हेमंत सरकार 24 को पेश करेगी ‘अबुआ दिशोम बजट’, महिला किसानों की आय बढ़ाने व इन बातों पर रहेगा जोर

Feb 16, 2026 05:47 pm ISTSourabh Jain हिन्दुस्तान टीम, सत्यदेव यादव, रांची, झारखंड
share

हेमंत सरकार राज्य की मंईयां को स्वरोजगार के लिए ‘मुख्यमंत्री मंईयां उद्यम योजना’ लाने जा रही है। इसके तहत बैंकों के माध्यम से एकमुश्त 20,000 रुपए का लोन दिया जाएगा। इस योजना को लेकर राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति, भारतीय रिजर्व बैंक, नाबार्ड व अन्य बैंकों के साथ बैठक हो चुकी है।

हेमंत सरकार 24 को पेश करेगी ‘अबुआ दिशोम बजट’, महिला किसानों की आय बढ़ाने व इन बातों पर रहेगा जोर

झारखंड विधानसभा में 24 फरवरी को पेश होने जा रहा हेमंत सरकार का वित्त वर्ष 2026-27 का ‘अबुआ दिशोम बजट’ झारखंड की महिला किसानों के लिए ऐतिहासिक साबित हो सकता है। विश्व स्तर पर वर्ष 2026 को संयुक्त राष्ट्र ने ‘अंतर्राष्ट्रीय महिला किसान वर्ष’ घोषित किया है। इसी पृष्ठभूमि में हेमंत सरकार राज्य की महिला किसानों को विकास का केंद्रीय आधार बनाने की तैयारी में है। सूत्रों के अनुसार, महिला किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें कृषि आधारित उद्यमी बनाने को बजट में दो विशेष योजनाओं की घोषणा संभव है।

महिला किसानों की आय बढ़ाने पर रहेगा जोर

राज्य में करीब 38 लाख किसानों में महिलाओं (19 लाख) की आधी हिस्सेदारी है। खेती-किसानी में उनकी बराबरी की भागीदारी को नीति-स्तर पर मान्यता देने की तैयारी है। महिला किसानों की आय संवर्धन एवं मार्केट लिंक के लिए नई योजना लाई जा सकती है। इस योजना के तहत कृषि गतिविधियों में महिला किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी। उनके द्वारा तैयार कृषि उत्पादों को सीधे बाजार से जोड़ने के लिए विशेष मार्केट लिंक, FPO और सहकारिता मॉडल को बढ़ावा दिया जाएगा। महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से उत्पादन, प्रोसेसिंग और पैकेजिंग को संस्थागत रूप दिया जा सकता है। उद्देश्य महिला किसानों को ‘मजदूर’ नहीं, ‘उद्यमी’ के रूप में स्थापित करना। हेमंत सरकार महिला किसानों को व्यवसाय की ओर ले जाने की तैयारी में है। मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की और कृषि विभाग के अधिकारियों के बीच हुई चर्चा के बाद प्रस्ताव सीएम कार्यालय भेजा गया है।

मुख्यमंत्री मंईयां उद्यम योजना लाने की तैयारी

हेमंत सरकार राज्य की मंईयां को स्वरोजगार के लिए ‘मुख्यमंत्री मंईयां उद्यम योजना’ लाने जा रही है। इसके तहत बैंकों के माध्यम से एकमुश्त 20,000 रुपए का लोन दिया जाएगा। इस योजना को लेकर राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति, भारतीय रिजर्व बैंक, नाबार्ड व अन्य बैंकों के साथ बैठक हो चुकी है। बैकों ने इस योजना को लेकर एकमत से सहमति जतायी है। इस योजना को बजट का हिस्सा बनाए जाने की पूरी संभावना है।

बजट का बढ़ता आकार और महिला किसानों पर जोर

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए करीब 1.70 लाख करोड़ रुपए का ‘अबुआ दिशोम बजट’ लाने की तैयारी है। आकार में यह अब तक का सबसे बड़ा बजट होगा। कृषि कार्यबल में बड़ी हिस्सेदारी के बावजूद भू-स्वामित्व व वित्तीय पहुंच में महिलाओं की हिस्सेदारी सीमित रही है। नया बजट इन असमानताओं को कम करने में ठोस कदम साबित हो सकता है। बजट महिला किसानों के ‘विकास की धुरी’ बन सकता है।

गांवों की मजबूती पर बल

वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने विभागों को ऐसा बजट तैयार करने का निर्देश दिया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति मिले। बजट में सामाजिक कल्याण, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तीकरण व ग्रामीण विकास पर विशेष बल रहेगा। चतरा में डॉ. भीमराव आंबेडकर विवि की स्थापना का प्रस्ताव शामिल हो सकता है। राज्य में ही समग्र उपचार की दिशा में पहल भी संभावित है।

सिंचाई क्षमता बढ़ाई जाएगी

राज्य के पठारी क्षेत्रों में मिट्टी क्षरण और वर्षा जल रोकने के लिए मेडबंदी पर विशेष प्रावधान संभव है। बजट में वर्षा जल संचय व जल संरक्षण को महिला किसानों की भागीदारी से जोड़ने की रणनीति बनाई जा रही है, ताकि खेती की उत्पादकता और सिंचाई क्षमता दोनों बढ़ें।

Sourabh Jain

लेखक के बारे में

Sourabh Jain

सौरभ जैन पिछले 16 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम में कार्यरत हैं। वह दिल्ली-एनसीआर, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और गुजरात से जुड़े घटनाक्रम पर खबरें और विश्लेषण लिखते हैं।


विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: सौरभ जैन भारतीय डिजिटल मीडिया जगत का एक हिस्सा हैं, जिन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 16 वर्षों से ज्यादा का अनुभव है। वर्तमान में, वह भारत के अग्रणी समाचार संस्थान 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्टेट सेक्शन में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वे पिछले लगभग तीन सालों से यहां कार्यरत हैं। सौरभ का करियर टीवी मीडिया से शुरू होकर डिजिटल मीडिया की गतिशीलता तक फैला हुआ है, जो उन्हें खबरों को गहराई और सटीकता के साथ प्रस्तुत करने में सक्षम बनाता है।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि और कार्य अनुभव

सौरभ ने बैचलर ऑफ कॉमर्स की डिग्री लेने के बाद पत्रकारिता के क्षेत्र में कदम रखा और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पोस्ट ग्रेजुएशन का कोर्स किया। इस क्षेत्र में साल 2009 से सक्रिय होने के बाद सौरभ ने पहले टीवी के क्षेत्र में अलग-अलग डेस्क पर कार्य अनुभव लिया, इस दौरान उन्होंने टिकर डेस्क से शुरुआत करने के बाद न्यूज डेस्क में कॉपी राइटिंग का अनुभव हासिल किया, इस दौरान क्षेत्रीय विषयों से लेकर राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय विषयों पर खबरें लिखीं। इसके बाद उन्हें बॉलीवुड और हेल्प-लाइन डेस्क में भी काम करने का मौका मिला। हेल्प लाइन डेस्क में काम करने के दौरान उन्हें स्वास्थ्य, करियर और आम लोगों से जुड़े कई विषयों को जानने व समझने का मौका मिला।

इसके बाद साल 2016 में उन्होंने डिजिटल मीडिया की दुनिया में कदम रखा और स्पोर्ट्स डेस्क के साथ शुरुआत की। सौरभ ने अपने करियर की शुरुआत ZEE24 छत्तीसगढ़ न्यूज चैनल से की थी। इसके बाद वे IBC24 और दैनिक भास्कर जैसी संस्थाओं में भी सेवाएं दे चुके हैं। सौरभ साल 2023 से लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े हुए हैं और यहां पर स्टेट डेस्क में कार्यरत हैं। सौरभ मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के रहने वाले हैं और उन्होंने अपनी स्कूली पढ़ाई और ग्रेजुएशन दोनों यहीं से किया है। इसके बाद उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में मास्टर्स की डिग्री ली है।

सौरभ जैन का मानना है कि एक पत्रकार की पहली जिम्मेदारी सही तथ्यों व आसान भाषा में पाठकों तक खबरें पहुंचाना है। इस काम में तेजी जितनी जरूरी है, सटीकता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। फिर चाहे वह आम जीवन की खबरें हों, राजनीति की खबरें हों, खेल की खबरें हों या फिर चकाचौंध से भरे बॉलीवुड की खबरें हों। कोई भी खबर सही तथ्यों के साथ रीडर्स तक पहुंचनी चाहिए। हड़बड़ी में तथ्यों की पुष्टि ना होने पर गलत जानकारी पाठकों तक पहुंचने का खतरा बना रहता है। इसलिए सौरभ का मानना है कि पत्रकारिता का मतलब केवल पाठकों तक सूचना पहुंचाना ही नहीं, बल्कि सही और निष्पक्ष जानकारी पहुंचाते हुए उनकी बुद्धिमत्ता और विवेक को भी जागृत करना होता है।

और पढ़ें