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पटरी पर नहीं लौटी है बाढ़ पीड़ितों की जिंदगी

झिलिया में आयी बाढ़ से पीड़ित बेघर परिवारों की जिंदगी पटरी पर नहीं लौट पायी है। लोग परेशान हैं। तीन दिनों बाद भी उनके ठहरने की व्यवस्था नहीं हो पायी है। वे अभी भी स्कूल, क्लब एवं मंदिर में शरण लिये हुए हैं।

बगानधौड़ा व नीचूधौड़ा स्थित केएमसीईएल कॉलोनी के लोगों की जिंदगी पटरी पर लौट आयी। वे सिर्फ आपदा प्रबंधन से क्षतिपूर्ति राशि मिलने का इंतजार कर रहे हैं। कुमारधुबी एवं चिरकुंडा क्षेत्र में ठप बिजली आपूर्ति पूरी तरह बहाल कर दी गयी है।

पाइप क्षतिग्रस्त होने से जलापूर्ति ठप:

वहींकुमारधुबी एवं चिरकुंडा क्षेत्र में क्षतिग्रस्त राइजिंग पाइप की मरम्मत का काम पूरा नहीं हुआ है। रविवार को भी क्षेत्र में जलापूर्ति ठप रही। एक लाख की आबादी पेयजल के लिए परेशान हैं। बाढ़ पीड़ित क्षेत्र में विभिन्न माध्यमों से टैंकर द्वारा जलापूर्ति हो रही है। विभाग सोमवार तक जलापूर्ति बहाल करने की बात कह रही है।

बाढ़ पीडि़तों की संख्या हुई 600:

बाढ़ पीड़ितों का सर्वे तीसरे दिन भी जारी रहा। सर्वे में पीड़ितों की संख्या छह सौ के पार पहुंच चुकी है। इसमें बेघरों की संख्या ढाई सौ के आसपास बतायी जा रही है। चिरकुंडा नगर परिषद द्वारा सर्वे का काम किया जा रहा है। सोमवार तक सर्वे का काम पूरा होने की बात बतायी जा रही है। चिरकुंडा के व्यवसाई राजीव कपाही, बरवाअड्डा के जिप सदस्य समाजसेवी अशोक सिंह सहित अन्य ने सहायता के हाथ बढ़ाये हैं। विधायक अरूप चटर्जी एवं उनके समर्थक बेघर परिवारों के भोजन की व्यवस्था में जुटे हैं। चिनपं उपाध्यक्ष जयप्रकाश सिंह भी विभिन्न माध्यमों से राहत सामग्री पहुंचा रहे हैं। झामुमो नेता अशोक मंडल भी अपने समर्थकों के साथ पहुंचे व हाल-चाल जाना।

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  • Web Title:Life of flood victims is not returned