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टर्नओवर से होगी ई-वे बिल की गणना

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत अब व्यवसायियों के टर्नओवर से ई-वे बिल की गणना होगा। यानी संबधित कंपनी मालिक ने प्रति तिमाही कितना टर्नओवर किया? कितना माल डिस्पैच किया और उसे ई-वे बिल में कितना दिखा रहे हैं। ्र

जीएसटी प्रावधान के अनुसार, किसी भी व्यवसायी को कहीं भी माल भेजना है तो उन्हें ई-वे बिल जेनरेट करना होगा। इसमें माल कहां से जा रहा है, ट्रांसपोर्ट कंपनी का नाम के अलावा कब और कहां भेजा जा रहा है। उसका पूरा विवरण देना है। ई-वे बिल में जीएसटी के दायरे के बाहर वाले सामान का भी विवरण देना अनिवार्य है। लेकिन शहर की कई कंपनियां व व्यवसायी 50 हजार से ज्यादा के माल पर दो बिल बना रहे हैं, ताकि उन्हें कम टैक्स देना पड़े। ऐसे में राज्यकर विभाग को प्रति माह लाखों रुपये की चपत लगाई जा रही है। इस पर लगाम लगाने के लिए राज्यकर विभाग अब संबंधित अधिकारी या कंपनी के टर्नओवर के आधार पर उसके ई-वे बिल की गणना करेगा और उसके आधार पर ही टैक्स की वसूली भी होगी।

चोरी पर लगेगी पेनाल्टी : अगर कोई व्यवसायी किसी माल का प्रति तिमाही 3 लाख टन उत्पादन करता है। लेकिन डिस्पैच सिर्फ दो लाख टन दिखा रहा है तो ऐसे में संबंधित व्यवसायी से चोरी किए माल यानी एक लाख टन पर पेनाल्टी वसूली जाएगी। अगर किसी व्यवसायी का माल बिना ई-वे बिल के रास्ते में पकड़ा जाता है तो कुल माल की कीमत का 50 प्रतिशत जुर्माना वसूला जाएगा। अगर संबंधित व्यवसायी विभाग के समक्ष उपस्थित नहीं होता है तो जुर्माने की रकम 100 प्रतिशत भी हो जाएगी।

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  • Web Title:Turnover will be calculated by e-bill