झारखंड विधानसभा में गूंजेगा JPSC-JSSC का मुद्दा, छात्र आंदोलन पर सोरेन सरकार को घेरेगी NDA

पीटीआई, रांची
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झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र में JPSC-JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और छात्रों का आंदोलन प्रमुख मुद्दा बनने जा रहा है। एनडीए ने सदन में इस मुद्दे पर हेमंत सोरेन सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है, जबकि सरकार ने कहा है कि वह छात्रों से बातचीत के लिए तैयार है।

रांची कें विरोध प्रदर्शन करते छात्र
रांची कें विरोध प्रदर्शन करते छात्र

झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र में इस बार जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) की प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी का मुद्दा जोर-शोर से उठने के आसार हैं। बुधवार को भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) विधायक दल की बैठक में इस मुद्दे को सदन में प्रमुखता से उठाने और हेमंत सोरेन सरकार को घेरने की रणनीति बनाई गई। वहीं, सत्तारूढ़ इंडिया गठबंधन (INDIA Bloc) ने कहा कि सरकार छात्रों से बातचीत के लिए तैयार है और समस्या के समाधान को लेकर गंभीर है।

6 अगस्त से शुरू हो रहा मानसून सत्र

राज्य विधानसभा का पांच दिवसीय मानसून सत्र 6 अगस्त से शुरू होकर 12 अगस्त तक चलेगा। सत्र से पहले नेता प्रतिपक्ष और भाजपा विधायक बाबूलाल मरांडी की अध्यक्षता में हुई एनडीए विधायक दल की बैठक में छात्रों के आंदोलन को सबसे अहम मुद्दा बताया गया।

भूख हड़ताल पर बैठे आंदोलनकारियों से मिले बाबूलाल मरांडी

भाजपा के मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल ने बैठक के बाद कहा कि बाबूलाल मरांडी ने जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे छात्रों से मुलाकात की। विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि छात्रों से जुड़े मुद्दे फिलहाल राज्य के सबसे गंभीर मुद्दे हैं और सरकार ने युवाओं के भविष्य को अंधकार में धकेल दिया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के सभी विधायकों से सदन में इस मुद्दे को मजबूती से उठाने का आग्रह किया गया है।

25 जुलाई से जयपाल मुंडा स्टेडियम में हो रहा आंदोलन

दरअसल, जेपीएससी-जेएसएससी सुधार मंच के बैनर तले 25 जुलाई से रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में अभ्यर्थियों का आंदोलन जारी है। प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग को लेकर शुरू हुआ यह प्रदर्शन हाल के वर्षों में राज्य के सबसे बड़े छात्र आंदोलनों में से एक बन गया है। आंदोलन को और तेज करते हुए पांच अभ्यर्थी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर भी बैठ चुके हैं।

सीएम सोरेन ने बैठक में की छात्र आंदोलन की चर्चा

उधर, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई इंडिया गठबंधन विधायक दल की बैठक में भी छात्र आंदोलन पर चर्चा हुई। संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि मुख्यमंत्री छात्रों की समस्याओं को लेकर गंभीर हैं और सरकार बातचीत के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि अब यह छात्रों पर निर्भर करता है कि वे सरकार से कब बातचीत करना चाहते हैं।

सरकार ने छात्र आंदोलन पर नजर रखने को बनाई समिति

सरकार की ओर से छात्र आंदोलन पर नजर रखने के लिए मंत्रियों की एक समिति भी बनाई गई है। इसमें दीपिका पांडेय सिंह, सुदिव्य कुमार, चमरा लिंडा और संजय कुमार प्रसाद को शामिल किया गया है। हालांकि, संसदीय कार्य मंत्री ने स्पष्ट किया कि इस समिति को छात्रों से औपचारिक बातचीत की जिम्मेदारी नहीं दी गई है। इसका उद्देश्य सरकार की ओर से स्थिति पर नजर रखना और समाधान के लिए रणनीति तैयार करना है। इससे पहले विधानसभा अध्यक्ष रबींद्रनाथ महतो ने सर्वदलीय बैठक कर सभी दलों से मानसून सत्र के शांतिपूर्ण और सुचारु संचालन में सहयोग की अपील की।

Ratan Gupta

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रतन गुप्ता एक डिजिटल हिंदी जर्नलिस्ट/ कॉन्टेंट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान की स्टेट न्यूज टीम के साथ काम कर रहे हैं। वह क्राइम, राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर न्यूज आर्टिकल और एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखते हैं।


रतन गुप्ता वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर स्टेट न्यूज टीम में काम करते हैं। इस टीम में हिंदी पट्टी के 8 राज्यों दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गुजरात से जुड़ी खबरों की कवरेज करते हैं। उनका लेखन खास तौर से क्राइम, राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित रहता है।


लाइव हिंदुस्तान में बीते 2 साल से काम करते हुए रतन ने ब्रेकिंग न्यूज, राजनीतिक घटनाक्रम और कानून-व्यवस्था से जुड़ी खबरों पर लगातार लेखन किया है। इसके साथ ही वह एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखने में भी विशेष रुचि रखते हैं, जहां जटिल मुद्दों को सरल और तथ्यपरक भाषा में पाठकों के सामने रखते हैं।


रतन गुप्ता ने बायोलॉजी में ग्रेजुएशन किया है, जिसके बाद उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता की पढ़ाई की है। साइंस बैकग्राउंड होने के कारण उनकी न्यूज और एनालिसिस स्टोरी में साइंटिफिक टेंपरामेंट, लॉजिकल अप्रोच और फैक्ट-बेस्ड सोच साफ दिखाई देती है। वह किसी भी मुद्दे पर रिपोर्टिंग करते समय दोनों पक्षों की बात, मौजूद तथ्यों और आधिकारिक स्रोतों को प्राथमिकता देते हैं, ताकि यूजर तक संतुलित और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे।


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