कोल्हान में किसका दबदबा, 8 निकायों में BJP और गठबंधन की कितनी जीत; कौन पड़ा भारी?
कोल्हान में जेएमएम-कांग्रेस गठबंधन का दबदबा रहा। यहां के 8 निकायों में से गठबंधन ने 6 पर जीत दर्ज की है। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों की मजबूत मानी जाने वाली पार्टी ने जेएमएम ने शहरी क्षेत्रों में भी अपना दबदबा बना लिया।

झारखंड की राजनीति में कोल्हान प्रमंडल हमेशा से सत्ता का द्वार माना जाता रहा है। कोल्हान में हाल ही में संपन्न हुए नगर निकाय चुनाव के परिणामों ने शुक्रवार को राज्य की राजनीति में एक नया अध्याय लिख दिया है। पारंपरिक रूप से ग्रामीण क्षेत्रों तक सीमित मानी जाने वाली झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने इस बार शहरी मतदाताओं के बीच भी अपनी पैठ मजबूत करते हुए भाजपा को बैकफुट पर धकेल दिया है। कोल्हान के आठ प्रमुख निकायों में से छह पर सत्ताधारी गठबंधन (झामुमो एवं कांग्रेस) ने कब्जा जमाया है।
गठबंधन की बंपर जीत
इन चुनावों में झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस के गठबंधन ने कोल्हान के आठ प्रमुख निकायों में से छह के अध्यक्ष और महापौर पदों पर शानदार जीत दर्ज कर अपनी पैठ मजबूत कर ली है। विशेष रूप से झामुमो ने इस बार अपनी उस छवि को पीछे छोड़ दिया है, जिसमें उसे केवल ग्रामीण क्षेत्रों की पार्टी माना जाता था। पार्टी ने चाईबासा, चक्रधरपुर, सरायकेला के साथ-साथ पूर्वी सिंहभूम के चाकुलिया और मानगो नगर निगम जैसे शहरी क्षेत्रों में भी परचम लहराया है। इस चुनावी रण में भाजपा को कई महत्वपूर्ण सीटों पर बैकफुट पर जाना पड़ा है, जिससे शहरी मतदाताओं के बीच उसकी पकड़ कमजोर होती दिखाई दे रही है।
गठबंधन का आंतरिक समीकरण
जुगसलाई नगर परिषद का मामला राजनीतिक रूप से काफी दिलचस्प रहा। यहां आधिकारिक रूप से झामुमो समर्थित प्रत्याशी डोली मल्लिक की हार हुई, लेकिन विजेता प्रत्याशी राज्य अल्पसंख्यक आयोग के चेयरमैन और कद्दावर झामुमो नेता हिदायतुल्लाह खान की पत्नी हैं। इस लिहाज से अनौपचारिक रूप से यह सीट भी झामुमो के ही खाते में गिनी जा रही है। मानगो नगर निगम में महापौर का पद सत्ताधारी गठबंधन के साथी दल कांग्रेस के पास गया। यहां पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता की पत्नी सुधा गुप्ता ने जीत दर्ज की। हालांकि यहां झामुमो समर्थित प्रत्याशी लक्की सिंह की करारी हार हुई, लेकिन अंततः मेयर की कुर्सी गठबंधन के ही पास रही।
चाईबासा में रहा रोमांचक मुकाबला
चुनाव परिणामों का सूक्ष्म विश्लेषण करें तो चाईबासा नगर परिषद में बेहद रोमांचक मुकाबला देखने को मिला। यहां झामुमो समर्थित प्रत्याशी नितिन प्रकाश ने भाजपा के कद्दावर उम्मीदवार रमेश खिरवाल को 504 मतों के अंतर से शिकस्त दी।
नितिन प्रकाश को कुल 6978 मत प्राप्त हुए, जबकि रमेश खिरवाल 6474 मतों के साथ दूसरे स्थान पर रहे। लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बाद भाजपा के लिए यह तीसरी बड़ी हार है, जो पार्टी के लिए चिंता का विषय बन गई है। चक्रधरपुर में नगर परिषद अध्यक्ष के पद पर झामुमो समर्थित उम्मीदवार सन्नी उरांव ने जीत दर्ज की। वहीं, भाजपा के विजय गागराई हार गए। वहीं, सरायकेला नगर पंचायत में अधिकतम मतदान का लाभ झामुमो समर्थित मनोज कुमार चौधरी को मिला। उन्होंने कांटे की टक्कर में राजा प्रताप आदित्य सिंहदेव और भाजपा समर्थित सुमित कुमार चौधरी को पछाड़ते हुए 449 मतों से जीत हासिल की।
चाकुलिया में जेएमएम की जीत
पूर्वी सिंहभूम के चाकुलिया नगर पंचायत में भी झामुमो का जादू सिर चढ़कर बोला। यहां झामुमो समर्थित उम्मीदवार और पूर्व पार्षद सोमबारी सोरेन ने भाजपा की चंदना मुर्मू को 727 मतों के भारी अंतर से पराजित किया। सोमबारी सोरेन को 3445 मत मिले, जबकि भाजपा प्रत्याशी 2718 मतों पर सिमट गईं। इस मुकाबले में जेएलकेएम समर्थित संध्या रानी सरदार तीसरे स्थान पर रहीं।
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