Jamshedpur News: परिवार की सुख-समृद्धि के लिए मां विपदातारिणी की पूजा
Jamshedpur News: शनिवार को शहर के विभिन्न देवी मंदिरों में मां विपदतारिणी की पूजा विधि-विधान से की गई। महिलाएं सुबह से ही मंदिर पहुंचने लगीं। सैकड़ों श्रद्धालु माता के दर्शन और पूजा के लिए कतार में खड़े रहे। पूजा के पश्चात श्रद्धालुओं ने रक्षा सूत्र बांधा और समृद्धि की कामना की।

Jamshedpur News: शहर के विभिन्न देवी मंदिरों में शनिवार को मां विपदतारिणी की पूजा-अर्चना विधि-विधान से हुई। सुबह छह बजे से ही महिलाएं मंदिर पहुंचने लगीं। दोपहर तक यह सिलसिला जारी रहा। सैकड़ों महिला, पुरुष और बच्चे माता के दर्शन और पूजा के लिए कतार में खड़े रहे। श्रद्धालुओं ने निर्जला व्रत रखकर 13 प्रकार के फल, फूल और मिष्ठान चढ़ाए। पुरोहितों ने विधि-विधान से पूजा संपन्न कराई। इसके बाद सामूहिक कथा हुई, जिसमें महिलाओं ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। पूजा के दौरान जय मां विपदतारिणी के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-शांति, संतान की सुरक्षा और समृद्धि की कामना की。
पूजा की परंपरा
पूजा के बाद महिलाओं ने बाएं हाथ और पुरुषों ने दाएं हाथ में 13 गांठ वाले पवित्र लाल धागे में आठ दुर्वा दल बांधकर बांधा। यह रक्षा सूत्र विपदा और बाधाओं से सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है। बंगाली समाज की महिलाएं विशेष रूप से यह व्रत और पूजा करती हैं। मां विपदतारिणी दुर्गा के 108 रूपों में से एक हैं। इनकी पूजा मुख्य रूप से रथ यात्रा के बाद मंगलवार और शनिवार को की जाती है। महिलाएं अपने सुहाग की दीर्घायु और बच्चों को विपत्तियों से बचाने के लिए यह पूजा करती हैं।
आयोजन स्थल
इस मौके पर साकची दुर्गाबाड़ी, बारीडीह काली मंदिर, टिनप्लेट काली मंदिर, जमशेदपुर दुर्गाबाड़ी आश्रम, मानगो कालीबाड़ी, बेल्डीह कालीबाड़ी और कदमा रंकिणी मंदिर समेत कई जगहों पर पूजा-अर्चना हुई। पूजा के बाद इन मंदिरों में माता का भोग लगाया गया, जिसका प्रसाद हजारों श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया।
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