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23 जनवरी, 2020|7:34|IST

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टाटानगर रेलवे चाइल्डलाइन ने छह महीने में 509 बच्चों को पहुंचाया घर

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टाटानगर रेलवे चाइल्ड लाइन ने छह महीने में 509 बच्चों को घर पहुचाने में सफलता पाई। इनमें 257 बच्चे घर से भागे हुए पाए गए हैं, जो चौकाने वाला आकड़ा है। इसके अलावा भटकते हुए 130 बच्चों को उनके परिवार से मिलाने में सफलता प्राप्त की है। इनमें से कुछ अब भी चाइल्ड लाइन के पास हैं। इन बच्चों में सबसे ज्यादा ग्रामीण इलाकों तथा पड़ोसी राज्य से भी भागे हुए हैं, जिनमें ओडिशा के ज्यादातर बच्चे हैं। बच्चे के मिलने के बाद सबसे पहले उनकी काउंसिलिंग की जाती है। इसमें बच्चे यह बात खुद स्वीकार करते हैं कि अपनी मर्जी से, किसी साथी या अकेले ही घर से निकले हैं। रेलवे चाइल्ड लाइन की टीम ट्रेनों में अकेले बच्चों की जांच करती है। चाइल्ड लाइन के नौ लोगों की टीम 24 घंटे काम करती है। इस टीम को तीन भागों में बांटा गया है, जो तीन शिफ्ट में कार्य करती है । सभी ट्रेनों को खंगालती है टीम : टाटानगर स्टेशन से कोई भी ट्रेन गुजरती है या फिर रुकती है तो उसे चाइल्ड लाइन की टीम उसमें जाकर ट्रेन को खंगालती है। जहां भी किसी बच्चे पर शंका होती है, उन्हें पूछताछ कर रेलवे चाइल्ड लाइन में आश्रय दिया जाता है। उन्हें आश्रय तब दिया जाता है, जब तक उन्हें सुरक्षित उनके परिजनों तक न पहुंचा दिया जाए।

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  • Web Title:Tatanagar Railway Childline takes 509 children home in six months