संथाल सिविल रूल्स में संशोधन का विरोध
नारायणपुर में मांझी परगाना सरदार महासभा ने संथाल सिविल रूल्स 1946 और संथाल परगना रेग्युलेशन 1893 में संशोधन के विरोध में धरना दिया। उन्होंने पेसा कानून 1996 को लागू करने और आदिवासी स्वशासन व्यवस्था को...

नारायणपुर। संथाल सिविल रूल्स 1946 और संथाल परगना रेग्युलेशन 1893 में किए जा रहे संशोधन के विरोध तथा पेसा कानून 1996 को हू-ब-हू लागू करने की मांग को लेकर शुक्रवार को मांझी परगाना सरदार महासभा की ओर से प्रखंड सह अंचल कार्यालय नारायणपुर परिसर में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया गया। धरना के उपरांत महासभा के प्रतिनिधियों ने महामहिम राज्यपाल के नाम अंचलाधिकारी देवराज गुप्ता को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में संथाल परगना सिविल रूल्स 1946 एवं संथाल परगना जस्टिस रेग्युलेशन 1893 की समीक्षा व संशोधन पर रोक लगाने, पेसा कानून 1996 को अविलंब प्रभावी रूप से लागू करने, तथा आदिवासी स्वशासन व्यवस्था के सभी पारंपरिक पदाधिकारियों मांझी, जोगमांझी, पारानिक, जोग पारानिक, नायकी, कुड़ाम नायकी, भोगदो, गोडेत साल एवं परगना को सम्मान राशि प्रदान करने की मांग की गई।
इस दौरान सज्जन मुर्मू, सुनील बास्की, संजीत हेंब्रम, सुनील हांसदा, तारकेश्वर मुर्मू, रायमन मरांड़ी, केशर टुडू, कालीचरण हांसदा, कृष्णा मुर्मू, उपेंद्र मुर्मू समेत कई सदस्य उपस्थित रहे।

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