जामताड़ा के 64 हाई स्कूल बनेंगे प्लस टू, गांवों में ही मिलेगी इंटर की पढ़ाई
जामताड़ा जिले में 64 उच्च विद्यालयों को प्लस टू में अपग्रेड किया जाएगा। इससे ग्रामीण विद्यार्थियों को 11वीं-12वीं की पढ़ाई अपने क्षेत्र में ही करने की सुविधा मिलेगी। नई शिक्षा नीति के तहत यह कदम उठाया जा रहा है, जिससे स्कूल छोड़ने की दर में कमी आएगी और शिक्षा की पहुंच बढ़ेगी।

जामताड़ा, प्रतिनिधि। जामताड़ा जिले में इंटरमीडिएट शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में बड़ी पहल होने जा रही है। जिले के 64 उच्च विद्यालयों को प्लस टू में अपग्रेड करने की तैयारी है, जिससे अब छात्रों को 11वीं-12वीं की पढ़ाई के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। सरकार के इस फैसले से खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। झारखंड सरकार के माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने राज्य में इंटरमीडिएट शिक्षा को सुदृढ़ करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत 10वीं तक संचालित उच्च विद्यालयों को प्लस टू स्कूल में अपग्रेड किया जाएगा। इस योजना में जामताड़ा जिले के 64 उच्च विद्यालय शामिल किए गए हैं।
विभाग ने सभी जिलों से सात दिनों के भीतर आवश्यक रिपोर्ट मांगी है। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की ओर से तैयार किए जा रहे इस प्रस्ताव को शैक्षणिक सत्र 2026-27 में केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। अपग्रेड किए जाने वाले विद्यालयों में विज्ञान, कला और वाणिज्य तीनों संकायों की पढ़ाई शुरू होगी। इससे विद्यार्थियों को अपने ही क्षेत्र में 12वीं तक की पढ़ाई की सुविधा मिल सकेगी। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत कक्षा नौ से 12 तक की पढ़ाई एक ही संस्थान में कराने का प्रावधान किया गया है। वहीं डिग्री कॉलेजों में इंटर की पढ़ाई पहले ही बंद हो चुकी है। ऐसे में प्लस टू विद्यालयों की संख्या बढ़ाना समय की जरूरत बन गई है। इससे स्कूल छोड़ने की दर में कमी आएगी और ग्रामीण क्षेत्रों में उच्च माध्यमिक शिक्षा की पहुंच भी बढ़ेगी। प्लस टू विद्यालयों के संचालन के लिए प्रति स्कूल औसतन 20 से 22 शिक्षकों की आवश्यकता होगी। इसके लिए वर्तमान शिक्षकों के साथ-साथ नए शिक्षकों की नियुक्ति भी की जाएगी। कक्षा नौ से 12 तक पढ़ाने के लिए संबंधित विषय में स्नातकोत्तर डिग्री, बीएड तथा झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य होगा।नामांकन की समस्या होगी दूर: डिग्री कॉलेजों में इंटर की पढ़ाई बंद होने के बाद विद्यार्थियों को नामांकन और पंजीयन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। अब हाई स्कूलों के प्लस टू में अपग्रेड होने से इस समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।बुनियादी सुविधाओं का होगा विस्तार: अपग्रेड किए जाने वाले विद्यालयों में छह से दस नए कक्ष बनाए जाएंगे। इसके साथ ही विज्ञान प्रयोगशाला, पुस्तकालय, शौचालय और बेंच-डेस्क जैसी बुनियादी सुविधाओं का भी विकास किया जाएगा।नई व्यवस्था में माध्यमिक आचार्य की नियुक्ति : नई व्यवस्था के तहत शिक्षकों को तीन श्रेणियों में बांटा जाएगा-कक्षा एक से पांच, छह से आठ और नौ से 12 तक। कक्षा एक से आठ तक के शिक्षक सहायक आचार्य और नौ से 12 तक के शिक्षक माध्यमिक आचार्य कहलाएंगे। इसके लिए नियुक्ति प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
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