अनाबद्ध योजना की आठ करोड़ की राशि पिछले चार माह में चार विभागों का काट रही चक्कर, फिर भी चौथी बार टेंडर रद्द
जामताड़ा,प्रतिनिधि। अनाबद्ध योजना की राशि से जिले में विकास कार्यों को गति देने की तैयारी पिछले चार माह से कागजी जाल में उलझी है। आठ करोड़ रुपये की राशि

अनाबद्ध योजना की आठ करोड़ की राशि पिछले चार माह में चार विभागों का काट रही चक्कर, फिर भी चौथी बार टेंडर रद्द जामताड़ा,प्रतिनिधि। अनाबद्ध योजना की राशि से जिले में विकास कार्यों को गति देने की तैयारी पिछले चार माह से कागजी जाल में उलझी है। आठ करोड़ रुपये की राशि चार अलग-अलग विभागों में घुमने के बाद भी 52 ग्रुप का टेंडर एक बार फिर मंगलवार को निरस्त कर दिया गया। इससे जिले के छह प्रखंडों में प्रस्तावित सड़क निर्माण, पुलिया मरम्मत, जल प्रबंधन और सामुदायिक भवन सहित कई योजनाएं अधर में लटक गई हैं। सूत्रों के अनुसार टेंडर प्रक्रिया के दरम्यान बीओक्यू निर्गत करने में हुई गड़बड़ी के आधार पर लगातार निविदा प्रस्ताव खारिज किए जा रहे हैं।
वहीं टेंडर प्रक्रिया बार-बार रद्द होने से ठेकेदारों में आक्रोश बढ़ रहा है। उनका कहना है कि जिले के विकास कार्य बाधित हो रहे हैं तथा मनमानी के चलते नियमों की जटिलता बढ़ाई जा रही है। चार बार निविदा रद्द होने के बाद भी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि अगली बार टेंडर सफलता पूर्वक संपन्न हो सकेगा या नहीं। इधर ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाएं शुरू होने को लेकर लोगों की उम्मीदें फीकी पड़ने लगी हैं। विकास योजनाओं के जमीन पर उतरने में अभी और देरी की पूरी आशंका जताई जा रही है। विदित हो कि जिले में पीसीसी पथ, पुलिया, चापानल, कलवर्ट, नाला निर्माण, सामुदायिक भवन मरम्मत, विद्यालय में दो कमरा निर्माण और चहारदीवारी निर्माण आदि कार्य प्रस्तावित हैं। लेकिन निविदा प्रक्रिया सितंबर से लेकर अब तक विवादों में उलझी हुई है। एनआरईपी कार्यालय ने पत्र जारी कर कहा है कि 25 नवंबर को प्रकाशित अति अल्पकालीन निविदा आमंत्रण सूचना को 08 दिसंबर को अपरिहार्य कारणों से रद्द कर दिया गया है। साथ ही ठेकेदारों से कहा गया है कि वे 10 दिसंबर को परिमाण विपत्र (बीओक्यू) और जमा अग्रधन की राशि का डिमांड ड्राफ्ट कार्यालय समय में वापस ले लें। -------- बीओक्यू नहीं मिलने से बढ़ा विवाद: इस टेंडर पर पहले ही विवाद खड़ा हो गया था। जामताड़ा के संवेदक शहनवाज हुसैन, उत्पल कुमार सिंह और श्रीनाथ सिंह ने उपायुक्त रवि आनंद को आवेदन देकर आरोप लगाया था कि वे ड्राफ्ट और सभी कागजातों के साथ बीओक्यू खरीदने पहुंचे थे। अंतिम समय तक आवेदन जमा रहने के बाद भी बीओक्यू निर्गत नहीं किया गया। चुनिंदा संवेदकों के साथ मिलकर टेंडर प्रक्रिया को प्रभावित किया गया। शिकायत के बाद पूरे मामले को लेकर ठेकेदारों में रोष है। उनका कहना है कि विभाग पारदर्शी प्रक्रिया अपनाए बिना विकास कार्य शुरू नहीं करेगा। --- ऑफलाइन निविदा निकाली गई थी। अपरिहार्य कारणों से निविदा खुलने से पहले रद्द की गई है। 10 दिसंबर को परिमाण विपत्र व जमा अग्रधन की राशि वापस करनी है। - दिनेश मुर्मू, कार्यपालक अभियंता, एनआरईपी, जामताड़ा
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