
17 हजार पुलिस थाने अलर्ट, 2 लाख का इनाम; रांची में लापता भाई-बहनों को तलाशने के लिए बड़ा अभियान
रांची से लापता दो मासूम भाई-बहन, 5 साल के अंश कुमार और 4 साल की अंशिका कुमारी को खोजने के लिए झारखंड पुलिस ने अब देशव्यापी अभियान शुरू कर दिया है। इसके लिए देशभर के 17 हजार पुलिस थानों अलर्ट किया गया है।
झारखंड के रांची से लापता दो मासूम भाई-बहन, 5 साल के अंश कुमार और 4 साल की अंशिका कुमारी को खोजने के लिए झारखंड पुलिस ने अब देशव्यापी अभियान शुरू कर दिया है। इसके लिए देशभर के 17 हजार पुलिस थानों अलर्ट किया गया है। झारखंड पुलिस ने देश के लगभग 17,000 पुलिस स्टेशनों को नोटिस जारी कर बच्चों की जानकारी शेयर की है। रांची के सिटी एसपी पारस राणा ने बताया कि बच्चों का सुराग देने वालों के लिए इनाम की राशि 50,000 रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दी गई है।
अंश और अंशिका 2 जनवरी को रांची में अपने घर के पास एक किराना दुकान पर गए थे, जिसके बाद से वे रहस्यमयी तरीके से गायब हो गए। 10 दिन बीत जाने के बाद भी बच्चों का कोई सुराग नहीं मिलने से परिवार और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और डीजीपी से बच्चों को जल्द ढूंढने के लिए कहा। उन्होंने गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय को भी इस मामले की जानकारी दी है।
15 जनवरी तक का अल्टीमेटम
आरजेडी नेता कैलाश यादव, जो अंश-अंशिका बचाओ संघर्ष समिति के मुख्य समन्वयक हैं, ने कहा, हमने एक बैठक की और एक विशेष 11 सदस्यीय समिति का गठन किया, जिसने निर्णय लिया कि यदि 15 जनवरी तक बच्चों को सुरक्षित वापस नहीं लाया गया, तो एक बड़ा आंदोलन घोषित किया जाएगा।
रविवार को रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने परिवार के सदस्यों से मुलाकात की और उन्हें हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि झारखंड के लोग दोनों बच्चों के लिए शोक संतप्त और बेहद चिंतित हैं, और उन्हें सुरक्षित वापस लाने के लिए सभी प्रयास जारी हैं। सेठ ने कहा, "मैंने इस घटना के बारे में राज्यपाल संतोष गंगवार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से व्यक्तिगत रूप से बात की है।
इस बीच, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (रांची क्षेत्रीय आईजी) मनोज कौशिक ने सोमवार को लापता बच्चों की खोज के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) के अधिकारियों के साथ एक विस्तृत समीक्षा बैठक की।
बैठक के दौरान, कौशिक ने नोबेल पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी द्वारा संचालित 'बचपन बचाओ आंदोलन' सहित 20 राज्यों के 439 जिलों के गैर सरकारी संगठनों के कार्यकर्ताओं के साथ-साथ बाल कल्याण कार्यकर्ताओं से भी लापता बच्चों की खोज और बरामदगी में सहायता करने के लिए सहयोग की अपील की।

लेखक के बारे में
Aditi Sharmaअदिति शर्मा
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