
झारखंड: डॉक्टर की लापरवाही, महिला के पेट में छोड़ा ‘सामान’, बची जान पर मिला जीवनभर का दर्द
झारखंड के कोडरमा सदर अस्पताल के एक डॉक्टर की लापरवाही के कारण एक परिवार बर्बादी के कगार पर पहुंच गया है। परिवार का आरोप है कि डॉक्टर ने लापरवाही से पत्नी के पेट में ऐसा सामान छोड़ दिया जिससे उसकी मौत हो सकती थी।
झारखंड के कोडरमा से एक डरा देने वाली खबर सामने आई है। एक शख्स ने आरोप लगाया है कि सदर अस्पताल कोडरमा के डॉक्टर अब्दुल रहमान की लापरवाही के कारण उनका परिवार बर्बादी के कगार पर पहुंच गया है। शख्स ने कोडरमा डीसी को दिए आवेदन में कहा है कि डॉक्टर अब्दुल रहमान ने लापरवाही से उसकी पत्नी का सिजेरियन ऑपरेशन किया और उसके पेट में ही गॉज (टेट्रा) छोड़ दी जिससे उसकी मौत हो सकती थी। उसकी जान तो बचा ली गई लेकिन अब वह कभी मां नहीं बन सकेगी।
सदर अस्पताल कोडरमा में हुआ था ऑपरेशन
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, प्रसव पीड़ा से कराहती प्रसूता गिरिडीह जिले के राजधनबार से 11 जुलाई 2025 को सदर अस्पताल कोडरमा पहुंचती है। यहां महिला का सिजेरियन होता है। एक स्वस्थ बच्चे को जन्म देती है। कुछ दिन अस्पताल में भर्ती रहने के बाद वह खुशी-खुशी अपने घर राजधनबार लौट जाती है। पूरे परिवार में हर्ष का माहौल रहता है।
ऑपरेशन के 3 माह बाद उठा दर्द
हालांकि परिवार की खुशियां ज्यादा दिन नहीं टिक पाती हैं। करीब तीन माह बाद महिला के पेट में असहनीय पीड़ा उठती है। जब उसका दर्द हद से गुजर जाता है तो वह गया में एक डॉक्टर से मिलती है। डॉक्टर उसे अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह देते हैं। अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट में जो तथ्य निकलकर सामने आते हैं उससे पूरा परिवार सहम जाता है।
पेट में छोड़ी गॉज
किसी फिल्मी कहानी जैसी दिखनेवाली यह घटना संजय कुमार की पत्नी खुशबू कुमारी के साथ हुआ है। अल्ट्रासाउंड में यह पता चलता है कि उसके पेट में गॉज (टेट्रा) छूटा हुआ है। डॉक्टर बताते हैं कि अगर इसे पेट से तत्काल नहीं निकाला गया तो खुशबू की जान तक जा सकती है।
जान बची लेकिन कभी नहीं बन सकेगी मां
इसके बाद परिवार के लोग खेत बेचकर और कर्ज लेकर गया में खुशबू का ऑपरेशन 17 अक्तूबर को गया में कराते हैं। ऑपरेशन में पेट में गॉज छूटने वाली बात सही निकलती है। इसके बाद खुशबू को कई दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ता है। इस ऑपरेशन के बाद खुशबू की जान तो बच जाती है, मगर उसे एक आजीवन दर्द मिल जाता है। डॉक्टरों की मानें तो अब खुशबू कभी मां नहीं बन सकती है।
सिजेरियन के दौरान पेट में गॉज छोड़ने का आरोप
इस घटना के बाद संजय कुमार का परिवार पूरी तरह से टूट चुका है। उसपर इलाज के दौरान काफी कर्ज हो चुका है। नौकरी तक चली गई है। अब संजय कुमार कोडरमा डीसी ऋतुराज से इंसाफ और मदद की गुहार लगा रहे हैं।
डॉक्टर अब्दुल रहमान पर आरोप, डीसी से गुहार
संजय कुमार ने इसको लेकर कोडरमा डीसी को एक आवेदन दिया है। इसमें उन्होंने कहा कि उनकी पत्नी का ऑपरेशन सदर अस्पताल के डॉक्टर अब्दुल रहमान ने किया है। डॉक्टर अब्दुल रहमान की लापरवाही के वजह से आज उसका परिवार तबाही के कगार पर है, कर्ज में डूब चुका है। यहां तक की खेतबारी सब बिक चुकी है। संजय की गुहार है कि उसे इंसाफ मिले। ऐसे लापरवाह डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
हमारी पीड़ा का हिसाब मिले: खुशबू
पीड़िता ने हिन्दुस्तान से बातचीत के दौरान बताया कि उसकी पीड़ा और फजीहत का उसे इंसाफ मिले। जिले के वरीय पदाधिकारी उसे उसकी फजीहत और दर्द का हिसाब दिलाएं। खुशबू ने बताया कि डॉक्टरों का काम मरीजों को जीवन देना है, किसी का जीवन लेना नहीं। खुशबू ने ऑपरेशन करनेवाले डॉक्टर अब्दुल रहमान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इसके लिए कोडरमा डीसी और एसपी को आवेदन देकर इंसाफ की गुहार लगायी है।
शिकायत आई तो कराएंगे जांच
इस मामले में कोडरमा सदर अस्पताल के सिविल सर्जन डॉक्टर अनिल कुमार ने बताया कि अभी उनके पास इस तरह का कोई आवेदन नहीं आया है। अगर आवेदन आता है तो इसकी जांच करायी जाएगी। इस तरह का मामला होना नहीं चाहिए, अगर हुई है तो यह लापरवाही है। सिविल सर्जन ने कहा कि वे इसकी तह तक जांच कराएंगे। कोडरमा जिले को सदर अस्पताल को बदनाम करने का अधिकार किसी को नहीं है।





