दर पर मजदूरी मिलेगी।
90 अधिसूचित नियोजनों में से कुछ प्रमुख की दरें निर्धारित
● श्रेणी ‘क’ (कुल 49 नियोजन) - बांध निर्माण एवं सिंचाई योजना, सड़क निर्माण, निजी हॉस्पिटल एवं नर्सिंग होम्स, प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी, कंप्यूटर शिक्षा संस्थान आदि में नियोजन
● ख’ (कुल-41 नियोजन) - खादी ग्रामोद्योग, हैंडलूम उद्योग, अबरक कार्य, डेयरी, पॉल्ट्री फॉर्म, सिलाई उद्योग, को-ऑपरेटिव सेक्टर आदि में नियोजन
जिलों का वर्गीकरण
● ए - रांची, चास, धनबाद, देवघर, हजारीबाग, मानगो, आदित्यपुर (सभी नगर निगम), जमशेदपुर अधिसूचित क्षेत्र, जुगसलाई नगर परिषद
● बी - ए श्रेणी को छोड़ सभी जिलों के नगर निकाय क्षेत्र
● सी - राज्य के अन्य क्षेत्र
90 नियोजनों की दरों का किया गया निर्धारण
श्रम विभाग ने मजदूरी दरों के निर्धारण के लिए राज्य के सभी जिलों को तीन श्रेणियों यथा ‘ए’, ‘बी’ और ‘सी’ के आधार पर बांटा है। वहीं, मजदूरी दरों का निर्धारण राज्य के 90 अधिसूचित नियोजनों के लिए किया गया है। उक्त नियोजनों को श्रेणी ‘क’ (कुल 49 नियोजन) और ’ख’ (कुल-41 नियोजन) में बांटा गया है।





