आदिवासी संगठनों का झारखंड बंद, आज कई स्कूलों में छुट्टी

Jan 17, 2026 07:46 am ISTMohammad Azam लाइव हिन्दुस्तान, रांची
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आदिवासी संगठनों ने आज पड़हा राजा सोमा मुंडा की हत्या के विरोध में शनिवार को झारखंड बंद का आह्वान किया है। इसे लेकर शुक्रवार की शाम को कई जिलों में मशाल जुलूस निकाला गया। संगठनों ने लोगों से पड़हा राजा सोमा मुंडा की हत्या के विरोध में झारखंड बंद को सफल बनाने की अपील की है।

आदिवासी संगठनों का झारखंड बंद, आज कई स्कूलों में छुट्टी

आदिवासी संगठनों ने पड़हा राजा सोमा मुंडा की हत्या के विरोध में शनिवार को झारखंड बंद का आह्वान किया है। इसे लेकर शुक्रवार की शाम को कई जिलों में मशाल जुलूस निकाला गया। संगठनों ने लोगों से पड़हा राजा सोमा मुंडा की हत्या के विरोध में झारखंड बंद को सफल बनाने की अपील की है। इधर, बंद के मद्देनजर रांची और खूंटी के कई स्कूलों में शनिवार को छुट्टी रहेगी।

बंद समर्थक संगठनों ने कहा है कि पड़हा राजा की हत्या व्यक्तिगत नहीं, बल्कि जमीन, जंगल-जल के रक्षक के रूप में उनकी संघर्षपूर्ण आवाज को दबाने की सुनिश्चित साजिश थी। इधर पुलिस प्रशासन ने बंद को लेकर सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए हैं। पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है, लेकिन मुख्य साजिशकर्ता, शूटर व भूमि माफिया अभी भी फरार हैं। इधर, बंद को लेकर पुलिस अलर्ट मोड में है।

बंद को आदिवासी समन्वय समिति खूंटी, आदिवासी बचाओ मोर्चा, मानकी मुंडा संघ चाईबासा, आदिवासी जनपरिषद, आदिवासी महासभा, केंद्रीय सरना समिति, आदिवासी बचाओ युवा मोर्चा, अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद, सरना सोंगोम समिति, एदेल सांगा पड़हा समिति, राजी पड़हा सरना प्रार्थना सभा, संयुक्त बाइस पड़हा, नगड़ी जमीन बचाओ समिति, आदिवासी अधिकार संरक्षण समिति, आदिवासी लोहरा समाज, भारत मुंडा समाज, महली जनजातीय विकास मंच, मांझी परगना सरदार महासभा जामताड़ा, झारखंड प्रदेश आदिवासी सरना-पड़हा समाज, मुन्ना पतरा चकला, झारखंड आदिवासी संयुक्त मोर्चा, आदिवासी छात्रसंघ, कांके रोड सरना समिति, संपूर्ण आदिवासीसमाज तमाड़ व अन्य का समर्थन प्राप्त है। इधर, बंद को देखते हुए जिलों में सुरक्षा के खास इंतजाम किए गए हैं।

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संक्षिप्त विवरण

मोहम्मद आजम पिछले 3.5 सालों से पत्रकारिता कर रहे हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम में बतौर कंटेंट प्रोडूसर काम कर रहे हैं।


विस्तृत बायो

परिचय और अनुभव: मोहम्मद आजम पिछले तीन सालों से ज्यादा समय से पत्रकारिता कर रहे हैं। कम समय में आजम ने पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया की बारीकियां सीखी हैं और अब भारत के अग्रणी समाचार संस्थान ‘लाइव हिन्दुस्तान’ (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में स्टेट न्यूज टीम में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।


शैक्षणिक पृष्ठभूमि

आजम ने ग्रेजुएशन तक विज्ञान की पढ़ाई की है, लेकिन राजनीतिक विषयों में रुचि उनको पत्रकारिता की तरफ खींच लाई। आजम ने अपना पोस्ट ग्रेजुएशन देश के अग्रणी संस्थानों में से एक भारतीय जनसंचार संस्थान से पूरा किया। विज्ञान बैकग्राउंड होने के चलते आजम को फैक्ट आधारित पत्रकारिता करने में महारत हासिल है।


राजनीतिक पत्रकारिता में आजम

आजम की देश की राजनीति में काफी रुचि है। आजादी के पहले से लेकर आजादी के बाद की राजनीतिक घटनाओं की कई किताबों का अध्ययन होने के चलते अच्छी समझ है। यही कारण रहा कि आजम ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत राजनीतिक बीट से की। राजनीति के साथ आजम क्राइम और सोशल मीडिया पर वायरल चल रही खबरों में भी अच्छी महारत हासिल है।


पत्रकारिता का उद्देश्य

आजम का मानना है कि पत्रकारिता जनपक्षीय होनी चाहिए। पत्रकारिता के दौरान अपनी भावनाओं को काबू में रखकर तथ्य आधारित पत्रकारिता आजम को जिम्मेदार बनाती है। पत्रकारिता में आजम तथ्य आधारित सूचनाएं पहुंचाने के साथ ही, साहित्यिक लेखन में भी महारत हासिल है।


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