झारखंड में सरकारी भुगतान और DBT की डेडलाइन बदली; कब तक होंगे ट्रांजैक्शन, क्यों हुआ बदलाव?

Ratan Gupta हिन्दुस्तान, रांची
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झारखंड के वित्त विभाग ने वित्त वर्ष 2025-26 के आखिरी दिन होने वाले सरकारी भुगतान की तिथि में संशोधन करते हुए इसका निर्देश जारी किया है।

झारखंड में सरकारी भुगतान और DBT की डेडलाइन बदली; कब तक होंगे ट्रांजैक्शन, क्यों हुआ बदलाव?

झारखंड के वित्त विभाग ने वित्त वर्ष 2025-26 के आखिरी दिन होने वाले सरकारी भुगतान की तिथि में संशोधन करते हुए इसका निर्देश जारी किया है। पूर्व में 31 मार्च को अंतिम कार्य दिवस बताते हुए आरबीआई के दिशानिर्देश के अनुसार कुबेर प्रणाली के अंतर्गत भुगतान और ई-रसीदों एवं अन्य के संबंध में निर्देश जारी किए गये थे। लेकिन 31 को महावीर जयंती की छुट्टी होने के कारण झारखण्ड सरकार का अंतिम कार्यदिवस 30 मार्च निर्धारित है। इसलिए 30 मार्च को ही प्राप्त विपत्रों को पारित कर भुगतान किया जाएगा।

30 मार्च तक होंगे सरकारी भुगतान

अब 31 की बजाए 30 मार्च को सभी प्रकार के सरकारी भुगतान शाम छह बजे तक ही किए जा सकेंगे। उस दिन ई-पेमेंट के माध्यम से भुगतान भी तय समय के भीतर ही करने होंगे। यह व्यवस्था आरबीआई के निर्देशों के आधार पर लागू की गई है। वित्त विभाग की अपर निदेशक संध्या गुप्ता ने सभी उपायुक्त, कोषागार /उपकोषागार पदाधिकारी और उपमहाप्रबंधक, राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति को इसका निर्देश जारी किया है।

30 मार्च तक प्राप्त हुए ई पेमेंट का ही भुगतान होगा

इसमें कहा है कि 30 मार्च को अंतिम कार्यदिवस की रात 10 बजे तक एसएफटीपी सर्वर में प्राप्त हुए ई पेमेंट फाइल का ही भुगतान किया जाएगा। साथ ही नेशनल ऑटोमेटेड क्लियरिंग हाउस (एनएसीएच) की प्रस्तुति सत्र की कट ऑफ समय सीमा, डीबीटी भुगतान की प्रोसेसिंग के लिए 30 मार्च को 12 बजे से बढ़ाकर तीन बजे तक किए जाने एवं रिटर्न सेशन को छह बजे तक बंद किए जाने की सूचना दी गयी है।

आम लोगों और विभागों पर क्या असर होगा

वित्तीय वर्ष के अंतिम दिनों में सरकारी विभागों द्वारा लंबित भुगतान और खातों के समायोजन का कार्य तेजी से किया जाता है। ऐसे में तय समयसीमा के भीतर सभी ट्रांजैक्शन पूरा करना जरूरी होता है, ताकि नए वित्त वर्ष की शुरुआत सुचारू रूप से हो सके। इस बदलाव का असर राज्य के विभिन्न विभागों, ठेकेदारों और लाभार्थियों पर पड़ सकता है। जिन योजनाओं के तहत DBT के जरिए राशि ट्रांसफर की जाती है, उनमें समयसीमा के कारण भुगतान प्रक्रिया पहले ही पूरी करनी होगी। संबंधित विभागों को भी अपने लंबित बिल और भुगतान समय रहते निपटाने के निर्देश दिए गए हैं।

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लेखक के बारे में

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रतन गुप्ता एक डिजिटल हिंदी जर्नलिस्ट/ कॉन्टेंट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान की स्टेट न्यूज टीम के साथ काम कर रहे हैं। वह क्राइम, राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर न्यूज आर्टिकल और एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखते हैं।


रतन गुप्ता वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर स्टेट न्यूज टीम में काम करते हैं। इस टीम में हिंदी पट्टी के 8 राज्यों दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गुजरात से जुड़ी खबरों की कवरेज करते हैं। उनका लेखन खास तौर से क्राइम, राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित रहता है।


लाइव हिंदुस्तान में बीते 2 साल से काम करते हुए रतन ने ब्रेकिंग न्यूज, राजनीतिक घटनाक्रम और कानून-व्यवस्था से जुड़ी खबरों पर लगातार लेखन किया है। इसके साथ ही वह एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखने में भी विशेष रुचि रखते हैं, जहां जटिल मुद्दों को सरल और तथ्यपरक भाषा में पाठकों के सामने रखते हैं।


रतन गुप्ता ने बायोलॉजी में ग्रेजुएशन किया है, जिसके बाद उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता की पढ़ाई की है। साइंस बैकग्राउंड होने के कारण उनकी न्यूज और एनालिसिस स्टोरी में साइंटिफिक टेंपरामेंट, लॉजिकल अप्रोच और फैक्ट-बेस्ड सोच साफ दिखाई देती है। वह किसी भी मुद्दे पर रिपोर्टिंग करते समय दोनों पक्षों की बात, मौजूद तथ्यों और आधिकारिक स्रोतों को प्राथमिकता देते हैं, ताकि यूजर तक संतुलित और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे।


इसके साथ ही आईआईएमसी की एकेडमिक पढ़ाई ने उन्हें रिपोर्टिंग, न्यूज प्रोडक्शन, मीडिया एथिक्स और पब्लिक अफेयर्स की गहरी समझ दी है। इसका सीधा असर उनके लेखन की विश्वसनीयता और संतुलन में दिखाई देता है।

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