ट्रेनों की लेटलतीफी से समय पर घर और ऑफिस नहीं पहुंच पा रहे यात्री
टाटानगर से झारसुगुड़ा, चांडिल और खड़गपुर तक ट्रेनों की लेटलतीफी ने यात्रियों को आर्थिक और मानसिक परेशानी में डाल दिया है। चक्रधरपुर मंडल में ट्रेनों की लेट चलने की समस्या लगातार बढ़ रही है, जिससे सैकड़ों यात्री समय पर अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। रेलवे की अनदेखी से यात्री असंतुष्ट हैं।

टाटानगर से झारसुगुड़ा, चांडिल और खड़गपुर तक ट्रेनों की लेटलतीफी ने यात्रियों को आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान कर दिया है। ट्रेनों के रोज लेट चलने से सैकड़ों यात्री (छात्र, मजदूर व कार्यालय में नौकरी करने वाले) समय से गंतव्य पर नहीं पहुंच पाते हैं। मुंबई, बिहार समेत अन्य मार्ग से समय पर आने वाली ट्रेनें चक्रधरपुर मंडल क्षेत्र में आने के बाद लेट होने लगती हैं। राजधानी, दुरंतो और वंदे भारत जैसी ट्रेनों ने भी कई बार लेट चलने का रिकॉर्ड तोड़ा है। स्थिति यह है कि टाटानगर से झारसुगुड़ा 265 किलोमीटर, टाटानगर से चांडिल 35 किलोमीटर और टाटानगर से खड़गपुर 136 किलोमीटर तक शायद कोई ट्रेन कभी समय से टाटानगर आती है।
देशभर में ट्रेनों के समयबद्ध परिचालन के सर्वे में चक्रधरपुर मंडल हमेशा फिसड्डी रहा है, क्योंकि 100 में 38 ट्रेनें 2 से 8 घंटे तक रोज लेट चलती हैं। झारखंड रेल यूजर्स एसोसिएशन ने दर्जनों बार एनटीईएस में भी ट्रेनों के आगमन और प्रस्थान का गलत समय दर्ज करने का मुद्दा सोशल साइट में उठाया है, लेकिन चक्रधरपुर मंडल के रेल अधिकारी एसोसिएशन की शिकायत को अनदेखी कर देते हैं। यात्रियों की परेशानी पर ध्यान नहीं देता रेलवे ट्रेनों को समय से चलाने की मांग दक्षिण पूर्व जोन की रेलवे सलाहकार समिति की बैठक में भी उठा था, जबकि, सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स ने जुगसलाई में धरना दिया था। रेलवे में ऑनलाइन और टाटानगर स्टेशन पुस्तिका में भी ट्रेनों के लेट चलने की दर्जनों शिकायत हो चुकी हैं। वहीं, जमशेदपुर में ट्रेनों की लेटलतीफी के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान चला था। लेकिन रेलवे मालगाड़ी के लिए यात्री ट्रेनों को रोकना बंद नहीं कर रहा है। मालगाड़ियों को चलाना अर्थव्यवस्था के लिए आवश्यक है, लेकिन यात्री सुविधा को नजरअंदाज कर दिनभर ट्रेनों को बेवजह नहीं रोकना चाहिए। - करण कुमार यात्री ट्रेनें चक्रधरपुर मंडल क्षेत्र में आकर ज्यादा लेट होती हैं। रेलवे को यात्रियों की परेशानी पर ध्यान देकर जल्द सुधार करना चाहिए। - सोनू कुमार रेलवे मालगाड़ी जरूर चलाए, लेकिन यात्री ट्रेनों को रोककर चलाना गलत है। ट्रेनों के लेट होने से यात्रियों को कई तरह से नुकसान होता है। - परिमल शर्मा बिहार, मुंबई और ओडिशा की ट्रेनें करीब तीन महीने से लगातार लेट से टाटानगर आ रही है। इससे 11-12 सौ किमी की यात्रा करने वाले परेशान हैं। - श्रीराम यादव
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