झारखंड की पाकुड़ विधानसभा सीट BJP के लिए बड़ी चुनौती, अपने ही नेताओं से बगावत का डर

Mohammad Azam लाइव हिन्दुस्तान
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  • झारखंड की पाकुड़ विधानसभा सीट पर मुस्लिम वोटर सबसे ज्यादा हैं। यह सीट एनडीए के बंटवारे में आजसू के हिस्से आई है, लेकिन भाजपा नेता इसे स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं। बीजेपी के एक नेता ने निर्दलीय चुनाव लड़ने के लिए 24 पर्चे खरीदे हैं।

झारखंड की पाकुड़ विधानसभा सीट BJP के लिए बड़ी चुनौती, अपने ही नेताओं से बगावत का डर

झारखंड में चुनावी बिगुल बजते ही राजनीतिक पार्टियां अपनी तैयारियों को अंतिम मुकाम तक पहुंचाने में जुटी हैं। वहीं एनडीए ने भी सीट शेयरिंग का खुलासा कर दिया है। भाजपा ने इस बार पाकुड़ की सीट आजसू के कोटे में डाल दिया है। पाकुड़ विधानसभा सीट पर मुस्लिम वोटरों की संख्या सबसे ज्यादा है। पाकुड़ की सीट आजसू कोटे में जाने से आजसू के समर्थकों में तो खुशी देखी जा रही है, परंतु टिकट पाने की आस में बैठे भाजपा नेताओं को बड़ा झटका लगा है। इससे भाजपा का बड़ा तबका नाराज दिख रहा है।

65 प्रतिशत हैं मुस्लिम वोटर

भाजपा के कुछ कार्यकर्ता दबी जुबान तो कुछ सोशल मीडिया पर खुलेआम निर्दलीय उम्मीदवारी की ताल ठोक रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार पाकुड़ विधानसभा में करीब 65 प्रतिशत मुस्लिम वोटर हैं, जो निर्णायक स्थिति में हैं। इन वोटरों का समर्थन कांग्रेस को ही मिलता रहा है। सूत्रों की मानें तो इसी समीकरण को देखते हुए आजसू ने मुस्लिम समुदाय से ही प्रत्याशी देने का इशारा भी किया है।

बगावत का भी डर

आजसू समर्थकों का मानना है कि मुस्लिम समुदाय से प्रत्याशी होने के कारण मुस्लिम वोटरों का झुकाव होगा और गठबंधन के कारण भाजपा समर्थकों का वोट भी आजसू को मिलेगा, परंतु भाजपा के एक तबके की नाराजगी को देखते हुए इस समीकरण में सेंध दिख रहा है। भाजपा के एक नेता ने तो 24 को पर्चा खरीदने का भी ऐलान कर दिया है। अगर भाजपा से कोई कार्यकर्ता निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनावी मैदान में उतरता है तो निश्चित तौर पर हिंदू वोटरों का बिखराव होगा। ऐसे में आजसू को इसका नुकसान उठाना पड़ सकता है। इस स्थिति में भाजपा अपने नाराज कुनबे को कैसे मनाएगी, यह बड़ा सवाल है। यहां बता दें कि इस विधानसभा में भाजपा का अपना वोट करीब 80 हजार के आसपास है। यह बात पिछले लोकसभा चुनाव के आंकड़े भी स्पष्ट कर रहे हैं। बहरहाल नतीजा क्या होगा, यह तो चुनाव बाद परिणाम ही बताएगा।

अबतक दो बार भाजपा ने चखा है जीत का स्वाद

1952-2019 के बीच हुए विधानसभा चुनाव में नौ बार कांग्रेस, दो बार भाजपा, एक बार झारखंड पार्टी, एक बार जनता पार्टी, एक बार जनसंघ, एक बार सीपीएम और एक बार झामुमो के प्रत्याशी ने पाकुड़ का प्रतिनिधित्व किया। यहां 1990 और 1995 में भाजपा प्रत्याशी को जीत मिली थी। इसके बाद से अधिकतर कांग्रेस व एक बार झामुमो प्रत्याशी को जीत मिली है।

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मोहम्मद आजम पिछले 3.5 सालों से पत्रकारिता कर रहे हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम में बतौर कंटेंट प्रोडूसर काम कर रहे हैं।


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परिचय और अनुभव: मोहम्मद आजम पिछले तीन सालों से ज्यादा समय से पत्रकारिता कर रहे हैं। कम समय में आजम ने पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया की बारीकियां सीखी हैं और अब भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्टेट न्यूज टीम में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।


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आजम ने ग्रेजुएशन तक विज्ञान की पढ़ाई की है, लेकिन राजनीतिक विषयों में रुचि उनको पत्रकारिता की तरफ खींच लाई। आजम ने अपना पोस्ट ग्रेजुएशन देश के अग्रणी संस्थानों में से एक भारतीय जनसंचार संस्थान से पूरा किया। विज्ञान बैकग्राउंड होने के चलते आजम को फैक्ट आधारित पत्रकारिता करने में महारत हासिल है।


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आजम की देश की राजनीति में काफी रुचि है। आजादी के पहले से लेकर आजादी के बाद की राजनीतिक घटनाओं की कई किताबों का अध्ययन होने के चलते अच्छी समझ है। यही कारण रहा कि आजम ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत राजनीतिक बीट से की। राजनीति के साथ आजम क्राइम और सोशल मीडिया पर वायरल चल रही खबरों में भी अच्छी महारत हासिल है।


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