Three times more arthritis in women - महिलाओं में तीन गुना अधिक गठिया रोग : डॉ. चटर्जी DA Image

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महिलाओं में तीन गुना अधिक गठिया रोग : डॉ. चटर्जी

जोड़ो का दर्द यानी गठिया रोग को मेडिकल साइंस की भाषा में रूमेटाइड आर्थराइटिस भी कहा जाता है। यह रोग पुरुषों की तुलना में महिलाओं में तीन गुना अधिक पाया जाता है। प्रत्येक सौ पुरुष में से एक को, जबकि प्रत्येक सौ महिला में तीन में यह बीमारी देखने को मिलती है। यह बातें अपोलो हॉस्पिटल, कोलकाता से आये डायबेटोलॉजिस्ट डॉ. एसएस चटर्जी ने शनिवार को एमजीएम अस्पताल के प्रेक्षागृह में कहीं। वे यहां अपोलो हॉस्पिटल्स की ओर से रूमेटाइड आर्थराइटिस (गठिया रोग) पर आधारित सेमिनार को बतौर मुख्य वक्ता संबोधित कर रहे थे। सेमिनार में एमजीएम के डॉ. एचएल मुर्मू, डॉ. डी हांसदा, डॉ. अरुण कुमार, डॉ. अजय, डॉ. आलोक रंजन, अपोलो हॉस्पिटल्स के धर्मेंद्र कुमार, इप्का के सीनियर एरिया बिजनेस मैनेजर पवन विश्वकर्मा, एमआर, विशाल, हर्ष समेत कई सीनियर-जूनियर डॉक्टर मौजूद थे। डॉ. एसएस चटर्जी ने बताया कि इम्यून सिस्टम में गड़बड़ी होने के कारण शरीर का प्रोटीन प्रतिशत कम होने लगता है। जिसके कारण रूमेटाइड आर्थराइटिस की समस्या होती है। गलत लाइफस्टाइल व अनियमित खान-पान भी इसके कारण हो सकते हैं। बुखार के साथ जोड़ों में दर्द होना, सुबह नींद खुलने पर जोड़ों में अत्यधिक दर्द होना, गर्म पानी पड़ने पर जोड़ों में दर्द होना आदि रूमेटाइड आर्थराइटिस के आम लक्षण है। अगर ससमय इलाज कराया जाये तो इसे आसानी से ठीक किया जा सकता है, पर छह सप्ताह बीतने के बाद हाथ-पैर टेढ़े होने लगते हैं और इलाज काफी मुश्किल हो जाता है। ज्यादा समय बीतने पर यह बीमारी फेफड़ों तक भी पहुंच सकती है।

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  • Web Title:Three times more arthritis in women