नशा तस्करों का सुराग दें, इनाम पाएं; झारखंड सरकार की नई पॉलिसी क्या है?
झारखंड सरकार ने नशे की तस्करी रोकने के लिए सरकारी कर्मचारियों और मुखबिरों को 3 हजार से 2 लाख रुपये तक का नकद इनाम देने की नीति को मंजूरी दी है। विस्तृत जानकारी के लिए पढ़ें यह रिपोर्ट…

झारखंड सरकार ने नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए एक नई इनाम नीति को मंजूरी दी है। इसके तहत ड्रग्स तस्करों की खुफिया सूचना देने वाले सरकारी कर्मचारियों और मुखबिरों को 3 हजार रुपये से लेकर 2 लाख रुपये तक का नकद इनाम देने का प्रावधान है। यही नहीं सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का महंगाई भत्ता भी 58 फीसदी से बढ़ाकर 60 फीसदी कर दिया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
मंत्रिमंडल सचिवालय और सतर्कता विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव वंदना दादेल ने पत्रकारों को बताया कि नशा और नशीले पदार्थों की तस्करी करने वालों के बारे में खुफिया जानकारी देने वालों को नकद पुरस्कार 3,000 रुपये से लेकर 2 लाख रुपये तक हो सकता है। यह नशीले पदार्थ या ड्रग्स की मात्रा और प्रकार सहित विभिन्न मापदंडों पर निर्भर करता है।
कैबिनेट ने एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत प्रतिबंधित मादक पदार्थों के अवैध उत्पादन और तस्करी के संबंध में जानकारी प्रदान करने के लिए लोगों को प्रोत्साहित करने और उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई को प्रेरित करने के वास्ते एक इनाम नीति को मंजूरी दी है। मादक पदार्थ के संबंध में सूचना देने वाले सरकारी कर्मचारियों और मुखबिरों को नकद इनाम दिया जाएगा।
कर्मचारियों का डीए भी बढ़ाया
झारखंड सरकार ने अपने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (डीए) को 58 से बढ़ाकर 60 फीसदी कर दिया है। पेंशनभोगियों के लिए भी महंगाई राहत भत्ते में भी 2 फीसदी की बढ़ोतरी करके इसे 60 प्रतिशत कर दिया गया है। यह बढ़ोतरी एक जनवरी से प्रभावी होगी। कैबिनेट की बैठक में 39 प्रस्ताव पारित किए गए। इनमें दुमका एयरपोर्ट पर मौसम संबंधी सेवाओं के लिए राज्य सरकार और मौसम विभाग के बीच समझौता ज्ञापन के मसौदे को भी मंजूरी दी।
झारखंड भवन में कमरों के बुकिंग की दर बढ़ी
राज्य सरकार ने झारखंड भवन दिल्ली में कमरों के बुकिंग की दर में बढ़ोतरी कर दी है। सरकारी कार्य के लिए आरक्षण शुल्क अब 20 रुपये की जगह 100 रुपये लगेगा। निजी के लिए 200 की जगह पहले तीन दिन 750 रुपये लगेगा, 4-6 दिन के लिए 1000 रुपये और सात दिन या उससे अधिक पर प्रतिदिन 2000 लगेंगे। वहीं, निजी व्यक्ति के लिए या वीआईपी की सिफारिश पर आने वालों के लिए पहले तीन दिन 3000, 4-6 दिन 4000 और सात दिन या उससे अधिक पर प्रतिदिन 5000 लगेंगे।
कलाकारों के मासिक पेंशन में छूट
राज्य में गंभीर रूप से बीमार और दिव्यांग कलाकारों के लिए मासिक पेंशन योजना में छूट दी गई है। पूर्व में 60 साल की उम्र आवश्यक थी, जिसे खत्म कर दिया गया है। 60 वर्ष से अधिक उम्र के वृद्ध कलाकारों, गंभीर रूप से बीमार और दिव्यांग कलाकारों को हर महीने 4000 रुपये मासिक पेंशन दिया जाएगा। यह लाभ उन्हें ही मिल सकेगा जिनकी सभी स्त्रोतों से मासिक आय 8000 रुपये से कम है।
(हिंदुस्तान संवाददाता के इनपुट के साथ)
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