मिजिल्स रुबेला-2 में मात्र 87 फीसदी टीकाकरण
पूर्वी सिंहभूम जिले में मिजिल्स रुबेला टीकाकरण को बढ़ाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने प्रखंड स्तर तक लक्ष्य निर्धारित किया है। मिजल्स रुबेला-1 का टीकाकरण 92% और मिजल्स रुबेला-2 का 87% हुआ है। कोल्ड चेन प्वाइंट में खराबी और एएनएम व सहिया की कमी के कारण टीकाकरण में परेशानी आ रही है।

पूर्वी सिंहभूम जिले में मिजिल्स रुबेला वन और टू दोनों के टीकाकरण को बढ़ाना है। इसके लिए प्रखंड स्तर तक स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को लक्ष्य दिया गया है। वहीं, अन्य टीकाकरण के प्रतिशत को शत-प्रतिशत तक पहुंचाने का आदेश है। मिजल्स रुबेला -1 का टीकाकरण 92 फीसदी हुआ है तो मिजल्स रुबेला-2 का टीकाकरण मात्र 87 फीसदी। टीकाकरण 16 से 24 महीने के बच्चों का होता है। समीक्षा बैठक में इसे गंभीरता से लिया गया। इसके लिए सिविल सर्जन ने एक टीम बनाई है, जो सदर सहित पूरे जिला के अस्पतालों में टीकाकरण की समीक्षा करेगी। इन कमियों को दूर करने का हर स्तर पर प्रयास किया जाएगा।
इसके लिए लोगों को जागरूक किया जाएगा। एक कोल्ड चेन खराब टीकाकरण को सफल बनाने के लिए कोल्ड चेन प्वाइंट बनाया गया है। जिले में कुल 23 कोल्ड चेन प्वाइंट बने हैं। इसमें एक प्वाइंट ने सरेंडर कर दिया है तो वहीं दूसरी कोल्ड चेन प्वाइंट खराब है, जिसके कारण उसका उपयोग नहीं हो पा रहा है। एएनएम और सहिया की कमी से परेशानी समीक्षा में सामने आया है कि जिले में कई जगहों पर सहिया नहीं हैं और कई जगहों पर एएनएम नहीं हैं। इन लोगों के नहीं रहने से जमीनी स्तर पर काम करने में परेशानी हो रही है। इसमें क्या समाधान निकाला जाए, इसको लेकर भी चर्चा हुई। जानकारी हो कि शहरी के साथ ग्रामीण स्तर पर सहिया और एएनएम ही हैं, जो हर व्यक्ति तक पहुंच रखती हैं और वहां मरीजों को सुविधाएं पहुंचाती हैं।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।



