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जामताड़ा: विवाह मंडप शिलान्यास विवाद ने जिला परिषद अध्यक्ष की कुर्सी उखाड़ दी

जामताड़ा: विवाह मंडप शिलान्यास विवाद ने जिला परिषद अध्यक्ष की कुर्सी उखाड़ दी

संक्षेप:

जामताड़ा,प्रतिनिधि।जिला परिषद के एक विवाह मंडप के निर्माण विवाद ने आखिरकार जिला परिषद अध्यक्ष राधा रानी सोरेन के लिए बड़ी मुश्किल खड़ी कर दी। गुरुवार

Jan 08, 2026 11:05 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, जामताड़ा
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जामताड़ा: विवाह मंडप शिलान्यास विवाद ने जिला परिषद अध्यक्ष की कुर्सी उखाड़ दी जामताड़ा,प्रतिनिधि। जिला परिषद के एक विवाह मंडप के निर्माण विवाद ने आखिरकार जिला परिषद अध्यक्ष राधा रानी सोरेन के लिए बड़ी मुश्किल खड़ी कर दी। गुरुवार को मतदान के दौरान भारी बहुमत से पारित अविश्वास प्रस्ताव के चलते राधा रानी सोरेन को अपनी कुर्सी गंवानी पड़ी। जानकारी के अनुसार, जिला परिषद द्वारा सुभाष चौक के पास लगभग 03 करोड़ रुपये की लागत से एक विवाह मंडप का निर्माण कराया जाना है। इसका शिलान्यास दिसंबर में स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने तत्कालीन जिला परिषद अध्यक्ष राधा रानी सोरेन की अनुपस्थिति में किया।

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वहीं राधा रानी सोरेन ने इसके विरोध में शिलान्यास दोबारा करने का निर्णय लिया, जिससे विवाद ने तेजी पकड़ ली। सूत्रों के अनुसार, जिला परिषद भाग संख्या- 03 की जिप सदस्य और कांग्रेस की जिला अध्यक्ष दीपिका बेसरा के नेतृत्व में एक गुट ने तुरंत लॉबिंग शुरू कर दी। जिले के अधिकांश जिला परिषद सदस्य तथा प्रमुखों को एकजुट कर, स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी का समर्थन मिलने के बाद, उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव डीडीसी को सौंपा। वहीं प्रक्रिया पूरी होने के बाद गुरुवार को मतदान हुआ, जिसमें 18 सदस्यों ने प्रस्ताव के पक्ष में वोट दिया, जबकि विपक्ष में एक भी वोट नहीं पड़ा। परिणामस्वरूप राधा रानी सोरेन को पद से हटाया गया। मंत्री खुद कर रहे थे लॉबिंग: इस वोटिंग के दौरान स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी स्वयं समाहरणालय में घूम-घूम कर लॉबिंग करते दिखे। यहां तक कि सांसद नलिन सोरेन को आधे रास्ते से वापस लाकर मतदान के लिए समाहरणालय में ले गए। भाजपा का साथ नहीं: राधा रानी सोरेन भाजपा की सदस्य हैं और कई अन्य जिला परिषद सदस्य भी भाजपा समर्थक हैं। बावजूद इसके अविश्वास प्रस्ताव के समय भाजपा समर्थित सदस्य उनके साथ नहीं आए। सूत्रों के अनुसार, यह नाराजगी इस बात से थी कि राधा रानी सोरेन अपने समर्थकों को पर्याप्त रूप से शामिल नहीं करती थीं। कांग्रेस और झामुमो ने दिखाई सक्रियता: अविश्वास प्रस्ताव के दौरान झामुमो और कांग्रेस के कार्यकर्ता सुबह से ही समाहरणालय के आसपास सक्रिय नजर आए। मतदान के समय जामताड़ा प्रमुख के पति और झामुमो के केंद्रीय कार्य समिति सदस्य भी सभा भवन के बाहर मौजूद रहे।