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23 नवंबर, 2020|3:06|IST

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जामताड़ा: क्षतिग्रस्त पुल पर जान जोखिम में डाल आवाजाही कर रहे लोग

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सियाटांड़ से सिकरपोसनी को जोड़ने वाली पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद भी वाहन चालक जान जोखिम में डालकर पुल पर आवागमन कर रहे हैं। उक्त पुल पर वाहनों का आवागमन होना किसी दिन बड़ी हादसे की वजह बन सकती है। ग्रामीणों ने बताया कि यहां की नदी से बालू का उठाव भी किया जाता है। जिस कारण दर्जनों ट्रैक्टर बालू का उठाव के बाद उक्त जर्जर पुल से होकर गुजरते हैं। जबकि पुल करीब चार महीने पूर्व ही धंस गया है। इसके बाद भी प्रशासन की ओर से उक्त जर्जर पुल पर आवाजाही पर रोक नहीं लगाई गई है। करमाटांड़ व नारायणपुर के दर्जनों गांव के किसानों के लिए सिकरपोसनी पुल से पार करने के अलावे अन्य विकल्प नहीं होने से यह पुल ही एकमात्र आने-जाने का एकमात्र साधन है। जिसके कारण जर्जर व खतरनाक बन चुके पुल पर वाहनों का आवागमन लोगों की मजबूरी बनी हुई है। हालांकि ग्रामीण कार्य विभाग से सड़क का पक्कीकरण कुछेक वर्ष किया गया है। लेकिन पुल जर्जर होने की वजह से ग्रामीणों को पक्की सड़क का फायदा नहीं मिल पा रहा है।

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  • Web Title:Jamtara People risking movement on damaged bridge