साइबर की छवि से निकलकर आम की मिठास से पहचान बना रहा करमाटांड़

हिन्दुस्तान, जामताड़ा
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करमाटांड़ अब साइबर अपराध के गढ़ के रूप में नहीं, बल्कि आम के बगीचों की हरियाली के लिए जाना जा रहा है। यहाँ के आम, जैसे दूधिया मालदा और लंगड़ा, अब देश के विभिन्न हिस्सों में भेजे जा रहे हैं। इस बार आम की बंपर पैदावार ने किसानों और व्यवसायियों को खुश किया है।

साइबर की छवि से निकलकर आम की मिठास से पहचान बना रहा करमाटांड़

करमाटांड़। साइबर अपराध के कारण राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रहने वाला करमाटांड़ इन दिनों एक नई पहचान गढ़ रहा है। यहाँ अब मोबाइल और लैपटॉप की चमक से ज्यादा आम के बगीचों की हरियाली लोगों को आकर्षित कर रही है। साइबर अपराध के गढ़ के रूप में बदनाम यह इलाका अब फलों के राजा आम के जरिए अपनी नई कहानी लिख रहा है।

आम की बढ़ती मांग

यूं तो करमाटांड़ के आम बगीचे काफी पुरानी हैं। लेकिन हाल के वर्षों में इनकी संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। करमाटांड़ की मिट्टी में उगने वाले दूधिया मालदा, लंगड़ा, हिमसागर, गुलाब खास, चौसा, दशहरी और आम्रपाली जैसे आम अब सिर्फ स्थानीय बाजारों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि राजस्थान, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार, उड़ीसा और छत्तीसगढ़ तक अपनी मिठास पहुंचा रहे हैं। कोलकाता, पटना, धनबाद, रांची और चित्तरंजन की मंडियों में करमाटांड़ के आम की खास मांग देखी जा रही है। इस वर्ष आम की बंपर पैदावार ने किसानों और व्यवसायियों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है। व्यापारियों के मुताबिक इस बार 100 टन से अधिक आम का उत्पादन हुआ है।

व्यापार और रोजगार

बरवाड़ा फल मंडी के जरिए हर दिन ट्रकों में भरकर आम दूसरे राज्यों के लिए रवाना हो रहे हैं। कई परिवार विदेशों में रह रहे अपने रिश्तेदारों को भी करमाटांड़ का आम उपहार के रूप में भेज रहे हैं। करीब 20 बड़े बागानों में फैले हजारों आम के पेड़ इन दिनों लदे पड़े हैं। बीटी ठाकुर बागान, तीन नंबर बागान, मकाठी कोठी, एथली बागान और वीरेंद्र मंडल बागान जैसे बगीचे क्षेत्र की पहचान बन चुके हैं। आम के इस कारोबार से करीब 500 लोगों को रोजगार मिल रहा है। कई परिवारों ने इसे ही अपनी आजीविका का मुख्य साधन बना लिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बदलते समय के साथ करमाटांड़ की तस्वीर भी बदल रही है, जो इलाका कभी साइबर अपराध की वजह से बदनाम था। वहीं अब आम की खुशबू से अपनी नई पहचान बना रहा है। बगीचों में पेड़ों से लटकते पीले-हरे आम मानो यह संदेश दे रहे हैं कि मेहनत और खेती की मिठास किसी भी बदनामी पर भारी पड़ सकती है।

सामान्य प्रश्न

करमाटांड़ में आम की कौन-कौन सी किस्में उगाई जाती हैं?
करमाटांड़ में दूधिया मालदा, लंगड़ा, हिमसागर, गुलाब खास, चौसा, दशहरी और आम्रपाली जैसी आम की किस्में उगाई जाती हैं।
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