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32 दिनों से लापता पत्नी मिली तो मनोहर के लिए वैलेंटाइन डे हुआ खास

वैलेंटाइन डे को प्यार करने वाले युगल के लिए खास दिन माना जाता है। लेकिन जमशेदपुर से करीब 40 किलोमीटर दूर मुसाबनी के मनोहर नायक और उनकी पत्नी अनीता के लिए तो यह दिन कुछ ज्यादा ही खास रहा। इस दिन को मनोहर शायद कभी ही भूल पाएं। 32 दिनों से लापता पत्नी अनीता को पाकर मनोहर के जीवन में फिर से खुशियां लौट आई हैं। पत्नी को ढूंढ़ने के लिए मनोहर ने जो किया वह एक मिसाल है। 
मानसिक रूप से बीमार अनीता 11 जनवरी को अपने मायके (डुमरिया प्रखंड के कुमड़ाशोल ग्राम) से लापता हो गई। इसके बाद मुसाबनी प्रखंड के ही बलियागोड़ा गांव के निवासी मनोहर काफी परेशान हो गए, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने अनीता को तलाश करने के लिए वैसी ही कसम खाई जैसे शादी के वक्त उसका जीवन भर साथ निभाने की खाई थी। आर्थिक रूप से कमजोर मनोहर के लिए यह कसम निभाना आसान नहीं था। सवाल था कि वे अपनी वैलेंटाइन (पत्नी) को ढूंढें तो कैसे? एक साइकिल के अलवा उनके पास कोई अन्य साधन नहीं था। हौसला बुलंद कर उन्होंने साइकिल से ही अनीता को तलाश करने की ठान ली। साइकिल से ही गांव-गांव घूमकर अपनी पत्नी को ढूंढ़ने लगे। इस दौरान उन्होंने लगभग 750 किलोमीटर साइकिल चलाई और कुल 55 गांवों में पत्नी की तलाश करते रहे। अनीता को एक झलक देखने के लिए उनकी आंखें जैसे पथराने लगी थीं। तभी 12 फरवरी को उन्हें बड़ी खुशखबरी मिली। खड़गपुर (प. बंगाल) से पुलिस ने मुसाबनी थाने को संदेशा भेजा कि अनीता उनके थाने में है। स्थानीय अधिकारियों ने मनोहर और अनीता के संबंधों के कागजात आनन-फानन में तैयार कर दिया। बिना समय गंवाए मनोहर अपने दो साथियों के साथ खड़गपुर पहुंचे। पत्नी को जैसे ही देखा तो मनोहर की आंखों से आंसुओं की अविरल धार बह निकली। अनीता को लेकर खुशी से झूमते हुए मनोहर अपने घर पहुंचे। मनोहर साइकिल से ही अपनी प्रियतमा को पोटका के ग्वालकाटा गांव ले गए। यहां एक वैद्यराज से अनीता का इलाज करवा रहे हैं। अब दोनों काफी खुश हैं। 

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  • Web Title:Valentine Day is very special for Manohar who got his wife after 32 days