
चिरेका में 750 करोड़ के निर्माण कार्यों में लापरवाही का आरोप
मिहिजाम में 750 करोड़ रुपए के निर्माण कार्यों में गंभीर लापरवाही और सुरक्षा नियमों की अनदेखी के आरोप लगे हैं। मजदूरों को पीपीई किट उपलब्ध नहीं कराए गए हैं, जबकि कई जगहों पर रात में बिना रोशनी के काम कराया जा रहा है। प्राथमिक उपचार और सुरक्षा अधिकारियों की अनुपस्थिति ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।
मिहिजाम, प्रतिनिधि चिरेका प्रशासन के अधीन चल रहे लगभग 750 करोड़ रुपए के निर्माण और विकास कार्यों में गंभीर लापरवाही और सुरक्षा नियमों की अनदेखी का आरोप सामने आया है। कई परियोजनाओं में संवेदक द्वारा रेलवे के अनिवार्य सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किए जाने की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। स्थानीय मजदूरों और कर्मचारियों का कहना है कि शहर के कई निर्माण स्थलों पर न तो सुरक्षा बोर्ड, न मार्किंग, न बैरिकेडिंग और न ही चेतावनी संकेत लगाए गए हैं, जबकि रेलवे के सुरक्षा नियमों में यह सभी चीजें अनिवार्य है। पीपीई किट बिना कराई जा रही मजदूरी: आरोप है कि संबंधित संवेदक के द्वारा मजदूरों को सुरक्षा जूते, मास्क, हेलमेट, रिफ्लेक्टिव जैकेट जैसी जरूरी पीपीई किट भी उपलब्ध नहीं करा रहे हैं।
हाल ही में एक मजदूर का पैर सड़क निर्माण में उपयोग होने वाले गर्म अलकतरा में गिर गया। जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गया। मौके पर न प्राथमिक उपचार उपलब्ध था और न ही कोई सुरक्षा अधिकारी मौजूद थे। रात के अंधेरे में काम, न लाइटिंग, न सुरक्षा: कई स्थानों पर मजदूरों से रात में बिना पर्याप्त रोशनी के काम करवाया जा रहा है। गर्म अलकतरा से उठने वाला धुआं मजदूरों के फेफड़ों को नुकसान पहुंचाने वाला बताया गया है, लेकिन कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई है। वहीं रात के अंधेरे में मजदूरों से काम लिया जा रहा है। जहां न तो पर्याप्त रोशनी है और न ही सुरक्षा के प्रबंध हैं।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




