
संशोधित/जिला परिषद अध्यक्ष राधारानी सोरेन पद से हटीं,अविश्वास प्रस्ताव भारी बहुमत से पारित
जामताड़ा,प्रतिनिधि।जिला परिषद जामताड़ा में गुरुवार को सत्ता का समीकरण बदल गया। लंबे समय से चल रही अंदरूनी खींचतान के बीच जिला परिषद अध्यक्ष राधारानी
संशोधित/जिला परिषद अध्यक्ष राधारानी सोरेन पद से हटीं,अविश्वास प्रस्ताव भारी बहुमत से पारित जामताड़ा,प्रतिनिधि। जिला परिषद जामताड़ा में गुरुवार को सत्ता का समीकरण बदल गया। लंबे समय से चल रही अंदरूनी खींचतान के बीच जिला परिषद अध्यक्ष राधारानी सोरेन के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव भारी बहुमत से पारित हो गया। समाहरणालय स्थित सभागार में हुई विशेष बैठक के बाद उन्हें तत्काल प्रभाव से अध्यक्ष पद से हटा दिया गया। पूर्वाह्न 11:00 बजे शुरू हुई बैठक पर जिलेभर की निगाहें टिकी रहीं। पीठासीन पदाधिकारी सह डीसी रवि आनंद की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के साथ मतदान कराया गया।
निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए सभागार परिसर में पुलिस बल की व्यापक तैनाती रही। वहीं पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता के साथ वीडियोग्राफी में संपन्न कराई गई। विभागीय प्रावधानों की जानकारी दिए जाने के बाद जब मतदान शुरू हुआ तो परिणाम पहले से ही संकेत देने लगा। कुल 20 सदस्यों की उपस्थिति में 19 वैध मत पड़े। इनमें से 18 मत अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में गए। जबकि एक मत ब्लैंक रहा। स्पष्ट बहुमत के साथ प्रस्ताव पारित होते ही अध्यक्ष की कुर्सी पर विराम लग गया। मतदान की औपचारिक घोषणा के साथ ही विभागीय नियमों के तहत राधारानी सोरेन को पद से विमुक्त कर दिया गया। डीसी ने जानकारी दी कि नियमानुसार शीघ्र ही नए जिला परिषद अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। गौरतलब है कि जिला परिषद में कुल 23 सदस्यों को मतदान का अधिकार है। जिनमें एक सांसद, तीन विधायक, 14 जिला परिषद सदस्य तथा छह प्रखंड प्रमुख शामिल हैं। एक सदस्य के निधन के कारण एक पद पहले से रिक्त था। इस अहम मतदान में दुमका सांसद नलिन सोरेन और स्वास्थ्य मंत्री सह जामताड़ा विधायक डॉ इरफान अंसारी मौजूद रहे। हालांकि इस राजनीतिक घटनाक्रम से कुछ प्रमुख चेहरे दूर रहे। विधानसभा अध्यक्ष सह नाला विधायक रविंद्र नाथ महतो, सारठ विधायक उदय शंकर सिंह उर्फ चुन्ना सिंह और जिला परिषद सदस्य फुल कुमारी देवी ने मतदान प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लिया। जिससे राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस की जिलाध्यक्ष सह जिला परिषद सदस्य दीपिका बेसरा की अगुवाई में 22 दिसंबर 2025 को अविश्वास प्रस्ताव सौंपा गया था। प्रस्ताव में अध्यक्ष पर विभागीय बैठकों के आयोजन में लापरवाही, विभिन्न समितियों का गठन नहीं करने और विकास कार्यों की धीमी प्रगति जैसे आरोप लगाए गए थे। ------------------------------------------------------------------------------------------------- गुप्त ठिकाने से सभागार तक ,अविश्वास ने पलटी जिला परिषद की सत्ता: विगत 22 दिसंबर से जिला परिषद अध्यक्ष राधारानी सोरेन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को लेकर जारी सियासी घमासान का पटाक्षेप गुरुवार को हो गया। पूरे घटनाक्रम ने न सिर्फ जिले की राजनीति को गरमा दिया। बल्कि सत्ता समीकरणों की सटीक बिसात भी उजागर कर दी। सूत्रों के अनुसार, अविश्वास प्रस्ताव को भारी बहुमत से पारित कराने की रणनीति विगत बुधावार को ही तय कर ली गई थी। प्रस्ताव के पक्ष में बहुमत सुनिश्चित करने के लिए जिला परिषद सदस्यों एवं छह प्रखंडों के प्रमुखों को एक गुप्त स्थान पर रखा गया। जिसकी भनक आखिरी क्षण तक किसी को नहीं लग सकी। राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की अटकलें चलती रहीं। लेकिन रणनीतिक चुप्पी ने विरोधी खेमे को भांपने का मौका नहीं दिया। बताया जाता है कि तय समय पर गुप्त स्थान से सीधे जिला परिषद सदस्यों एवं छह प्रखंडों के प्रमुखों को समाहरणालय स्थित सभागार पहुंचाया गया। जहां अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान की प्रक्रिया पूरी की गई। इस सुनियोजित कदम ने सियासी समीकरणों को निर्णायक मोड़ पर ला खड़ा किया और अंततः अविश्वास प्रस्ताव भारी बहुमत से पारित हो गया। इस घटनाक्रम के बाद जिला परिषद की राजनीति में नए सिरे से हलचल तेज हो गई है, वहीं आने वाले दिनों में नए नेतृत्व और सत्ता संतुलन को लेकर चर्चाएं और तेज होने की संभावना जताई जा रही है। -------------------------------------------------------------------------------------------------- मंत्री इरफान के बिछाए बिसात पर क्लिन स्वीप हुई भाजपा समर्थित जिप अध्यक्ष राधारानी सोरेन: स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी के बिछाए बिसात पर भाजपा समर्थित जिला परिषद अध्यक्ष राधारानी सोरेन क्लीन स्वीप हो गई और उन्हें पद मुक्त कर दिया गया। उनके विरुद्ध जिला परिषद सदस्यों ने अविश्वास प्रस्ताव लाया था। हालांकि मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने कहा कि उन्होंने सदस्यों को समझने का प्रयास किया। लेकिन सभी लोग उन्हें हटाने के लिए अडिग थे। जिस कारण अविश्वास प्रस्ताव लाया गया और वोटिंग की प्रक्रिया हुई। जिसमें राधा रानी सोरेन के विपक्ष में 18 वोट पड़े और उन्हें एक भी वोट नहीं मिला। उन्होंने कहा कि एक प्रक्रिया के तहत वोटिंग में शामिल हुए और मतदान किया। -------------------------------------------------------------------------------------------------- निवर्तमान जिला परिषद अध्यक्ष राधा रानी सोरेन ने आरोप लगाया की डीसी ने इस पूरी प्रक्रिया में पक्षपात किया है। उन्होंने सभी सदस्यों को अपने कमरे में बुला लिया था। जबकि वह अनुरोध कर रही थी की वोटिंग स्थल पर उन्हें रहने दिया जाए। उन्होने कहा कि डीसी ने ही उनके विरुद्ध सभी को मतदान करने के लिए उकसाया है। ------------- अविश्वास प्रस्ताव के बाद कांग्रेस समर्थित खेमे में खुशी की लहर दौड़ पड़ी और जिला परिषद अध्यक्ष के प्रबल दावेदार माने जाने वाली कांग्रेस जिला अध्यक्ष सह जिप सदस्य दीपिका बेसरा ने कहा कि बोर्ड के सभी सदस्य उनके विरुद्ध थे। जिसका परिणाम है कि अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मतदान हुआ और उन्हें एक भी वोट प्राप्त नहीं हुआ। ------------- डीसी रवि आनंद ने निवर्तमान जिला परिषद अध्यक्ष के आरोप पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पूरी चुनावी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की गई है। पूर्व अध्यक्ष के द्वारा लगाया गया आरोप बिल्कुल निराधार है। अगर वह इस फैसले से असंतुष्ट है, तो न्यायालय जा सकती हैं। जहां हम लोग सुरक्षित रखे रिकॉर्डिंग को साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत करेंगे। फोटो जामताड़ा 01: गुरूवार को समाहरणालय सभागार में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दरम्यान मौजूद मंत्री डॉ इरफान अंसारी, सांसद नलिन सोरेन व अन्य। फोटो जामताड़ा 02: अविश्वास प्रस्ताव में सफल होने के बाद खड़े बोर्ड के विपक्षी सदस्य। फोटो जामताड़ा 03: अविश्वास प्रस्ताव में भाजपा समर्थित अध्यक्ष के हार के बाद मिठाइयां बांटते कांग्रेस समर्थित सदस्य।

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