झारखंड में दिल्ली जैसा ऐक्शन, विधानसभा घेराव के बाद 300 लोगों के खिलाफ FIR

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झारखंड में 10 अगस्त को हुए विधानसभा घेराव मार्च के बाद पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। उन पर सरकारी काम में बाधा डालने, मारपीट करने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप है। 

झारखंड में दिल्ली जैसा ऐक्शन, विधानसभा घेराव के बाद 300 लोगों के खिलाफ FIR
विधानसभा घेराव मार्च के बाद अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर

झारखंड की रांची में 10 मार्च को हुए विधानसभा घेराव मार्च के बाद पुलिस ने बड़ा ऐक्शन लिया है। पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। मामले की जानकारी रखने वाले एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि ड्यूटी पर मौजूद मजिस्ट्रेट मोहम्मद निशात अहमद के बयान के आधार पर बुधवार को एफआईआर र्ज की गई। अधिकारी ने कहा, पुलिस ने अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। सरकारी काम में बाधा डालने, सरकारी कर्मचारियों के साथ मारपीट करने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए धारा 109, 115(2), 117(2), 121, 132, 189(2)(3), 190, 191(2), 221, 223, 285 और 352 के तहत आरोप तय किए गए हैं। मामले की जांच का जिम्मा सब-इंस्पेक्टर (SI) आनंद पंडित को सौंपा गया है।

जानकारी के मुताबिक, पुलिस अभी दोषियों की पहचान करने के लिए वीडियो और तस्वीरों की जांच कर रही है। रांची के सिटी एसपी पारस राणा ने एक समाचार एजेंसी को बताया कि 300 अज्ञात लोगों के ख़लाफ एफआईआर दर्ज की गई है। एफआईआर के मुताबिक, विधानसभा तक मार्च के आंदोलन की आड़ में मौजूद कुछ उपद्रवियों की सुरक्षा बलों से झड़प हो गई। इस दौरान सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों और मजिस्ट्रेटों पर हमला किया। झड़प के दौरान कई पुलिस अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गए।

एफआईआर में कहा गया है कि छात्रों की एक बड़ी भीड़ पुराने विधानसभा रूट से नई विधानसभा बिल्डिंग की ओर बढ़ रही थी। उन्होंने शुरुआती सुरक्षा गेट और बैरिकेड्स को जबरदस्ती तोड़ दिया और दोपहर 12 बजकर 15 मिनट नीलाद्रि भवन के पास पहुंच गए। इस दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों ने भीड़ को शांत कराने की कोशिश भी की।

पुलिस पर फेंके जूते-चप्पल, पानी की बोतलें

नागरी सर्कल के रेवेन्यू सब-इंस्पेक्टर और ड्यूटी पर मौजूद मजिस्ट्रेट ने पब्लिक-एड्रेस सिस्टम का इस्तेमाल करके भीड़ को शांत करने की कोशिश की। उन्होंने लोगों को याद दिलाया कि विधानसभा सत्र चल रहा है, इसलिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू है। लेकिन चेतावनियों को नज़रअंदाज़ करते हुए, भीड़ में शामिल उपद्रवियों ने पुलिस से हाथापाई की और योगोदा सत्संग के पास लगे बैरिकेड्स उखाड़ दिए। हालात तेज़ी से बिगड़ गए और भीड़ ने कथित तौर पर मजिस्ट्रेट और पुलिसकर्मियों पर चप्पल, जूते, पानी की बोतलें और पत्थर फेंकी गई।

Aditi Sharma

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अदिति शर्मा

अदिति शर्मा डिजिटल मीडिया की एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें लाइव हिंदुस्तान, TV9 भारतवर्ष और न्यूज नेशन जैसे संस्थानों में 9 वर्षों का अनुभव है। BCA और MMC की शैक्षणिक पृष्ठभूमि के साथ, वे तकनीक और पत्रकारिता के मूल्यों का सटीक संतुलन बनाती हैं। उनकी विशेषज्ञता राजनीति, अपराध और शोध-आधारित लेखन में है, जहां वे सकारात्मक प्रभाव डालने वाली विश्वसनीय पत्रकारिता को प्राथमिकता देती हैं।


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डिजिटल मीडिया के इस दौर में, अदिति शर्मा पिछले 9 सालों से सूचनाओं को खबरों में और खबरों को अटूट विश्वसनीयता में बदलने का काम कर रही हैं। वर्तमान में 'लाइव हिंदुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत रहते हुए, उनकी पत्रकारिता का मुख्य आधार रफ्तार के साथ गहरी सटीकता बनाए रखना रहा है। उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि तकनीकी और मीडिया शिक्षा का एक संतुलित मेल है। उन्होंने वेस्ट बंगाल स्टेट यूनिवर्सिटी से BCA किया है। इसके बाद उन्होंने इंडिया टुडे मीडिया इंस्टीट्यूट (ITMI) से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की, जिसने उनके पत्रकारिता कौशल को निखारा।


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