Hindi Newsझारखंड न्यूज़Jhakhand HC directs state to file status report on implementation of rules under PESA Act
पेसा नियमावली पर हाई कोर्ट सख्त, सरकार से मांगी रिपोर्ट; क्या कहा

पेसा नियमावली पर हाई कोर्ट सख्त, सरकार से मांगी रिपोर्ट; क्या कहा

संक्षेप:

झारखंड हाईकोर्ट ने सरकार को पेसा नियमावली लागू करने में आने वाली बाधाओं को दूर कर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत यह निर्देश दिया है।

Nov 15, 2025 08:23 am ISTMohammad Azam लाइव हिन्दुस्तान, रांची
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झारखंड हाईकोर्ट ने सरकार को पेसा नियमावली लागू करने में आने वाली बाधाओं को दूर कर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने गुरुवार को मामले की सुनवाई करते हुए सरकार को तीन सप्ताह में प्रगति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही अदालत ने बालू समेत लघु खनिजों के आवंटन पर रोक बरकरार रखा है।

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सुनवाई के दौरान पंचायती राज विभाग के सचिव सशरीर उपस्थित हुए। राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि पंचायती राज विभाग ने पेसा नियमावली का प्रारूप कैबिनेट कोऑर्डिनेशन कमेटी को भेजा था, लेकिन कमेटी ने उसमें कुछ त्रुटियां बताई थीं। इन त्रुटियों को दूर कर विभाग एक सप्ताह के भीतर संशोधित प्रस्ताव फिर से कमेटी को भेजेगा।

क्या है मामला

पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों में विस्तार) अधिनियम, 1996 (पेसा कानून) केंद्र सरकार ने 1996 में लागू किया गया था। इसका उद्देश्य अनुसूचित क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासी समुदायों के अधिकारों और हितों की रक्षा करना है। हालांकि, एकीकृत बिहार से लेकर झारखंड गठन (2000) के बाद तक राज्य सरकार ने अब तक इस कानून के तहत नियमावली नहीं बनाई है।

झारखंड सरकार ने वर्ष 2019 और 2023 में पेसा नियमावली का ड्राफ्ट तैयार किया था, लेकिन उसे लागू नहीं किया गया। इसके बाद आदिवासी बुद्धिजीवी मंच की ओर से जनहित याचिका दायर की गई थी। हाईकोर्ट द्वारा आदेश देने के बावजूद नियमावली लागू नहीं होने पर मंच ने अवमानना याचिका दायर की है।

हाईकोर्ट ने वर्ष 2024 में दिया था आदेश

इससे पहले झारखंड हाईकोर्ट ने 29 जुलाई 2024 को जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान राज्य सरकार को दो माह के भीतर पेसा नियमावली अधिसूचित करने का आदेश दिया था। अदालत ने कहा था कि संविधान के 73वें संशोधन और पेसा कानून की भावना के अनुरूप नियमावली तैयार कर लागू की जाए। बावजूद इसके, अब तक नियमावली अधिसूचित नहीं की गई है, जिस पर अवमानना याचिका दायर की गयी है।

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युवा पत्रकार आजम ने लाइव हिन्दुस्तान के साथ पत्रकारिता की शुरुआत की। 8 राज्यों की पॉलिटिकल, क्राइम और वायरल खबरें कवर करते हैं। इनकी मीडिया की पढ़ाई भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली से हुई है। इंटरव्यू, पॉडकास्ट और कहानियां कहने का शौक है। हिंदी, अंग्रेजी साहित्य के साथ उर्दू साहित्य में भी रुचि है। और पढ़ें
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