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ट्रैफिक चेकिंग के दौरान युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को गिराया, महासचिव निखिल तिवारी ने की लिखित शिकायत

ट्रैफिक चेकिंग के दौरान युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को गिराया, महासचिव निखिल तिवारी ने की लिखित शिकायत

संक्षेप:

जमशेदपुर में सिदगोड़ा रोड पर ट्रैफिक पुलिस द्वारा चेकिंग के दौरान युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता पीयूष शर्मा और आकाश कुमार को बेरिकेड धक्का देकर गिरा दिया गया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। निखिल तिवारी ने इस कार्रवाई की निंदा की और पुलिस अधिकारी के खिलाफ शिकायत देने का प्रयास किया, लेकिन असहयोगपूर्ण रवैया का सामना करना पड़ा।

Dec 05, 2025 02:49 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, जमशेदपुर
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जमशेदपुर। सिदगोड़ा रोड नंबर–28 के पास ट्रैफिक पुलिस द्वारा चलाए जा रहे चेकिंग अभियान के दौरान एक बड़ा विवाद सामने आया है। आरोप है कि चेकिंग पॉइंट से गुजर रहे युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता पीयूष शर्मा और आकाश कुमार को ट्रैफिक पुलिस अधिकारी एसएस पासवान ने अचानक बेरिकेड धक्का देकर गिरा दिया, जिससे दोनों युवक बाइक सहित सड़क पर गिर पड़े और उनके पैर व कमर में गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद दोनों घायलों ने तत्काल इसकी सूचना युवा कांग्रेस पूर्वी विधान सभा के महासचिव निखिल तिवारी को दी। सूचना मिलते ही निखिल तिवारी मौके पर पहुंचे और ट्रैफिक पुलिस अधिकारी एसएस पासवान से इस कार्रवाई पर सवाल किया।

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कहा, अगर बच्चों से कोई गलती हुई थी, तो चेतावनी देकर छोड़ा जा सकता था, या फिर नियम के अनुसार चालान काट लेते। ऐसी कौन-सी मजबूरी थी कि छात्रों को बेरिकेड धकेल कर गिराने जैसा कदम उठाया। इस पर पासवान ने कथित रूप से जवाब दिया कि गोलमुरी ट्रैफिक क्षेत्र में यह कोई नई घटना नहीं है और यह ग्यारहवीं बार ऐसा मामला सामने आया है। निखिल तिवारी का आरोप है कि बातचीत के दौरान अधिकारी ने उनसे अभद्र व्यवहार करते हुए कहा, “जो करना है करो, यहां दोबारा दिखना मत, नहीं तो तुम्हें भी मारेंगे और तुम्हारे ऊपर एसटी/एससी एक्ट का केस लगा देंगे। घटना के विरोध में निखिल तिवारी अपने साथियों और घायलों को लेकर गोलमुरी टीओपी पहुंचे, जहां उन्होंने उपस्थित पदाधिकारी को लिखित शिकायत देने की बात कही। लेकिन आरोप है कि वहां मौजूद मुंशी औरंगजेब ने शिकायत दर्ज करने में असहयोगपूर्ण रवैया अपनाया। निखिल तिवारी और उनके साथियों का कहना है कि मुंशी ने शिकायत लेने से पहले ही अहंकारी व्यवहार किया और मामले को गंभीरता से नहीं लिया। युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि पुलिस के एक हिस्से का ऐसा व्यवहार बेहद निंदनीय है और यह आम नागरिकों के लिए खतरा बन रहा है। उन्होंने मामले में उचित कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं न हों।