
धमकी देकर बनाता था संबंध, HC ने कहा- ये मानसिक क्रूरता
महिला का आरोप है कि इसके बाद पति ने इन तस्वीरों को सोशल मीडिया पर अपलोड करने की धमकी भी दी। इसके बाद उसे कई बार यौन संबंध बनाने के लिए मजबूर किया गया और वे शारीरिक और मानसिक क्रूरता का शिकार हुई।
झारखंड में एक महिला का पति और ससुरालवाले शादी से पहले की उसकी कुछ पुरानी तस्वीरों को लेकर उसे परेशान करते थे। ऐसे में झारखंड कोर्ट ने महिला की तलाक की अर्जी पर सुनवाई करते हुए कहा कि क्रूरत शारीरिक ही नहीं बल्कि मानसिक भी हो सकती है। कोर्ट ने महिला को तलाक की अनुमति भी दे दी। इससे पहले फैमिली कोर्ट ने महिला की तलाक की अर्जी खारिज कर दी थी। ऐसे में महिला ने हाई कोर्ट का रुख किया था।
क्या है मामला?
दरअसल कपल ने धनबाद जिले के झारी में हिंदू रीति-रिवाजों के साथ 13 मार्च 2020 को शादी कर ली थी। इसके बाद दोनों साथ रहने लगे। पत्नी का आरोप है कि शादी के महज एक दिन बाद ही जब वह सो रही थी तो पति ने उसके मोबाइल फोन से कुछ निजी पुरानी तस्वीरें अपने फोन में ट्रांसफर कर लीं। महिला का आरोप है कि इसके बाद पति ने इन तस्वीरों को सोशल मीडिया पर अपलोड करने की धमकी भी दी। इसके बाद उसे कई बार यौन संबंध बनाने के लिए मजबूर किया गया और वे शारीरिक और मानसिक क्रूरता का शिकार हुई।
पति ने लगाए आरोप
हालांकि, पति ने आरोपों से इनकार किया और दावा किया कि शादी के बाद पत्नी देर रात तक किसी और से बात करती थी। पति का कहना है कि जब उसने पत्नी से उसके रिलेशनशिप के बारे में पूछा तो उसने एक्सट्रा मैरिटल अफेयर होने की बात स्वीकार भी की। पति का दावा है कि उसकी पत्नी ने कहा कि वे इसे खत्म नहीं करेगी।
पत्नी को अपमान झेलना पड़ा
मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने गौर किया कि पति ने अपनी पत्नी की पुरानी तस्वीरें परिवार के सदस्यों को दिखाई जिसके बाद पत्नी को अपमान झेलना पड़ा। कोर्ट ने माना कि ऐसा करना 'पति द्वारा पत्नी का चरित्र हनन करने के अलावा और कुछ नहीं' और इसे मानसिक क्रूरता करार दिया। वहीं कोर्ट ने ये भी कहा कि क्रूरता शारीरिक ही नहीं मानसिक भी हो सकती है।
कोर्ट ने कहा कि पति-पत्नी का रिश्ता भरोसे और सम्मान पर आधारित होता है और अगर यह टूट जाए तो इसे ठीक नहीं किया जा सकता क्योंकि भरोसा ही विवाह की नींव है जो एकबार टूट जाए तो फिर से जोड़ना मुश्किल हो जाता है। पत्नी के अतीत को हथियार बनाकर उसकी निजता का उल्लंघन करना मानसिक क्रूरता है।





