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गांव से शहर तक चमके विद्युत, गीता ने लिखा नया अध्याय

गांव से शहर तक चमके विद्युत, गीता ने लिखा नया अध्याय

कोल्हान के दोनों लोकसभा सीटों के चुनाव परिणाम ने इस बार न सिर्फ राजनीतिक पार्टियों बल्कि राजनीति के जानकारों को भी सोचने पर विवश किया है। भाजपा की झोली में लगातार दूसरी बार जमशेदपुर सीट डालने वाले विद्युत वरण महतो की जीत का सबसे बड़ा कारण यह रहा कि उन्हें गांव से शहर तक अपार जनसमर्थन मिला। वहीं सिंहभूम संसदीय क्षेत्र से पहली बार महिला सांसद बनने का गौरव हासिल करने वाली कांग्रेस प्रत्याशी गीता कोड़ा ने भाजपा से यह सीट छिनकर नया इतिहास रचा है। जमशेदपुर लोस सीट: जमशेदपुर लोस सीट से भाजपा के प्रत्याशी विद्युत वरण महतो की जीत अप्रत्याशित तो नहीं पर झामुमो को सोचने पर विवश अवश्य करती है। इस चुनाव में महागठबंधन चुनावी समर से पहले ही इतना असहाय दिखा कि अपने प्रतिद्वंदी के मुकाबले एक मजबूत उम्मीदवार भी न खड़ा कर सका। झामुमो और कांग्रेस दोनों को यह बात शुरू से पता थी कि विद्युत वरण महतो के खिलाफ चंपई सोरेन कमतर ही साबित होंगे। हुआ भी वही। झामुमो ग्रामीण क्षेत्रों में अपने जिस जनाधार की बात करती है उसे वह वोट में तब्दील नहीं कर पायी। जमशेदपुर लोस क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली छह विस सीटों में बहरागोड़ा- झामुमो, पोटका- भाजपा, पूर्वी जमशेदपुर- भाजपा, घाटशिला- भाजपा, जुगसलाई- आजसू , पश्चिमी जमशेदपुर भाजपा के पास है। पर बहरागोड़ा में भी चंपई को सिर्फ 61,508 वोट मिले, जबकि विद्युत वरण को 93,072। पोटका और घाटशिला जैसे विधानसभा क्षेत्र में भी झामुमो प्रत्याशी वोट पाने में विद्युत वरण महतो के मुकाबले पीछे ही रहे। जुगसलाई, जमशेदपुर पूर्वी और जमशेदपुर पश्चिमी विस क्षेत्र में तो खैर विद्युत ने दोगुने और तीगुने वोटों के अंतर से चंपई को पीछे छोड़ दिया। सरायकेला विस क्षेत्र के विधायक चंपई सोरेन का कार्यक्षेत्र सरायकेला-खरसावां जिला में ही रहा है। उन्हें जमशेदपुर के मतदाताओं ने बाहरी समझ कर नकार दिया। पांच लाख आदिवासी मततदाताओं का वोट पा लेने की गणित के साथ चुनावी मैदान में उतरे झामुमो प्रत्याशी चंपई सोरेन को सफलता नहीं मिली। सिंहभूम लोस सीट: सिंहभूम लोस सीट का चुनाव परिणाम अप्रत्याशित रहा। भारत के चुनावी इतिहास में पहली बार भाजपा को प्रचंड बहुमत हासिल हुई, झारखंड में भी एनडीए ने 13 सीटें हासिल की। तब भी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और पिछली चुनाव में विजयी प्रत्याशी लक्ष्मण गिलुवा को हार का सामना करना पड़ा। उनका हार जाना भाजपा को हजम नहीं हो रहा। पार्टी के सबसे बड़े स्टार प्रचारक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चाईबासा में उनके लिए चुनावी सभा कर वोट मांगा था। दरअसल, लक्ष्मण गिलुवा मोदी लहर के भरोसे रह गये और अपने क्षेत्र का मूड भांप नहीं पाये। आदिवासी बहुल इस लोकसभा सीट के मतदाता जल, जंगल, जमीन के मुद्दे पर भाजपा के खिलाफ हो गये। कार्यकर्ताओं से कटे-कटे रहने का आरोप गिलुवा पर पहले से ही है। इस सबका फायदा कांग्रेस प्रत्याशी गीता कोड़ा ने उठाया। यहां की सभी छह विधानसभा सीटों पर जगन्नाथपुर में कांग्रेस व सरायकेला, मनोहरपुर, चक्रधरपुर, मझगांव और चाईबासा झामुमो का कब्जा है। अब लोस सीट से भी भाजपा बेदखल हो गयी है। चाईबासा व मझगांव विधानसभा क्षेत्रों में गीता कोड़ा को मिले वोट गिलुवा को मिले वोटों से तिगुना ज्यादा है। इसी दोनों विस क्षेत्रों ने गीता की जीत सुनिश्चित कर दी। हालांकि जगन्नाथपुर में उन्हे ज्यादा फायदा नहीं हुआ।

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  • Web Title:vidyut shines from village to city new chapter written by Geeta