ड्यूटी पर लौटने से एक दिन पहले जंगल में लटकी मिली लाश, फौजी की मौत पर उठ रहे 4 बड़े सवाल
हजारीबाग के कटकमसांडी में छुट्टी खत्म होने से एक दिन पहले सेना के जवान धनंजय कुमार देव का शव छड़वा डैम के जंगल में पेड़ से लटका मिला। परिजनों ने आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए हत्या की आशंका जताई है।

झारखंड के कटकमसांडी प्रखंड क्षेत्र के छड़वा डैम स्थित जंगल में शुक्रवार सुबह पेड़ से फंदे के सहारे सेना के जवान का शव मिलने से सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान कंचनपुर गांव निवासी धनंजय कुमार देव (29), पिता राजकुमार देव के रूप में हुई है। धनंजय वर्ष 2016 में सेना में भर्ती हुआ था और वर्तमान में आर्मी में जवान के पद पर कार्यरत था। वह करीब एक माह की छुट्टी लेकर घर आया था। शुक्रवार को छुट्टी समाप्त होने के बाद उसे अपनी कंपनी में योगदान देने कोलकाता जाना था, लेकिन उससे एक दिन पहले ही उसकी मौत हो गई।
जंगल में सेना के जवान की लाश मिलने से सनसनी
परिजनों ने इसे आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए हत्या की आशंका जताई है। परिजनों ने घटनास्थल की परिस्थितियों पर भी सवाल उठाते हुए मामले की गहन जांच की मांग की है। बताया गया कि शुक्रवार सुबह कुछ स्थानीय लोग जंगल की ओर गए थे। इसी दौरान उनकी नजर पेड़ से लटके शव पर पड़ी। सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शव को नीचे उतारकर कब्जे में लिया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आसपास के लोगों से जानकारी ली और मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच शुरू की। शव को पोस्टमार्टम के लिए एसबीएमसीएच भेजा गया।
फौजी की मौत पर उठ रहे 4 बड़े सवाल
- जवान छड़वा डैम के जंगल तक कैसे पहुंचा?
- क्या वह वहां अकेला गया था या उसके साथ कोई और भी था?
- छुट्टी खत्म होने से ठीक एक दिन पहले वह जंगल क्यों गया था?
- मौत से पहले उसकी किसी से फोन पर बातचीत या संपर्क हुआ था?
सैन्य सम्मान के साथ जवान का हुआ अंतिम संस्कार
कंचनपुर गांव निवासी सेना के जवान धनंजय कुमार देव का अंतिम संस्कार शुक्रवार देर शाम कंचनपुर श्मशान घाट पर सैन्य सम्मान के साथ किया गया। सेना के अधिकारियों और जवानों ने सैन्य परंपरा के अनुसार उन्हें अंतिम विदाई दी। सेना के सूबेदार अमरजीत सिंह, मुख्य सेना कर्मचारी मोहन सिंह सहित करीब 15 जवानों की टुकड़ी अंतिम संस्कार में शामिल हुई। जवान के पार्थिव शरीर को राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे में लपेटकर सम्मान के साथ श्मशान घाट लाया गया।
सेना के जवानों ने हवाई फायरिंग कर दी सलामी
अंतिम संस्कार के दौरान सेना की टुकड़ी ने सलामी दी। सम्मान में तीन बार हवाई फायरिंग भी की गई। सैन्य सम्मान की सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद तिरंगे को सम्मानपूर्वक मोड़कर जवान के परिजनों को सौंप दिया गया। इस दौरान कंचनपुर पंचायत के पूर्व मुखिया अशोक कुमार राणा, उप मुखिया प्रकाश कुशवाहा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।
पूर्व सैनिक वेलफेयर एसोसिएशन ने दी श्रद्धांजलि
कटकमसांडी प्रखंड के पूर्णाडीह, कंचनपुर निवासी राम कुमार कुशवाहा के पुत्र सेना के धनंजय सिंह की मौत की सूचना मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। धनंजय सिंह के अंतिम संस्कार के लिए रामगढ़ छावनी से सेना की विशेष टीम पहुंची। सूबेदार अमरजीत सिंह के नेतृत्व में पहुंची टीम ने जवान को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। पूर्व सैनिक वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने जवान को श्रद्धांजलि अर्पित की।
परिजनों के नहीं थम रहे थे आंसू, पसरा मातम
धनंजय का शव कंचनपुर गांव पहुंचते से परिजनों के चीत्कार से पूरा गांव का माहौल गमगीन हो गया। मौत की खबर सुनकर परिजनों के आंखों से आंसू थमने का नाम ही नहीं ले रहे थे। धनंजय तीन भाइयों में सबसे छोटा था। उसके बड़े भाई विनय कुमार देव और मंझले भाई अजय कुमार देव हैं। तीनों भाइयों की अभी शादी नहीं हुई है। पोस्टमार्टम के बाद दोपहर करीब दो बजे धनंजय का शव घर पहुंचा।


