जिला के सात शैक्षणिक अंचल का संचालन हो रहा है तीन बीईईओ के भरोसे
जामताड़ा, प्रतिनिधि। द्वारा संचालित कार्यक्रम पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। शिक्षा विभाग में पदाधिकारियों की कमी का आकलन इसी बात से लगाया जा सकता है कि

जिला के सात शैक्षणिक अंचल का संचालन हो रहा है तीन बीईईओ के भरोसे जामताड़ा, प्रतिनिधि। शिक्षा विभाग में बीईईओ की कमी से कार्य प्रभावित हो रहे हैं। सात शैक्षणिक अंचल के जामताड़ा जिला में 7 बीईईओ की आवश्यकता है। जिसमें जिला में मात्र तीन बीईईओ ही पदस्थापित है। जिनके ऊपर अतिरिक्त प्रभार का बोझ दिया गया है। जिससे उनकी कार्य क्षमता भी प्रभावित होती है और समय पर रिपोर्ट भी विभाग को नहीं मिल पा रहा है। इसके अलावा कई कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। जिला अंतर्गत शिक्षा विभाग में पदाधिकारियों की घोर कमी है। इसके कारण विभाग के द्वारा संचालित कार्यक्रम पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
शिक्षा विभाग में पदाधिकारियों की कमी का आकलन इसी बात से लगाया जा सकता है कि 6 प्रखंड वाले जिले के 7 शैक्षणिक अंचल में मात्र तीन बीईईओ हीं पदस्थापित हैं। तीनों बीईईओ के जिम्मे अलग-अलग शैक्षणिक अंचल का अतिरिक्त प्रभार है। बीईईओ मिलन घोष की पदस्थापना कुंडहित प्रखंड में है। उन्हें अतिरिक्त नाला प्रखंड का प्रभार दिया गया है। जबकी बीईईओ सर्किल मरांडी की पदस्थापना नारायणपुर में हैं जो करमाटांड़ बीआरसी के अतिरिक्त प्रभार में है। वही बीईईओ वीणा रानी जो धसनियां शैक्षणिक अंचल में पदस्थापित हैं। इनको फतेहपुर प्रखंड के साथ-साथ जामताड़ा प्रखंड का भी अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारियों की कमी के कारण जिले भर के स्कूल जैसे तैसे संचालित हो रहे हैं। पदाधिकारियों की कमी के कारण ना तो विद्यालयों का समुचित निगरानी हो पा रहा है और ना ही कोई कार्यक्रम सही तरीके से संचालित हो पा रहा है। इसके अलावे रिपोर्टिंग भी समय पर नहीं हो पा रहा है। राज्य स्तरीय पोर्टल पर समय पर रिपोर्टिंग नहीं होने की वजह से जिले का स्कोर भी काफी नीचे हो रहा है। वर्तमान में जामताड़ा जिला के जामताड़ा, मिहिजाम, नाला तथा गेड़िया शैक्षणिक अंचल अंचल में बीईईओ का पद खाली है।
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