Tribal situation worsens from bad Hemant - आदिवासियों की स्थिति बद से बदतर : हेमंत DA Image
14 दिसंबर, 2019|10:44|IST

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आदिवासियों की स्थिति बद से बदतर : हेमंत

आदिवासियों की स्थिति बद से बदतर : हेमंत

विश्व में कहीं भी आदिवासियों की स्थिति अच्छी नहीं है। झारखंड में भी आदिवासियों की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। इनके जंगल उजाड़े जा रहे हैं, संस्कृति नष्ट की जा रही है। सामंतवादी सोच के लोग इस तरह की हरकत कर रहे हैं। भौतिकवादी युग में अब आदिवासी खुद को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ये बातें पूर्व मुख्यमंत्री और झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने गुरुवार को सर्किट हाउस में कहीं। वे विश्व आदिवासी दिवस की पूर्व संध्या पर आदिवासियों की स्थिति पर मीडिया द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे।

बेरोजगार परेशान हैं, आत्महत्या कर रहे : उद्योग बंद होने और औद्योगिक बदहाली के बारे में पूछे जाने पर विपक्षी नेता ने कहा कि जमशेदपुर जो मुख्यमंत्री का गृह क्षेत्र है, जब यहीं इतनी खराब स्थिति है, तो राज्य के बाकी हिस्से के बारे में क्या कहा जाए। एनएच 33 रांची-टाटा रोड की स्थिति के बारे में पूछने पर उन्होंने कटाक्ष किया, कहा, यह डबल इंजन की सरकार के कामकाज की बानगी है।

बिजली विभाग में लूट मची है, खेती बदहाल : विधान सभा में विपक्ष के नेता सोरेन ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री खुद बिजली विभाग संभाल रहे हैं और विद्युत निगम में लूट मची हुई है। सरकार की नीति और नीयत की वजह से किस तरह राज्य के सवा तीन करोड़ लोग परेशान हैं, यह विभाग इसका उदाहरण है। जदयू के प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व सांसद सालखन मुर्मू के द्वारा झामुमो और उनके परिवार पर आरोप लगाने पर हेमंत सोरेन ने कहा कि जिनके खुद का वजूद का पता नहीं, उनके सवाल का क्या जवाब दें। उनके आरोपों का जवाब झामुमो के प्रखंड स्तर के नेता देंगे।

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