झारखंड में इंटर समेत आठवीं, नौवीं और 11वीं की परीक्षा तिथियों में बदलाव, नई तारीखें घोषित
झारखंड में नगर निकाय चुनाव को लेकर परीक्षा की तिथियों में बदलाव किया गया है। 23 फरवरी को प्रस्तावित इंटरमीडिएट (12वीं) की परीक्षा अब 24 फरवरी से आयोजित की जाएगी। साथ हीं आठवीं, नौवीं और 11वीं की परीक्षा तिथियों में भी बदलाव किया गया है।

झारखंड में नगर निकाय चुनाव को लेकर परीक्षा की तिथियों में बदलाव किया गया है। 23 फरवरी को प्रस्तावित इंटरमीडिएट (12वीं) की परीक्षा अब 24 फरवरी से आयोजित की जाएगी। साथ हीं आठवीं, नौवीं और 11वीं की परीक्षा तिथियों में भी बदलाव किया गया है।
झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) ने बुधवार को इस संबंध में आधिकारिक पत्र जारी कर जानकारी दी है। परिषद ने स्पष्ट किया है कि 23 फरवरी को निकाय चुनाव होने के कारण इंटर की परीक्षा अब 24 फरवरी से आयोजित की जाएगी।
जैक द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, केवल इंटर ही नहीं बल्कि कक्षा आठवीं, नौवीं और ग्यारहवीं की परीक्षाओं की तिथियों में भी संशोधन किया गया है। परिषद ने सभी संबंधित विद्यालयों और परीक्षार्थियों को संशोधित कार्यक्रम के अनुसार तैयारी करने का निर्देश दिया है।
कक्षा आठवीं की बोर्ड परीक्षा अब 2 मार्च से आयोजित होगी। इसके लिए प्रवेश पत्र 20 फरवरी से जैक की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराया जाएगा, जहां से छात्र-छात्राएं अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे।
वहीं, आठवीं कक्षा के परीक्षार्थियों के आंतरिक मूल्यांकन के प्राप्तांक 5 से 15 मार्च के बीच ऑनलाइन अपलोड किए जाएंगे। कक्षा नौवीं की परीक्षा अब 6 और 7 मार्च को आयोजित की जाएगी। यह परीक्षा दो पालियों में संपन्न होगी। नौवीं के छात्रों के लिए प्रवेश पत्र 24 फरवरी से जैक की वेबसाइट पर डाउनलोड के लिए उपलब्ध रहेगा।
इसके अतिरिक्त, कक्षा 11वीं की बोर्ड परीक्षा 25 से 28 फरवरी तक आयोजित की जाएगी। परिषद ने बताया है कि परीक्षार्थियों को प्रश्न पत्र पढ़ने के लिए 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। 11वीं की परीक्षा भी दो पालियों में आयोजित की जाएगी।
जैक ने सभी विद्यार्थियों से अपील की है कि वे परिषद की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी निर्देशों और संशोधित कार्यक्रम की नियमित रूप से जांच करते रहें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो।
लेखक के बारे में
Subodh Kumar Mishraसुबोध कुमार मिश्रा पिछले 19 साल से हिंदी पत्रकारिता में योगदान दे रहे हैं। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' में स्टेट डेस्क पर बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। दूरदर्शन के 'डीडी न्यूज' से इंटर्नशिप करने वाले सुबोध ने पत्रकारिता की विधिवत शुरुआत 2007 में दैनिक जागरण अखबार से की। दैनिक जागरण के जम्मू एडीशन में बतौर ट्रेनी प्रवेश किया और सब एडिटर तक का पांच साल का सफर पूरा किया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर को बहुत ही करीब से देखने और समझने का मौका मिला। दैनिक जागरण से आगे के सफर में कई अखबारों में काम किया। इनमें दिल्ली-एनसीआर से प्रकाशित होने वाली नेशनल दुनिया, नवोदय टाइम्स (पंजाब केसरी ग्रुप), अमर उजाला और हिन्दुस्तान जैसे हिंदी अखबार शामिल हैं। अखबारों के इस लंबे सफर में खबरों को पेश करने के तरीकों से पड़ने वाले प्रभावों को काफी बारीकी से समझने का मौका मिला।
ज्यादातर नेशनल और स्टेट डेस्क पर काम करने का अवसर मिलने के कारण राजनीतिक और सामाजिक विषयों से जुड़ी खबरों में दिलचस्पी बढ़ती गई। कई लोकसभा और विधानसभा चुनावों की खबरों की पैकेजिंग टीम का हिस्सा रहने के कारण भारतीय राजनीति के गुणा-भाग को समझने का मौका मिला।
शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो सुबोध ने बीएससी (ऑनर्स) तक की अकादमिक शिक्षा हासिल की है। साइंस स्ट्रीम से पढ़ने के कारण उनके पास चीजों को मिथ्यों से परे वैज्ञानिक तरीके से देखने की समझ है। समाज से जुड़ी खबरों को वैज्ञानिक कसौटियों पर जांचने-परखने की क्षमता है। उन्होंने मास कम्यूनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया है। इससे उन्हें खबरों के महत्व, खबरों के एथिक्स, खबरों की विश्वसनीयता और पठनीयता आदि को और करीब से सीखने और लिखने की कला में निखार आया। सुबोध का मानना है कि खबरें हमेशा प्रमाणिकता की कसौटी पर कसा होना चाहिए। सुनी सुनाई और कल्पना पर आधारित खबरें काफी घातक साबित हो सकती हैं, इसलिए खबरें तथ्यात्मक रूप से सही होनी चाहिए। खबरों के चयन में क्रॉस चेकिंग को सबसे महत्वपूर्ण कारक मानने वाले सुबोध का काम न सिर्फ पाठकों को केवल सूचना देने भर का है बल्कि उन्हें सही, सुरक्षित और ठोस जानकारी उपलब्ध कराना भी है।


