रांची में ताबड़तोड़ छापे; सेक्स रैकेट गैंग का भंडाफोड़, कई युवक-युवतियां अरेस्ट
झारखंड पुलिस ने रांची में विभिन्न जगहों पर छापेमारी कर के एक बड़े सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में महिला सरगना और बंगाल से बुलाई गई पांच युवतियों समेत कुल आठ लोग गिरफ्तार हुए हैं।

झारखंड पुलिस ने रांची में चल रहे एक बड़े सेक्स रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए एक महिला सरगना और पांच युवतियों समेत कुल 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने लालपुर, चुटिया सहित कई थाना क्षेत्रों में एक साथ छापेमारी की। इस छापेमारी में पश्चिम बंगाल से बुलाई गई लड़कियों को पकड़ा गया। जांच में सामने आया कि एजेंट इन लड़कियों को रांची लाकर होटलों में देह व्यापार के लिए सप्लाई करते थे। पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
5 लड़कियां अरेस्ट
एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस को रांची के होटलों और अन्य जगहों पर देह व्यापार की जानकारी मिली थी। इस जानकारी पर एक पुलिस टीम बनाई गई जिसने अलग-अलग जगहों पर छापेमारी करके पूरे गिरोह को पकड़ लिया। पुलिस ने एक होटल से 3 लड़कियों और एक ग्राहक को पकड़ा है और बरियातू से भी 2 लड़कियों को गिरफ्तार किया है।
अलग-अलग होटलों में रखी जाती थीं लड़कियां
पुलिस जांच में पता चला है कि ये सभी लड़कियां पश्चिम बंगाल से आई हैं। कुछ एजेंट इन लड़कियों को रांची लाकर देह व्यापार करा रहे हैं। इन युवतियों को अलग-अलग होटलों में रखा जाता था। इन्हें ग्राहकों के बुलाने पर उनके बताए स्थान पर भेजा जाता है। पुलिस गिरफ्त में आईं पांचों लड़कियों और तीन युवकों से चुटिया थाना में पूछताछ की जा रही है। इस रैकेट की सरगना एक महिला बताई जा रही है। उसको भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
सरगना महिला का आपराधिक रिकॉर्ड
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि हिरासत में ली गई मुख्य आरोपी महिला का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है। वह पहले भी जेल जा चुकी है। एक युवती को एक रात के लिए करीब दो हजार रुपये तक दिए जाते थे जबकि एजेंट ग्राहक से पांच हजार रुपये वसूलता था। पुलिस को संदेह है कि इस धंधे में और भी लोग शामिल हैं। गिरोह की सरगना महिला हाई प्रोफाइल लोगों को भी लड़कियां की सप्लाई करती थी।
कुल 8 लोग गिरफ्तार
पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस रैकेट में कई अन्य शामिल हैं। बड़ी संख्या में लड़कियां भी शामिल हैं। छापेमारी के दौरान कुछ के फरार होने की भी सूचना है। लड़कियों को बहुत गुप्त तरीके से होटलों और किराए के मकानों में छिपाकर रखा जाता था। अब तक आठ लोग पकड़े जा चुके हैं। इन सभी से पूछताछ की जा रही है। पुलिस अधिकारी का कहना है कि पूछताछ में गंभीर खुलासे होने की संभावना है।
लेखक के बारे में
Krishna Bihari Singhकृष्ण बिहारी सिंह वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम का हिस्सा (दिल्ली-NCR, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, राजस्थान और गुजरात )
संक्षिप्त विवरण
कृष्ण बिहारी सिंह पिछले 15 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। कृष्ण बिहारी सिंह लाइव हिन्दुस्तान में कार्यरत हैं। वह स्टेट टीम के साथ काम कर रहे हैं। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय मीडिया जगत में केबी उपनाम से चर्चित हैं। यूपी के मऊ जिले से ताल्लुक रखने वाले केबी महाराष्ट्र और हरियाणा में पत्रकारिता कर चुके हैं। मौजूदा वक्त में वह दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हैं।
विस्तृत बायो
परिचय और अनुभव: कृष्ण बिहारी सिंह लोकमत, आज समाज, राष्ट्रीय सहारा, अमर उजाला और दैनिक जागरण अखबार में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। उन्होंने साल 2019 में जागरण डॉट कॉम से डिजिटल मीडिया में कदम रखा। कृष्ण बिहारी सिंह मौजूदा वक्त में भारत के प्रसिद्ध समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) की स्टेट टीम में डिप्टी चीफ एडिटर (कंटेंट क्रिएटर) के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि: लॉ (एलएलबी) और साइंस (बी.एससी, बायोलॉजी) से ग्रेजुएट कृष्ण बिहारी सिंह ने महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए और एमफिल किया है। कृष्ण बिहारी सिंह भारतीय राजनीति और वैश्विक मामलों के साथ विधि विषय की गहरी समझ रखते हैं। अखबार से लेकर टेलीविजन और अब डिजिटल मीडिया के बदलावों के साक्षी रहे कृष्ण बिहारी सिंह पाठकों की पसंद और बदलते ट्रेंड को बारीकी से समझते हैं।
रिपोर्टिंग एवं विशेषज्ञता: कृष्ण बिहारी सिंह राजनीति, जिओ पॉलिटिक्स, जन सरोकार और क्राइम की खबरों पर पैनी नजर रखते हैं। कृष्ण बिहारी सिंह ने अब तक विभिन्न मीडिया संस्थानों में नेशनल, इंटरनेशनल, बिजनेस, रिसर्च एवं एक्सप्लेनर और संपादकीय टीमों के साथ लंबे समय तक काम किया है। यही वजह है कि खबर के पीछे छिपे एजेंडे की समझ रखने वाले केबी समसामयिक घटनाक्रमों पर गहरा विश्लेषण करते हैं।
पत्रकारिता का उद्देश्य: कृष्ण बिहारी सिंह 'राष्ट्र प्रथम' की भावना के साथ काम करते हैं। केबी का मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी उसका राष्ट्र और लोक कल्याण है। केबी खबरों को पहले प्रमाणिकता की कसौटी पर कसते हैं, फिर आम जनमानस की भाषा में उसे परोसने का काम करते हैं। केबी का मानना है कि रिपोर्टिंग का उद्देश्य पाठकों को न केवल सूचना देना वरन उन्हें सही और असल जानकारी देना है।



