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24 नवंबर, 2020|7:08|IST

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कोरोना काल में डॉग्स की डिमांड बढ़ी

कोरोना काल में डॉग्स की डिमांड बढ़ी

कोरोना महामारी से बचने के लिए लोग घरों में कैद हो गये थे। घर की चहारदीवारी से उपजी उब को खत्म करने के चलते पिछले चार महीने में पालतू पशुओं खासकर विदेशी नस्ल के कुत्तों के खरीदारों की संख्या बढ़ी है। इनकी मांग काफी बढ़ गई। लिहाजा सभी नस्ल के डॉग्स ब्रीड्स के दाम दोगुने हो गए हैं। पेट्स कारोबारियों से बात करने पर यह बात सामने आई है कि कोरोना के कारण पालतू पशुओं के प्रति लोगों का आकर्षण बढ़ा है। वहीं डिमांड ज्यादा और ट्रांसपोर्टिंग कम होने के चलते पालतू पशुओं की कीमतें बढ़ गई हैं। पशु के शौकीन ऊंची कीमत देकर कुत्ते, बिल्ली आदि की खरीदारी कर रहे हैं। हालांकि ज्यादातर लोग ब्रीड्स के दाम कम होने का इंतजार कर रहे हैं। बाहर से डॉग्स आने पर कीमतें में गिरेगी। कुछ दिनों बाद फिर से सामान्य दामों में डॉग्स मिलने लगेंगे। बिष्टुपुर के पेट्स कारोबारी विशाल सिंह की मानें तो शहर में 80 प्रतिशत ब्रीड्स बाहर से मंगाए जाते हैं। कोलकाता, मुंबई, बनारस और पटना से डॉग्स के ब्रीड्स मंगाए जाते हैं, लेकिन इस बार डिमांड ज्यादा है और ट्रांसपोर्टिंग में परेशानी के चलते डॉग्स कम आ पाए हैं।

शहर में 20 फीसद डॉग्स की ब्रीडिंग

शहर में सिर्फ 20 प्रतिशत डॉग्स की ब्रीडिंग होती है। वहीं पशुप्रेमी विनीत सहाय का कहना है कि शहर में इस बार सामान्य की तुलना में 10 प्रतिशत डॉग्स ब्रीड्स पैदा हुए हैं। बाहर से असली ब्रीड्स नहीं मिल रहे हैं। ऐसे में पैसे फंसने का डर है।

जर्मन शेफर्ड, लेब्राडोर, बीगल की डिमांड

बकौल विनीत सहाय, शहर के पशुप्रेमियों में जर्मन शेफर्ड, लेब्राडोर, गोल्डेन रिट्रीवर, बीगल, पग, स्पीच की ज्यादा डिमांड है। बाजार में इसकी कीमत 20 से 25 हजार रुपये है। जबकि पहले 10 से 12 हजार रुपये तक डॉग्स ब्रीड मिल जाते थे। बीगल और गोल्डेन रिट्रीवर प्रजाति के डॉग्स की कीमत भी 30 से 35 हजार रुपये तक हो गई है। लॉकडाउन से पहले लेब्रा 10 हजार, बीगल 15 से 20 हजार, जर्मन शेफर्ड 15 से 17 हजार रुपये के बीच था। फिलहाल लेब्रा 18 से 20 हजार और जर्मन शेफर्ड 25 हजार रुपये में मिल रहा है।

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  • Web Title:The demand for dogs increased during the Corona era