झारखंड में हेलीकॉप्टर एंबुलेंस को मंजूरी, बोर्ड परीक्षा में 75% उपस्थिति नियम में राहत
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई झारखंड मंत्रिपरिषद की बैठक में कुल 49 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। हेलीकॉप्टर एंबुलेंस सेवा शुरू करने, छात्रों को बोर्ड परीक्षा में 75 फीसदी उपस्थिति नियम में छूट देने समेत कई अहम फैसलों पर मुहर लगी।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई झारखंड मंत्रिपरिषद की बैठक में कुल 49 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने ग्रामीण क्षेत्रों में नक्शा पास कराने के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। इसके अलावा सुदूर इलाकों के लिए हेलीकॉप्टर एंबुलेंस सेवा शुरू करने, गंभीर बीमारियों से पीड़ित और दिव्यांग छात्रों को बोर्ड परीक्षा में 75 फीसदी उपस्थिति नियम में छूट देने समेत कई अहम फैसलों पर मुहर लगी।
झारखंड कैबिनेट के प्रमुख फैसले
ग्रामीण क्षेत्रों में नक्शा पास कराना हुआ आसान
- झारखंड बिल्डिंग बायलॉज-2016 में संशोधन कर पंचायत क्षेत्रों में संस्थागत, सामूहिक और औद्योगिक गतिविधियों के लिए नक्शा पास कराने हेतु सड़क की न्यूनतम चौड़ाई 9 मीटर से घटाकर 4.5 मीटर कर दी गई।
हेलीकॉप्टर एंबुलेंस सेवा को मंजूरी
- सुदूर और दुर्गम इलाकों के मरीजों को तेजी से अस्पताल पहुंचाने के लिए राज्य सरकार सिंगल इंजन हेलीकॉप्टर किराये पर लेकर हेलीकॉप्टर एंबुलेंस सेवा शुरू करेगी। इस पर सालाना करीब 9.45 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पहले से चल रही एयर एंबुलेंस सेवा जारी रहेगी।
बोर्ड परीक्षा में 75% उपस्थिति नियम में राहत
- सिकल सेल, थैलेसीमिया, हीमोफीलिया, टाइप-1 मधुमेह जैसी गंभीर बीमारियों से पीड़ित और दिव्यांग विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा में शामिल होने के लिए 75 प्रतिशत अनिवार्य उपस्थिति के नियम में छूट मिलेगी।
अधिवक्ताओं के लिए 12.32 करोड़ रुपये
- झारखंड अधिवक्ता कल्याण निधि न्यासी समिति के तहत पंजीकृत अधिवक्ताओं के छात्रवृत्ति और वजीफा मद के लिए 12.32 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई।
आदर्श विद्यालय योजना का विस्तार
आदर्श विद्यालय योजना को 2025-26 से 2029-30 तक अगले पांच वर्षों के लिए बढ़ा दिया गया।
डिजिटलीकरण के लिए सहायता
- प्रधान महालेखाकार कार्यालय, रांची में राज्य कर्मियों के रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण के लिए 46.85 लाख रुपये की वित्तीय सहायता स्वीकृत की गई।
झारखंड न्यायिक सेवा नियमावली में संशोधन
- झारखंड न्यायिक सेवा (भर्ती) संशोधन नियमावली-2026 के गठन को मंजूरी मिली।
सरकारी वकीलों के शुल्क में संशोधन
- हाईकोर्ट और अन्य न्यायालयों में राज्य सरकार का पक्ष रखने वाले विधि पदाधिकारियों के शुल्क निर्धारण और पुनरीक्षण को मंजूरी दी गई।
- नए विधि पदों का सृजन
वरीय अपर महाधिवक्ता के 2, अपर महाधिवक्ता का 1, राजकीय अधिवक्ता का 1, सरकारी वकील के 44 तथा लॉ रिसर्च ऑफिसर के 15 पद सृजित किए गए।
आंगनबाड़ी पोषाहार एजेंसियों को राहत
- टेक होम राशन उपलब्ध कराने वाली तीन एजेंसियों- आदित्य फ्लोर लिमिटेड, कोटा दाल मील और इंटर लिक्स फूड्स प्राइवेट लिमिटेड को छह महीने का अवधि विस्तार दिया गया। साथ ही छह माह के भीतर नई एजेंसी के चयन के लिए टेंडर जारी करने के निर्देश दिए गए।
छात्रावास संचालन का अधिकार जिला स्तर पर
- अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक छात्रावासों के संचालन के लिए एनजीओ चयन का अधिकार अब जिला उपायुक्त की अध्यक्षता वाली समिति को होगा। पहले यह अधिकार आदिवासी कल्याण आयुक्त के पास था।
लेखक के बारे में
Ratan Guptaरतन गुप्ता एक डिजिटल हिंदी जर्नलिस्ट/ कॉन्टेंट प्रोड्यूसर हैं। वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान की स्टेट न्यूज टीम के साथ काम कर रहे हैं। वह क्राइम, राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर न्यूज आर्टिकल और एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखते हैं।
रतन गुप्ता वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में कंटेंट प्रोड्यूसर के तौर पर स्टेट न्यूज टीम में काम करते हैं। इस टीम में हिंदी पट्टी के 8 राज्यों दिल्ली-एनसीआर, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, गुजरात से जुड़ी खबरों की कवरेज करते हैं। उनका लेखन खास तौर से क्राइम, राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर केंद्रित रहता है।
लाइव हिंदुस्तान में बीते 2 साल से काम करते हुए रतन ने ब्रेकिंग न्यूज, राजनीतिक घटनाक्रम और कानून-व्यवस्था से जुड़ी खबरों पर लगातार लेखन किया है। इसके साथ ही वह एक्सप्लेनर स्टोरीज लिखने में भी विशेष रुचि रखते हैं, जहां जटिल मुद्दों को सरल और तथ्यपरक भाषा में पाठकों के सामने रखते हैं।
रतन गुप्ता ने बायोलॉजी में ग्रेजुएशन किया है, जिसके बाद उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान, नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता की पढ़ाई की है। साइंस बैकग्राउंड होने के कारण उनकी न्यूज और एनालिसिस स्टोरी में साइंटिफिक टेंपरामेंट, लॉजिकल अप्रोच और फैक्ट-बेस्ड सोच साफ दिखाई देती है। वह किसी भी मुद्दे पर रिपोर्टिंग करते समय दोनों पक्षों की बात, मौजूद तथ्यों और आधिकारिक स्रोतों को प्राथमिकता देते हैं, ताकि यूजर तक संतुलित और भरोसेमंद जानकारी पहुंचे।
इसके साथ ही आईआईएमसी की एकेडमिक पढ़ाई ने उन्हें रिपोर्टिंग, न्यूज प्रोडक्शन, मीडिया एथिक्स और पब्लिक अफेयर्स की गहरी समझ दी है। इसका सीधा असर उनके लेखन की विश्वसनीयता और संतुलन में दिखाई देता है।
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