दिल्ली में इन छात्रों को IAS की कोचिंग दिलाएगी झारखंड सरकार, फ्लैट भी लिए जाएंगे

Mar 14, 2026 09:47 am ISTMohammad Azam लाइव हिन्दुस्तान
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झारखंड सरकार ने आदिवासी, अल्पसंख्यक, पिछड़ा वर्ग और अनुसूचित जाति के साथ महिला बाल विकास विभाग के लिए 3568 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई। इसमें दिल्ली में छात्रों आईएएस कोचिंग दिलाई जाएगी।

दिल्ली में इन छात्रों को IAS की कोचिंग दिलाएगी झारखंड सरकार, फ्लैट भी लिए जाएंगे

झारखंड विधानसभा में शुक्रवार को अनुसूचित जाति, अनुसुचित जनजाति अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग के साथ महिला बाल विकास विभाग के 3568.19 करोड़ की अनुदान मांग को स्वीकृति दी गई। इससे पहले इस बजट के कटौती प्रस्ताव पर चर्चा की गई। चर्चा के बाद सरकार की ओर से जवाब देते हुए मंत्री चमरा लिंडा ने कहा कि सरकार दिल्ली में फ्लैट लेकर झारखंडी युवाओं को आईएएस के लिए कोचिंग देगी।

SC छात्रों के लिए बनेगा कोचिंग संस्थान

एससी छात्रों के लिए कमड़े में पांच तल्ला कोचिंग संस्थान बन रहा है। वहीं ओबीसी के लिए शहीद निर्मल महतो के नाम पर नगड़ा टोली में जेईई और नीट तैयारी के लिए कोचिंग करायी जाएगी। हर जिले में तीन तल्ले का वृहद धुमकुड़िया बनाएंगे, पहले तल्ले में कल्चरल सेंटर, बीच में कोचिंग और तीसरे तल्ले में लाइब्रेरी होगी। उन्होंने साथ ही बताया कि हर प्रमंडल में आदिवासी कल्याण विभाग अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ अस्पताल का संचालन करेगा, जिसमें एमआरआई सहित अन्य सुविधाएं होगी। वहीं, कोडरमा की विधायक डॉ नीरा यादव ने मांग की कि सरकार झारखंड के सभी जिलों में ओबीसी के लिए छात्रावास बनाए। दिव्यांगों और वृद्धों के लिए पेंशन को हजार से बढ़ाकर 2500 रुपए करे।

बजट में 333 करोड़ कटौती: पूर्णिमा साहू

पूर्णिमा साहू ने कहा कि सर्वजन पेंशन में सरकार लाभुकों की संख्या बढ़ाने की बात करती है पर पिछले बजट के मुकाबले ही इस बजट में 333 करोड़ की कटौती कर दी है। एससी एसटी ओबीसी महिलाओं से जुड़ी अधिकतर योजना सिर्फ कागजों पर ही है। रामेश्वर उरांव ने कहा कि एसटी, एससी, ओबीसी के लिए क्वालिटी एजुकेशन पर ध्यान देने की जरुरत है। टीआरआई संस्थान को उन्नत करने की जरूरत है। वहीं, बाबूलाल मरांडी ने सरकार के जवाब के दौरान मंत्री को रोककर कहा कि असम के बजाय यहां झारखंड की बात करें तो बेहतर होगा। झारखंड के ट्राइबल छात्रावास में जाकर वहां की स्थिति को देखें, वहां न तो गार्ड हैं, न रसोइया और न ही स्थिति बेहतर है।

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आजम ने ग्रेजुएशन तक विज्ञान की पढ़ाई की है, लेकिन राजनीतिक विषयों में रुचि उनको पत्रकारिता की तरफ खींच लाई। आजम ने अपना पोस्ट ग्रेजुएशन देश के अग्रणी संस्थानों में से एक भारतीय जनसंचार संस्थान से पूरा किया। विज्ञान बैकग्राउंड होने के चलते आजम को फैक्ट आधारित पत्रकारिता करने में महारत हासिल है।


राजनीतिक पत्रकारिता में आजम

आजम की देश की राजनीति में काफी रुचि है। आजादी के पहले से लेकर आजादी के बाद की राजनीतिक घटनाओं की कई किताबों का अध्ययन होने के चलते अच्छी समझ है। यही कारण रहा कि आजम ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत राजनीतिक बीट से की। राजनीति के साथ आजम क्राइम और सोशल मीडिया पर वायरल चल रही खबरों में भी अच्छी महारत हासिल है।


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आजम का मानना है कि पत्रकारिता जनपक्षीय होनी चाहिए। पत्रकारिता के दौरान अपनी भावनाओं को काबू में रखकर तथ्य आधारित पत्रकारिता आजम को जिम्मेदार बनाती है। पत्रकारिता में आजम तथ्य आधारित सूचनाएं पहुंचाने के साथ ही, साहित्यिक लेखन में भी महारत हासिल है।


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