एक्सएलआरआई: बेंगलुरु में चाई-स्क्वायर कॉन्क्लेव, एआई के भविष्य पर मंथन
एक्सएलआरआई जमशेदपुर की एनालिटिक्स और स्ट्रैटेजी समिति डार्विक्स ने बेंगलुरु में चाई-स्क्वायर 2026 कॉन्क्लेव का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में एआई, डेटा एनालिटिक्स और रणनीतिक परिवर्तन पर चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने एआई के कार्यान्वयन में गवर्नेंस फ्रेमवर्क और डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर की आवश्यकता पर जोर दिया।

एक्सएलआरआई जमशेदपुर की एनालिटिक्स और स्ट्रैटेजी समिति डार्विक्स ने बेंगलुरु में चाई-स्क्वायर 2026 कॉन्क्लेव का आयोजन किया। इस कार्यक्रम ने उद्योग जगत के दिग्गजों, शिक्षाविदों और तकनीकी विशेषज्ञों को एक मंच पर लाकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डेटा एनालिटिक्स और रणनीतिक परिवर्तन के भविष्य पर गहन चर्चा की। कॉन्क्लेव का उद्देश्य एआई के बढ़ते प्रभाव पर केवल उत्साह तक सीमित न रहकर इसके व्यावहारिक पहलुओं, चुनौतियों और नैतिक जिम्मेदारियों पर संतुलित दृष्टिकोण विकसित करना था। विभिन्न सत्रों में स्टार्टअप्स से लेकर वैश्विक निगमों तक के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। विशेषज्ञों ने जोर दिया कि एआई का कार्यान्वयन केवल तकनीक तक सीमित नहीं है।
इसके लिए मजबूत गवर्नेंस फ्रेमवर्क और ठोस डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर की भी आवश्यकता है।सैप के ग्लोबल वाइस प्रेसिडेंट सोनल कुमार ने चर्चा की सराहना करते हुए कहा कि एआई को अकादमिक और औद्योगिक दोनों दृष्टिकोणों से देखना बेहद प्रासंगिक रहा। जेपी मॉर्गन के डेटा साइंस लीड प्रतीक खंडेलवाल ने उद्योग को बदलने वाली वास्तविक कहानियों को प्रेरणादायक बताया। एक्सेंचर के प्रबंध निदेशक महेश वेंकटरामन ने कार्यक्रम के नेटवर्किंग और सहयोगात्मक वातावरण की प्रशंसा की। उन्होंने इसे बेहतरीन दिमागों का मिलन स्थल करार दिया। कॉन्क्लेव में एक प्रमुख विषय एआई की पारदर्शिता और जवाबदेही रहा। विशेषज्ञों ने नवाचार के साथ-साथ नैतिक मूल्यों के संतुलन पर बल दिया।
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