झारखंड में हेमंत सरकार आज पेश करेगी ‘अबुआ दिशोम बजट’, क्या-क्या रहेगा खास
झारखंड के रजत जयंती वर्ष पर वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर मंगलवार को वर्ष 2026-27 के लिए अबुआ दिशोम बजट पेश करेंगे। बजट को अधिक प्रभावी व व्यावहारिक बनाने के उद्देश्य से इस बार वित्त मंत्री मूल बजट के साथ ही आउटकम बजट, जेंडर बजट और बाल बजट भी पेश करेंगे।

झारखंड के रजत जयंती वर्ष पर वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर मंगलवार को वर्ष 2026-27 के लिए अबुआ दिशोम बजट पेश करेंगे। बजट को अधिक प्रभावी व व्यावहारिक बनाने के उद्देश्य से इस बार वित्त मंत्री मूल बजट के साथ ही आउटकम बजट, जेंडर बजट और बाल बजट भी पेश करेंगे। इससे पहले रघुवर दास सरकार में 2017-18 में जेंडर बजट पेश किया गया था।
इस बार पेश किए जाने वाले जेंडर बजट में महिलाओं से जुड़ी योजनाओं के लिए लगभग 33% का बजटीय प्रावधान सरकार कर सकती है । चालू वित्तीय वर्ष का 01 लाख 25 हजार 400 करोड़ के बजट से लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि के साथ आगामी अबुआ दिशोम बजट लगभग 01 लाख करोड़ रुपए से अधिक का योजना बजट के साथ लगभग 1.60 करोड़ का रहने की संभावना है। वर्तमान बजट में भी योजना बजट लगभग 92 हजार करोड़ का था।
न कोई नया कर नहीं, कई महत्वपूर्ण घोषणाएं संभव
अबुआ दिशोम बजट में इस बार कोई नया कर होने की संभावना नहीं है, घाटे का बजट होने के बावजूद, वर्तमान करों में भी बढ़ोत्तरी की भी संभावना नहीं है। बजट की सफलता के लिए कंसल्टेशन, सजेशन और इम्प्लीमेंटेशन के आधार पर कई घोषणाएं हो सकती हैं। इस साल के बजट में भी महिला बाल बिकास एवं सामाजिक सुरक्षा पर फोकस होगा।
बाल बजट में 125 योजनाओं का समावेश
सरकार इस बजट में टीनएजर पर भी फोकस कर रही है। इसके तहत 18 साल तक के बच्चों को लेकर बाल बजट का प्रावधान किया गया है। बाल बजट में बच्चों की शिक्षा व सेहत सुरक्षा के साथ साथ, पोषण आदि का ध्यान दिया गया है। बाल बजट में बच्चों के विकास और कल्याण से जुड़ी लगभग 125 योजनाएं शामिल की जा सकती हैं। इनपर लगभग 10,000 करोड़ खर्च का प्रावधान किए जाने की उम्मीद है।
और क्या-क्या ऐलान संभव
● इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करने के साथ गांवों में बुनियादी सुविधाएं और अर्थव्यवस्था पर जोर
● सभी मेडिकल कॉलेजों में कैंसर जांच के लिए पेट स्कैन और जिला अस्पतालों में मेमोग्राफी
● विश्वविद्यालय, जनजातीय मेडिकल कॉलेज, स्पोर्ट्स विवि और आयुष कॉलेज की स्थापना
● जल संरक्षण, वनवासी और सिंचाई सुविधाओं पर विशेष ध्यान
● बड़े प्रोजेक्ट्स के बजाय मध्यम और व्यवहारिक परियोजनाओं पर ध्यान होगा।
● ग्रामीण उत्पादों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य के सभी प्रखंडों में “पलाश मार्ट” की स्थापना।
लेखक के बारे में
Sudhir Jhaसुधीर झा | वरिष्ठ पत्रकार और स्टेट टीम लीड
(दिल्ली-एनसीआर, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश)
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